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दो एडीओ पंचायत निलंबित, ग्राम प्रधान से भी होगी रिकवरी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:22 PM IST
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तिलहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रानी खिरिया में शौचालयों समेत अन्य निर्माण कार्यों में सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की शासन स्तर पर हुई शिकायत जांच में सही पाए जाने पर डीएम विजय किरन आनंद के आदेश पर वहां के तत्कालीन प्रभारी एडीओ पंचायत हर्षवर्धन श्रीवास्तव और राजेश शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही डीएम ने दोनों निलंबित एडीओ समेत तत्कालीन ग्राम प्रधान से एक लाख रुपये से अधिक धनराशि की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं।
इस तरह शुरू हुई मामले की प्रशासनिक जांच
ग्राम पंचायत रानी खिरिया के रहने वाले नरेंद्र कुमार ने गत वर्ष तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना और अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर गांव में स्वच्छ शौचालय बनाने और अन्य निर्माण कार्यों में लाखों रुपये की शासकीय धनराशि का बेजा इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की थी। प्रशासन स्तर पर शिकायत को कोई तवज्जो नहीं मिलने पर नरेंद्र कुमार ने इसी आशय का प्रार्थना पत्र लखनऊ जाकर पंचायती राज निदेशक को दिया था। निदेशक ने पिछले साल 23 जून को शिकायती पत्र डीएम को भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में निवर्तमान डीएम ने जिला बचत अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी में सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक और तिलहर में तैनात आरईएस के जेई को सदस्य नामित किया गया था।
2.90 लाख रुपये का घपला जांच में हुआ उजागर
जांच अधिकारियों ने मौका मुआयना और संबंधितों से पूछताछ करने पर पाया कि केवल शौचालय निर्माण मद में 90 हजार रुपये का घोटाला किया गया है। निर्माण कार्य की तीन अन्य मदों मेें क्रमश: 88000 रुपये, 80 हजार रुपये और 32500 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया। जांच कमेटी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान उर्मिला देवी से 1.45 लाख रुपये, एडीओ पंचायत राजेश शर्मा से 84 हजार रुपये व हर्षवर्धन श्रीवास्तव से 16250 रुपये और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कमलकांत से 45000 हजार रुपये वसूल किए जाने की संस्तुति की थी।
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स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संदेह गहराया
सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के आरोपियों को 15 दिन में अपना पक्ष रखने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन कमलकांत को छोड़कर अन्य किसी ने जवाब नहीं दिया। रिमाइंडर जारी करने पर भी आरोपियों ने जवाब नहीं दिया। इस पर जांच टीम ने कमलकांत को रिकवरी की कार्रवाई से मुक्त करके जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। डीएम आनंद के आदेश पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने दोनों प्रभारी एडीओ पंचायत को निलंबित करने के साथ सरकारी धन की वसूली कराए जाने के आदेश निर्गत कर दिए।
वरिष्ठ पंचायत सचिवों को मिलेगा कार्यभार
डीएम के स्तर से दोनों एडीओ पंचायत का निलंबन होने के बाद उनका कार्यभार संबंधित ब्लॉकों के वरिष्ठ ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया जाएगा। ग्राम प्रधान समेत सभी आरोपियों से सरकारी धन की वसूली कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है।
-चंद्रिका प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी
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इस तरह शुरू हुई मामले की प्रशासनिक जांच
ग्राम पंचायत रानी खिरिया के रहने वाले नरेंद्र कुमार ने गत वर्ष तत्कालीन डीएम शुभ्रा सक्सेना और अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर गांव में स्वच्छ शौचालय बनाने और अन्य निर्माण कार्यों में लाखों रुपये की शासकीय धनराशि का बेजा इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की थी। प्रशासन स्तर पर शिकायत को कोई तवज्जो नहीं मिलने पर नरेंद्र कुमार ने इसी आशय का प्रार्थना पत्र लखनऊ जाकर पंचायती राज निदेशक को दिया था। निदेशक ने पिछले साल 23 जून को शिकायती पत्र डीएम को भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में निवर्तमान डीएम ने जिला बचत अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी में सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक और तिलहर में तैनात आरईएस के जेई को सदस्य नामित किया गया था।
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2.90 लाख रुपये का घपला जांच में हुआ उजागर
जांच अधिकारियों ने मौका मुआयना और संबंधितों से पूछताछ करने पर पाया कि केवल शौचालय निर्माण मद में 90 हजार रुपये का घोटाला किया गया है। निर्माण कार्य की तीन अन्य मदों मेें क्रमश: 88000 रुपये, 80 हजार रुपये और 32500 रुपये का दुरुपयोग होना पाया गया। जांच कमेटी ने तत्कालीन ग्राम प्रधान उर्मिला देवी से 1.45 लाख रुपये, एडीओ पंचायत राजेश शर्मा से 84 हजार रुपये व हर्षवर्धन श्रीवास्तव से 16250 रुपये और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कमलकांत से 45000 हजार रुपये वसूल किए जाने की संस्तुति की थी।
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स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर संदेह गहराया
सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के आरोपियों को 15 दिन में अपना पक्ष रखने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन कमलकांत को छोड़कर अन्य किसी ने जवाब नहीं दिया। रिमाइंडर जारी करने पर भी आरोपियों ने जवाब नहीं दिया। इस पर जांच टीम ने कमलकांत को रिकवरी की कार्रवाई से मुक्त करके जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। डीएम आनंद के आदेश पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने दोनों प्रभारी एडीओ पंचायत को निलंबित करने के साथ सरकारी धन की वसूली कराए जाने के आदेश निर्गत कर दिए।
वरिष्ठ पंचायत सचिवों को मिलेगा कार्यभार
डीएम के स्तर से दोनों एडीओ पंचायत का निलंबन होने के बाद उनका कार्यभार संबंधित ब्लॉकों के वरिष्ठ ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया जाएगा। ग्राम प्रधान समेत सभी आरोपियों से सरकारी धन की वसूली कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है।
-चंद्रिका प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी