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Shahjahanpur News: छात्र हुंकार आंदोलन के बाद फीस सेमेस्टरवार करने पर बनी सहमति
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शाहजहांपुर में जुलूस निकालते विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता। संवाद
शाहजहांपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में पूरे साल की फीस एक साथ जमा कराने के विरोध में छात्र हुंकार आंदोलन के तहत जुलूस निकालकर विरोध जताया। इस बीच विश्वविद्यालय के गेटों पर ताला डालकर विरोध जताया। छात्रों की मांग पर कुलपति ने तकनीकी तर्क समझाने का प्रयास किया। हालांकि, बाद में मांग को मान लिया।
सुबह करीब दस बजे छात्र आवास विकास कॉलोनी में एकत्र हुए और यहां से जुलूस के रूप में विश्वविद्यालय पहुंचे। छात्र नेताओं ने गेटों पर ताले डालकर प्रदर्शन किया। इस बीच सभा में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर सेमेस्टरवार फीस व्यवस्था लागू करने की मांग की थी।
इसके लिए सात दिन का समय दिया गया था। मांग पूरी न होने पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन शुरू किया। जिला संगठन मंत्री संदीप सागर ने कहा कि एक साथ पूरे साल की फीस जमा करना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ है। महानगर मंत्री आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि छह घंटे के आंदोलन के बाद कुलपति ने मांग स्वीकार कर ली। प्रदर्शन में प्रांत सह मंत्री संजय गुप्ता, आयुष्मान चौहान, योगेंद्र मिश्रा, जितेंद्र पाल, वैभव सक्सेना, सौम्या गुप्ता, रीवा वर्मा, करन सिंह आदि शामिल रहे।
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कुलपति डॉ.पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दो बार में फीस जमा करने पर विद्यार्थी की छात्रवृत्ति अटकने का खतरा रहेगा। परिषद के पदाधिकारियों को तकनीकी चीजों को समझाने का प्रयास भी किया। हालांकि, उनकी बात पर सहमति दी है।
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सुबह करीब दस बजे छात्र आवास विकास कॉलोनी में एकत्र हुए और यहां से जुलूस के रूप में विश्वविद्यालय पहुंचे। छात्र नेताओं ने गेटों पर ताले डालकर प्रदर्शन किया। इस बीच सभा में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर सेमेस्टरवार फीस व्यवस्था लागू करने की मांग की थी।
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इसके लिए सात दिन का समय दिया गया था। मांग पूरी न होने पर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन शुरू किया। जिला संगठन मंत्री संदीप सागर ने कहा कि एक साथ पूरे साल की फीस जमा करना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ है। महानगर मंत्री आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि छह घंटे के आंदोलन के बाद कुलपति ने मांग स्वीकार कर ली। प्रदर्शन में प्रांत सह मंत्री संजय गुप्ता, आयुष्मान चौहान, योगेंद्र मिश्रा, जितेंद्र पाल, वैभव सक्सेना, सौम्या गुप्ता, रीवा वर्मा, करन सिंह आदि शामिल रहे।
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कुलपति डॉ.पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दो बार में फीस जमा करने पर विद्यार्थी की छात्रवृत्ति अटकने का खतरा रहेगा। परिषद के पदाधिकारियों को तकनीकी चीजों को समझाने का प्रयास भी किया। हालांकि, उनकी बात पर सहमति दी है।