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तोनी गांव के ग्रामीणों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
शाहजहांपुर
Updated Tue, 02 Jun 2015 11:47 PM IST
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अतिवृष्टि से फसली नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने पर मंगलवार को भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव तोनी के रहने वाले किसानों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। अफसरों के तहसील दिवस मेें व्यस्त होने के कारण बाद में ग्रामीण सदर तहसील जाकर डीएम शुभ्रा सक्सेना से मिले और उन्हें ज्ञापन देकर आर्थिक सहायता जल्द दिलाने की मांग की।
दरअसल, किसानों को फसली नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने शासन से 131 करोड़ रुपये की धनराशि मांगी थी। शासन से राहत मद में दो किश्तों में 40.70 करोड़ रुपये मिले और यह धनराशि करीब सवा लाख किसानों में वितरित की जा चुकी है, लेकिन तोनी गांव में नुकसान से प्रभावित किसानों को खेतों का सर्वे किए जाने के बावजूद राहत सहायता नहीं मिल पाई। इस संबंध में किसानों ने भावलखेड़ा ब्लॉक कार्यालय और तहसील जाकर फरियाद की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसी के विरोध में तोनी निवासी मनमोहन वाजपेयी, अपने साथ हरीशंकर, संजीव कुमार, रामपाल वर्मा, विशंभर दयाल, रघुनाथ, दीपक कुमार, रामनाथ, रमाकांत वर्मा, सर्वेश गुप्ता आदि किसानों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। चूंकि, उस वक्त कलक्ट्रेट के सारे अधिकारी तहसील दिवस में व्यस्त थे। इसलिए ग्रामीणों का जत्था सदर तहसील जाकर डीएम से मिला और उनसे अपनी बात कही।
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ज्ञापन में कहा गया है कि तोनी गांव में हुए फसली नुकसान का क्षेत्र के लेखपाल द्वारा सर्वे किया जा चुका है। बावजूद इसके अभी तक सरकार द्वारा दी जाने वाली मुआवजा की धनराशि का वितरण नहीं कराया गया है। इस वजह से नुकसान से प्रभावित किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, आपदा राहत वितरण कार्य देख रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने बताया शासन से राहत मद में अवशेष धनराशि जारी होते ही उसका वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
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दरअसल, किसानों को फसली नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने शासन से 131 करोड़ रुपये की धनराशि मांगी थी। शासन से राहत मद में दो किश्तों में 40.70 करोड़ रुपये मिले और यह धनराशि करीब सवा लाख किसानों में वितरित की जा चुकी है, लेकिन तोनी गांव में नुकसान से प्रभावित किसानों को खेतों का सर्वे किए जाने के बावजूद राहत सहायता नहीं मिल पाई। इस संबंध में किसानों ने भावलखेड़ा ब्लॉक कार्यालय और तहसील जाकर फरियाद की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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इसी के विरोध में तोनी निवासी मनमोहन वाजपेयी, अपने साथ हरीशंकर, संजीव कुमार, रामपाल वर्मा, विशंभर दयाल, रघुनाथ, दीपक कुमार, रामनाथ, रमाकांत वर्मा, सर्वेश गुप्ता आदि किसानों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। चूंकि, उस वक्त कलक्ट्रेट के सारे अधिकारी तहसील दिवस में व्यस्त थे। इसलिए ग्रामीणों का जत्था सदर तहसील जाकर डीएम से मिला और उनसे अपनी बात कही।
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ज्ञापन में कहा गया है कि तोनी गांव में हुए फसली नुकसान का क्षेत्र के लेखपाल द्वारा सर्वे किया जा चुका है। बावजूद इसके अभी तक सरकार द्वारा दी जाने वाली मुआवजा की धनराशि का वितरण नहीं कराया गया है। इस वजह से नुकसान से प्रभावित किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, आपदा राहत वितरण कार्य देख रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने बताया शासन से राहत मद में अवशेष धनराशि जारी होते ही उसका वितरण शुरू करा दिया जाएगा।