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अतिक्रमण की अनदेखी, अस्तित्व पर संकट

Mon, 09 May 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Mon, 09 May 2016 12:00 AM IST
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Trespassing , ignoring the existence crisis
अतिक्रमण की अनदेखी, अस्तित्व पर संकट
जल संकट के मुहाने पर हम यूं ही नहीं खड़े हुए हैं। कभी जल स्तर को बनाए रखने वाले बड़े बड़े जलाशय और तालाब अतिक्रमण का शिकार होकर पूरी तरह पट चुके हैं या फिर पाटे जा रहे हैं। एक तरफ सोमवार को परशुराम जयंती मनाई जाएगी दूसरी तरफ श्रद्धालु परशुराम मंदिर के सामने उस रामताल में स्नान ध्यान करने को मजबूर होंगे जिसमें घरों का गंदा पानी बह रहा है। अनदेखी इतनी हुई कि रामताल का रकबा 15 बीघा कम हो गया और लोगों ने वहां अपने मकान खड़े कर लिए। जमदग्नि झील का भी यही हाल है। उससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में 65 बीघे रकबे वाला भक्सी का तालाब पूरी तरह पाटकर खेती की जा रही है और प्रशासन ने आज तक कोई कदम ही नहीं उठाया। अब्दालपुर अलबेला ग्राम पंचायत के गांव खलसा तथा झौहना के बीच स्थित भक्सी के तालाब को पूरी तरह से पाटकर अब उस पर खेती हो रही है। 15 साल पहले तक अस्तित्व में रहने वाला यह तालाब अब खेत नजर आता है। झील सूखने पर शुरू हुई इसकी पटान को रोकने की कोशिश नहीं की गई। 65 बीघा का तालाब अब खेत बन चुका है। सरकारी अभिलेख में यह स्थान 65 बीघे के तालाब के रूप में दर्ज है। वहीं भगवान परशुराम मंदिर के सामने स्थित रामताल तालाब का रकबा राजस्व अभिलेखों में करीब 82 बीघे दर्ज है लेकिन हकीकत में यहां 15 बीघे से अधिक क्षेत्र में तालाब पाटकर मकान खड़े कर लिए गए हैं। रही सही कसर तब पूरी हो गई जब नगर पालिका बनने के बाद पालिका प्रशासन ने मोहल्लों का सीवेज और नाली का पानी रामताल में ही खोल दिया। श्रद्धालु यहां स्नान कर अपने इष्ट का दर्शन करते हैं। अब अतिक्रमणकारियों की नजर भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि के गांव ढकियाइन में स्थित आश्रम के सामने की जमदग्नि झील पर गड़ गई है। 25 बीघे के इस झील का किनारे पर अतिक्रमण शुरू हो गया है। 
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भक्सी तालाब में हुआ था सहस्त्रबाहु की सेना का संहार
अनुश्रुति है कि भगवान परशुराम का जब क्षेत्र के गांव कटका में सहस्रबाहु से युद्ध हुआ था तब सहस्त्रबाहु की सेना इस ओर भागी थी। तब भगवान परशुराम ने उन सभी का वध कर उनके शव इसी तालाब में भर दिए थे। काफी समय पहले तक भक्सी का तालाब लोगों के बीच आस्था का केंद्र रहा है। अब्दालपुर अलबेला के नव निर्वाचित ग्राम प्रधान राजेश का कहना है 15 साल पहले तक भक्सी तालाब का अस्तित्व था। बाद में इसे पाट दिया गया। इसकी शिकायत डीएम से की गई है। 
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कई बार हो चुकी है शिकायतें 
रामताल को पाटकर मकान बनाने की शिकायतें कई बार की गईं। जमदग्नि झील पर अवैध कब्जे की शिकायतें की जा रही हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन आंख बंद किए बैठा है। भगवान परशुराम जन्म भूमि प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार अवैध कब्जे की शिकायत कर तालाबों को अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराने की गुहार लगाई गई लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। 
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शिकायतें बड़े तालाबों पर कब्जे की हैं। नगरपालिका परिषद के स्वामित्व में केवल छोटे तालाब हैं। अधिक रकबे के बड़े तालाबों की देखरेख की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन के पास है। संजय पाठक, चेयरमैन, नगरपालिका परिषद 

पिछले साल दिसंबर में नगर पालिका बोर्ड ने प्रस्ताव पासकर इन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए तत्कालीन डीएम को अनुरोध पत्र भेजा था। उस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।nएनके गुप्ता, ईओ, नगरपालिका परिषद


अभी तक ये मामले मेरे संज्ञान में नहीं थे। ऐतिहासिक महत्व के तालाबों को बचाने के लिए मौके पर जांच कराई जाएगी। अतिक्रमण पाए जाने की दशा में संबंधितों की जवाबदेही और जिम्मेदारी तय होगी।  विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी
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