Shahjahanpur: रोजा के रेलवे रैक प्वाइंट पर ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लगा जाम, हाईवे पर लगी लंबी कतार
रेलवे रैक प्वाइंट के गेट पर सरकारी गोदामों से गेहूं लेकर आए ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों में गेट के पास वाहन लगाने की होड़ लग गई। उन्होंने अपने वाहन आड़े तिरछे खड़े कर दिए, जिससे हाईवे पर जाम लग गया।
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शाहजहांपुर के रोजा में रेलवे रैक प्वाइंट पर शुक्रवार सुबह गेहूं की रैक लोड होने का काम शुरू होते ही वहां ट्रकों और ट्रैक्टर ट्रॉलियों के आड़े-तिरछे खड़े होने से लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर जाम लगने लगा। करीब तीन घंटे तक जाम लगे रहने से हाईवे पर रेलवे के पुराने ओवरब्रिज से लेकर जमुका दोराहा से पहले तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
इस दौरान हाईवे पर लंबी दूरी के वाहन अटसलिया बाईपास से निकलते रहे, लेकिन जमुका से शहर की ओर आने वाले और अन्य नजदीकी गांवों के लोगों को जाम से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। रेलवे प्वाइंट के प्लेटफार्म नंबर तीन पर सुबह आठ बजे गेहूं की रैक लोड करने को खाली मालगाड़ी भेजी गई।
रैक प्वाइंट के गेट पर सरकारी गोदामों से गेहूं लेकर आए ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों में गेट के पास वाहन लगाने की होड़ लग गई। कुछ ही देर में वहां गेहूं से लोड वाहनों की एक कतार रोड पटरी के नीचे और दो कतारें रोड पर लग गईं। रैक प्वाइंट के गेट के पास गड्ढों में बारिश का पानी भरा होने से वाहन चालक उधर से निकलने से कतराए तो अन्य कतारों में शामिल वाहनों के आगे बढ़ने का रास्ता बंद हो गया।
घंटों फंसे रहे वाहन
रैक प्वाइंट के एक ओर रेलवे के पुराने ओवरब्रिज तक और दूसरी ओर जमुका दोराहा से पहले जमुही गांव के सामने तक जाम में फंसे वाहनों की कतार लग गई। जाम में कई स्कूली बसें और रोजा से सीतापुर मार्ग पर सवारियां ढोने वाले तमाम डग्गामार वाहन भी घंटों फंसे रहे। दिन में लगभग 11 बजे सीतापुर की ओर से कुछ वाहनों पर सवार लोगों ने सड़क पर तिरछे खड़े वाहन सीधे कराकर अपने निकलने का रास्ता बनाया।
इसके बाद भी रैक प्वाइंट गेट के पास वाहनों का इतना जमावड़ा रहा कि करीब दो घंटे वहां वनवे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रही। इसके तहत सीतापुर और बरेली दिशा के वाहन बारी-बारी ठहराव लेकर निकलते रहे। प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह का कहना है कि खाद्यान्न रैक की लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान हर बार जाम लगने की समस्या खत्म करने के लिए स्टेशन अधीक्षक से पत्राचार कर उनसे रैक प्वाइंट पर आरपीएफ के जवान तैनात करने को कहा, लेकिन रेल विभाग से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है।