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Shahjahanpur News: दूसरे दिन भी खुटार-पुवायां के बीच बंद रहा आवागमन

Fri, 07 Jul 2023 12:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 12:59 AM IST
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Traffic remained closed between Khutar-Puwayan for the second day as well
भैंसी नदी पुल के पास से पंपिग सेट से टैंकरों में भरा जाता पानी
पुवायां। भैंसी नदी पुल के पास साइड रोड पर कई फुट पानी भरा होने के कारण दूसरे दिन भी खुटार-पुवायां हाईवे पर आवागमन बाधित रहा। वाहनों को बंडा होकर खुटार और पुवायां के लिए निकाला गया। देर शाम तक हाईवे निर्माण करा रहे ठेकेदार के कर्मचारी नदी से मलबा हटाने में जुटे रहे। देर रात तक आवागमन शुरू होने की संभावना है।
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लखनऊ-पलिया हाईवे का शाहजहांपुर से खुटार के बीच का हिस्सा निर्माणाधीन है। हाईवे के साथ ही भैंसी नदी का पुल भी बन रहा है, जिस कारण पुल के साइड से वाहन निकालने के लिए रोड बनाई गई है। हाईवे की अपेक्षा साइड रोड काफी नीची होने के कारण यहां 20 फिट से अधिक पानी भर गया था।
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उधर, हाईवे निर्माण करा रही कंपनी के कर्मचारियों ने अन्य जगहों से उठाए गए मलबे और मिट्टी को पुल के पूरब में नदी में ही डाल दिया था। इससे नदी में पानी का निकास धीमा हो गया था। बृहस्पतिवार को भी रोड पर दस फुट तक पानी भरा रहने के कारण आवागमन बंद रहा। दोपहर बाद जेसीबी लगाकर नदी से मलबा और मिट्टी हटाने, पंपिंग सेट और टैंकरों से पानी खींचने का काम शुरू किया गया। मलबा हटने से पानी का बहाव आगे की ओर होने से जल जमाव कम होगा। अगर और बारिश न हुई तो देर रात तक आवागमन सुचारू हो सकता है। वहीं बृहस्पतिवार को भी वाहनों को पुवायां से बंडा होते हुए खुटार और खुटार से बंडा होते हुए पुवायां की ओर निकाला गया। रोडवेज बसें भी वाया बंडा होकर निकलीं, इससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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नदी को पाट कर खेती और खनन से बिगड़े हालात

भैंसी नदी में कई वर्ष से पानी नहीं है। इस कारण तमाम किसानों ने नदी को पाटकर खेती शुरू कर दी है। कई जगह अवैध रेत खनन भी किया जा रहा है। बारिश में भैंसी नदी और गोमती नदी के बीच लगभग ३० किमी का क्षेत्र काफी नीचा है। बारिश के बाद आसपास के तमाम क्षेत्र का पानी इसी क्षेत्र में आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी पाटे जाने के कारण पानी आगे नहीं निकल सका और पुल के पास भरने से आवागमन बंद हो गया।


खड़ंजे, कच्चे रास्ते और रोड कटे

पुवायां, खुटार और बंडा में कई स्थानों पर रोड, खड़ंजे और मनरेगा के तहत बनवाए गए मार्ग तेज बहाव के कारण कट गए हैं। सिरयाली फार्म से नत्थापुर जाने वाला मार्ग कट गया है। खखरा जाने वाला मार्ग भी कट गया है और पुलिया बह गई है।



धान की रोपाई रुकी, पहले से रोपे गए धान में नुकसान की आशंका

खेतों में मेड़ों के ऊपर से पानी बह रहा है। कई जगह निचले हिस्सों में पहले से रोपे गए धान की फसल पूरी तरह से डूब गई है। किसानों का कहना है कि पानी कम नहीं हुआ और धूप हुई तो धान की फसल गलने से नुकसान हो सकता है। पकी खड़ी मक्का की फसल में भी नुकसान हुआ है। सब्जी वाले किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। पानी भरने से तोरई, लौकी, टमाटर, भिंडी की फसल के पूरी तरह से नष्ट होने के आसार हैं।

भैंसी नदी पुल के पास से पंपिग सेट से टैंकरों में भरा जाता पानी

भैंसी नदी पुल के पास से पंपिग सेट से टैंकरों में भरा जाता पानी

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