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Shahjahanpur News: खोदाई शुरू होने से पहले ही बदल दिया बसों का ठिकाना, दिनभर भटकते रहे यात्री
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अंकित तिवारी। संवाद
- फोटो : 1
शाहजहांपुर। रोडवेज बस अड्डे के सामने ह्यूम पाइप लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई शुरू भी नहीं हुई थी कि परिवहन निगम ने मंगलवार सुबह से पुराने बस अड्डे से बसों का संचालन बंद कर दिया। बिना पर्याप्त प्रचार-प्रसार और सूचना के अचानक रूट बदलने से यात्री दिनभर बसों के लिए भटकते रहे। रेलवे स्टेशन और दूसरे मार्गों से शाहजहांपुर पहुंचे यात्रियों को दिल्ली, बरेली, पलिया, खुटार और पीलीभीत जाने के लिए हथौड़ा चौराहा और सेटेलाइट बस अड्डे तक पहुंचना पड़ा। इससे यात्रियों का समय और किराया दोनों बढ़ गया।
रोडवेज बस अड्डे पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए दुर्गा होटल से महिला थाने तक पाइप लाइन डाली जा रही है। सात सितंबर से शुरू हुए काम के तहत सोमवार रात तक पुलिस लाइन गेट के सामने स्टैंड तक खोदाई हो चुकी थी। मंगलवार दोपहर तक बस अड्डे के सामने सड़क की खोदाई शुरू नहीं हुई थी, लेकिन इससे पहले ही सुबह से बसों का संचालन यहां से बंद कर दिया गया। बस अड्डे के बाहर बैरियर लगाकर जेसीबी खड़ी कर दी गई। दूसरे डिपो की बसों को भी यहां आने के बजाय बाहर से ही लौटाया जाने लगा।
इसकी जानकारी यात्रियों को पहले से नहीं दी गई। न तो प्रमुख स्थानों पर सूचना चस्पा की गई और न ही बस अड्डे पर नियमित एनाउंसमेंट कराया गया। ऐसे में रेलवे स्टेशन से आने वाले और पुवायां, खुटार व पीलीभीत की ओर से पहुंचे यात्री पुराने बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते रहे। बाद में यातायात पुलिस या अन्य यात्रियों से जानकारी मिलने पर उन्हें हथौड़ा चौराहा या सेटेलाइट बस अड्डे जाना पड़ा।
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पलिया जाने के लिए आईं रामलली ने बताया कि वह करीब दो घंटे से बस का इंतजार कर रहीं थीं, लेकिन बस अड्डे पर एक भी बस नहीं मिली।
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217 बसों का संचालन, दिल्ली रूट पर 30
परिवहन निगम की 217 बसों का संचालन जिले से होता है। इनमें 69 अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। निगम का प्रतिदिन करीब 32 लाख रुपये राजस्व का लक्ष्य है। करीब 30 बसें दिल्ली रूट पर संचालित होती हैं। पुराने बस अड्डे से संचालन बंद होने का असर कई प्रमुख रूटों के यात्रियों पर पड़ा। पांच अक्तूबर तक डायवर्जन लागू रहेगा।
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वर्कशॉप में खड़ी रहीं बसें, यात्री नहीं पहुंचे
पुराने बस अड्डे के वर्कशॉप परिसर में पलिया, खुटार और मैलानी जाने वाली कई बसें खड़ी रहीं। पुवायां और पीलीभीत रूट की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। यात्रियों को नए स्थान से बसें चलने की जानकारी नहीं होने के कारण पर्याप्त सवारी नहीं मिल सकी। पर्याप्त सवारी होने पर बस चलाने के नियम के चलते कई यात्री डग्गामार वाहनों का सहारा लेते नजर आए।
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खोदाई नहीं, फिर भी लगा दिया बैरियर
बस अड्डे के सामने जिस स्थान पर पाइप लाइन के लिए खोदाई की जानी है, वहां मंगलवार दोपहर तक काम शुरू नहीं हुआ था। इसके बावजूद रास्ते पर बैरियर लगाकर जेसीबी खड़ी कर दी गई। इससे दोपहिया वाहनों के निकलने में भी परेशानी हुई। दूसरे डिपो की बसों को भी बैरियर से ही वापस कर दिया गया। बसों को शहर के बाहर व्यवस्थित रूप से रोकने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
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सेटेलाइट बस अड्डे पर भी नहीं दिखी चहल-पहल
रोजा-निवाजपुर स्थित सेटेलाइट बस अड्डे पर भी मंगलवार को सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही। बस पहुंचने के बाद उसकी एंट्री कराकर रवाना कर दिया गया। वहीं हथौड़ा चौराहे से बसों का संचालन किया गया। अचानक व्यवस्था बदलने के कारण यात्रियों को नए स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हुई।
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फोटो 16
यहां से बसों का संचालन नहीं होने की जानकारी नहीं थी। काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं। कोई सूचना भी चस्पा नहीं की, साथ ही एनाउंस भी नहीं हो रहा है। इससे काफी परेशान होना पड़ा।
-अनुराग शर्मा, यात्री
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फोटो 15
बस अड्डे पर आने पर यातायात पुलिस के जरिये सेटेलाइट बस अड्डे से संचालन की जानकारी हुई है। बिना प्रचार-प्रसार के ही संचालन बंद कर दिया। अब सेटेलाइट जाने पर रुपये के साथ समय भी खर्च होगा।
-अंकित तिवारी, यात्री
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बसों का संचालन सेटेलाइट और हथौड़ा चौराहे से किया जा रहा है। पुराने बस अड्डे पर संबंधित को एनाउंसमेंट कराने के निर्देश दिए गए हैं। काम पूरा होने के बाद पहले की तरह बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
- अरुण कुमार, एआरएम
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खोदाई का काम समय से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अक्तूबर में रामलीला का मंचन होना है, इसलिए काम समय से पूरा होना जरूरी है।
- रणवीर सिंह, सीओ यातायात
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रोडवेज बस अड्डे पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए दुर्गा होटल से महिला थाने तक पाइप लाइन डाली जा रही है। सात सितंबर से शुरू हुए काम के तहत सोमवार रात तक पुलिस लाइन गेट के सामने स्टैंड तक खोदाई हो चुकी थी। मंगलवार दोपहर तक बस अड्डे के सामने सड़क की खोदाई शुरू नहीं हुई थी, लेकिन इससे पहले ही सुबह से बसों का संचालन यहां से बंद कर दिया गया। बस अड्डे के बाहर बैरियर लगाकर जेसीबी खड़ी कर दी गई। दूसरे डिपो की बसों को भी यहां आने के बजाय बाहर से ही लौटाया जाने लगा।
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इसकी जानकारी यात्रियों को पहले से नहीं दी गई। न तो प्रमुख स्थानों पर सूचना चस्पा की गई और न ही बस अड्डे पर नियमित एनाउंसमेंट कराया गया। ऐसे में रेलवे स्टेशन से आने वाले और पुवायां, खुटार व पीलीभीत की ओर से पहुंचे यात्री पुराने बस अड्डे पर बसों का इंतजार करते रहे। बाद में यातायात पुलिस या अन्य यात्रियों से जानकारी मिलने पर उन्हें हथौड़ा चौराहा या सेटेलाइट बस अड्डे जाना पड़ा।
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पलिया जाने के लिए आईं रामलली ने बताया कि वह करीब दो घंटे से बस का इंतजार कर रहीं थीं, लेकिन बस अड्डे पर एक भी बस नहीं मिली।
217 बसों का संचालन, दिल्ली रूट पर 30
परिवहन निगम की 217 बसों का संचालन जिले से होता है। इनमें 69 अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। निगम का प्रतिदिन करीब 32 लाख रुपये राजस्व का लक्ष्य है। करीब 30 बसें दिल्ली रूट पर संचालित होती हैं। पुराने बस अड्डे से संचालन बंद होने का असर कई प्रमुख रूटों के यात्रियों पर पड़ा। पांच अक्तूबर तक डायवर्जन लागू रहेगा।
वर्कशॉप में खड़ी रहीं बसें, यात्री नहीं पहुंचे
पुराने बस अड्डे के वर्कशॉप परिसर में पलिया, खुटार और मैलानी जाने वाली कई बसें खड़ी रहीं। पुवायां और पीलीभीत रूट की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। यात्रियों को नए स्थान से बसें चलने की जानकारी नहीं होने के कारण पर्याप्त सवारी नहीं मिल सकी। पर्याप्त सवारी होने पर बस चलाने के नियम के चलते कई यात्री डग्गामार वाहनों का सहारा लेते नजर आए।
खोदाई नहीं, फिर भी लगा दिया बैरियर
बस अड्डे के सामने जिस स्थान पर पाइप लाइन के लिए खोदाई की जानी है, वहां मंगलवार दोपहर तक काम शुरू नहीं हुआ था। इसके बावजूद रास्ते पर बैरियर लगाकर जेसीबी खड़ी कर दी गई। इससे दोपहिया वाहनों के निकलने में भी परेशानी हुई। दूसरे डिपो की बसों को भी बैरियर से ही वापस कर दिया गया। बसों को शहर के बाहर व्यवस्थित रूप से रोकने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई।
सेटेलाइट बस अड्डे पर भी नहीं दिखी चहल-पहल
रोजा-निवाजपुर स्थित सेटेलाइट बस अड्डे पर भी मंगलवार को सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही। बस पहुंचने के बाद उसकी एंट्री कराकर रवाना कर दिया गया। वहीं हथौड़ा चौराहे से बसों का संचालन किया गया। अचानक व्यवस्था बदलने के कारण यात्रियों को नए स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हुई।
फोटो 16
यहां से बसों का संचालन नहीं होने की जानकारी नहीं थी। काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं। कोई सूचना भी चस्पा नहीं की, साथ ही एनाउंस भी नहीं हो रहा है। इससे काफी परेशान होना पड़ा।
-अनुराग शर्मा, यात्री
फोटो 15
बस अड्डे पर आने पर यातायात पुलिस के जरिये सेटेलाइट बस अड्डे से संचालन की जानकारी हुई है। बिना प्रचार-प्रसार के ही संचालन बंद कर दिया। अब सेटेलाइट जाने पर रुपये के साथ समय भी खर्च होगा।
-अंकित तिवारी, यात्री
बसों का संचालन सेटेलाइट और हथौड़ा चौराहे से किया जा रहा है। पुराने बस अड्डे पर संबंधित को एनाउंसमेंट कराने के निर्देश दिए गए हैं। काम पूरा होने के बाद पहले की तरह बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
- अरुण कुमार, एआरएम
खोदाई का काम समय से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अक्तूबर में रामलीला का मंचन होना है, इसलिए काम समय से पूरा होना जरूरी है।
- रणवीर सिंह, सीओ यातायात

अंकित तिवारी। संवाद- फोटो : 1

अंकित तिवारी। संवाद- फोटो : 1

अंकित तिवारी। संवाद- फोटो : 1