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Shahjahanpur News: एनजीओ के पोषण से सेहतमंद बनेंगे क्षय रोगी
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बॉटम...
- शासन के निर्देश के बाद गोद लेने वाले एनजीओ को मिलेगी टीबी रोगियों की धनराशि
- गोद लेने के बाद टीबी रोगियों को भूले जिम्मेदार, पोषण सामग्री उपलब्ध कराना तो दूर, बात तक नहीं की
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। शासन ने टीबी से ग्रसित मरीजों को गोद लेने की व्यवस्था में बदलाव किया है। अब इन मरीजों की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंपी गई है। टीबी रोगियों के लिए आना वाला रुपया भी अब एनजीओ को ही मिलेगा। एनजीओ पोषण पैकेट बनाकर क्षय रोगियों को बांटेंगे।
वर्ष 2022 में 9171 टीबी रोगियों का चिह्नांकन हुआ था। इनमें 5703 रोगी उपचार के बाद स्वस्थ हो गए, जबकि 4280 का अभी उपचार चल रहा है। इनमें 1015 टीबी रोगियों को चीनी मिल, रोजा चीनी मिल, अधिकारियों और कर्मचारियों व टीबी को मात दे चुके लोगों ने गोद लिया था। नियम के अनुसार, गोद लिए मरीजों के पास पोषण सामग्री पहुंचनी चाहिए थी, लेकिन अधिकतर ने मरीजों को गोद लेने के बाद उनकी सुध तक नहीं ली।
शासन को ऐसी शिकायतें लगातार मिलने के चलते व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया। क्षय रोग विभाग के जिला समन्वयक रंजीत सक्सेना ने बताया कि क्षय रोगियों को पोषण सामग्री देने का शासनादेश आ गया है। अब गोद लेने वाली संस्थाएं क्षय रोगियों के लिए धनराशि का आवंटन एनजीओ को करेंगी। एनजीओ के माध्यम से ही चना, सोयाबीन, मूंगफली, बॉर्नविटा आदि का पैकेट बनाकर मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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पूर्व में इन्होंने लिए मरीज गोद
50 मरीज डालमिया चीनी मिल
50 क्षय रोगी रोजा थर्मल पॉवर
750 मरीज जिले की 15 सीएचसी के मरीजों द्वारा
23 मरीज टीबी क्लीनिक मरीजों द्वारा
32 मरीज अधिकारी और कर्मचारियों ने गोद लिए थे।
110 मरीज रेड क्रॉस सोसायटी ने गोद ले रखे हैं।
शासनदेश प्राप्त हो गया है। इसके तहत क्षय रोगियों को पोषण सामग्री को उपलब्ध कराया जाएगा। चीनी मिल द्वारा कार्य को शुरू भी करा दिया गया है।
- डॉ.आरके गौतम, सीएमओ
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- शासन के निर्देश के बाद गोद लेने वाले एनजीओ को मिलेगी टीबी रोगियों की धनराशि
- गोद लेने के बाद टीबी रोगियों को भूले जिम्मेदार, पोषण सामग्री उपलब्ध कराना तो दूर, बात तक नहीं की
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। शासन ने टीबी से ग्रसित मरीजों को गोद लेने की व्यवस्था में बदलाव किया है। अब इन मरीजों की जिम्मेदारी एनजीओ को सौंपी गई है। टीबी रोगियों के लिए आना वाला रुपया भी अब एनजीओ को ही मिलेगा। एनजीओ पोषण पैकेट बनाकर क्षय रोगियों को बांटेंगे।
वर्ष 2022 में 9171 टीबी रोगियों का चिह्नांकन हुआ था। इनमें 5703 रोगी उपचार के बाद स्वस्थ हो गए, जबकि 4280 का अभी उपचार चल रहा है। इनमें 1015 टीबी रोगियों को चीनी मिल, रोजा चीनी मिल, अधिकारियों और कर्मचारियों व टीबी को मात दे चुके लोगों ने गोद लिया था। नियम के अनुसार, गोद लिए मरीजों के पास पोषण सामग्री पहुंचनी चाहिए थी, लेकिन अधिकतर ने मरीजों को गोद लेने के बाद उनकी सुध तक नहीं ली।
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शासन को ऐसी शिकायतें लगातार मिलने के चलते व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया। क्षय रोग विभाग के जिला समन्वयक रंजीत सक्सेना ने बताया कि क्षय रोगियों को पोषण सामग्री देने का शासनादेश आ गया है। अब गोद लेने वाली संस्थाएं क्षय रोगियों के लिए धनराशि का आवंटन एनजीओ को करेंगी। एनजीओ के माध्यम से ही चना, सोयाबीन, मूंगफली, बॉर्नविटा आदि का पैकेट बनाकर मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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पूर्व में इन्होंने लिए मरीज गोद
50 मरीज डालमिया चीनी मिल
50 क्षय रोगी रोजा थर्मल पॉवर
750 मरीज जिले की 15 सीएचसी के मरीजों द्वारा
23 मरीज टीबी क्लीनिक मरीजों द्वारा
32 मरीज अधिकारी और कर्मचारियों ने गोद लिए थे।
110 मरीज रेड क्रॉस सोसायटी ने गोद ले रखे हैं।
शासनदेश प्राप्त हो गया है। इसके तहत क्षय रोगियों को पोषण सामग्री को उपलब्ध कराया जाएगा। चीनी मिल द्वारा कार्य को शुरू भी करा दिया गया है।
- डॉ.आरके गौतम, सीएमओ