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पिंजड़े के पास होकर लौट गया बाघ
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मीरानपुर कटरा-क्षेत्र के गांव नगला मधा में बाघ को पकड़ने के लिए गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया गया?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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मीरानपुर कटरा। बाघ रविवार की रात पिंजड़े से करीब दस मीटर की दूरी से होकर गुजर गया। बावजूद इसके बाघ ने पिंजड़े में बंधे पड्डे पर हमला नहीं किया। इसके बाद वन विभाग ने पिंजड़ा दूसरी जगह लगाने का इरादा बदल दिया है।
दस जनवरी से गांव नगला ब्राहिम के निकट गन्ने के खेत में अपना ठिकाना बना चुका बाघ करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए दहशत का कारण बना हुआ है। बाघ की वजह से ग्रामीण अपनी फसल की देखरेख करने तक खेत पर नहीं जा रहे हैं। बाघ के ठिकाने के सामने से गुजरी सड़क पर शाम पांच बजे से ही सन्नाटा पसर जाता है। अंधेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों में दुबक जाते हैं। गांव नगला मधा और मकरंदापुर के जंगल में बाघ की चहलकदमी देख वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों गांवों के पास खेत में बाघ को पकड़ने के लिए पिंजड़े लगवा दिए थे। कई दिन तक बाघ के इस ओर न आने पर वन विभाग के अधिकारी पिंजड़ों की लोकेशन बदलने पर विचार कर रहे थे। रविवार रात बाघ गांव मकरंदापुर के निकट गन्ने के खेत में लगाए गए पिंजड़े के करीब कैमरे के सामने से होकर गुजर गया। वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी फुटेज देखने पर हुई।
इस संबंध में वन दरोगा अजय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार रात बाघ पिंजड़े के करीब दस मीटर की दूरी से गुजरा है। अब इस जगह से पिंजड़े नहीं हटाए जाएंगे। बाघ का और इंतजार किया जाएगा।
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कुतिया को निवाला बना चुका है बाघ
गांव नगला ब्राहिम के रहने वाले आनंद प्रकाश की पालतू कुतिया अपने पांच पिल्लों को छोड़कर आठ जनवरी से गायब थी। सोमवार को गन्ना छीलने गए ग्रामीणों को गांव से गायब हुई कुतिया का सिर और पूंछ गन्ने के खेत में पड़े मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा कि कुतिया को बाघ ने अपना निवाला बनाया होगा।
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दस जनवरी से गांव नगला ब्राहिम के निकट गन्ने के खेत में अपना ठिकाना बना चुका बाघ करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए दहशत का कारण बना हुआ है। बाघ की वजह से ग्रामीण अपनी फसल की देखरेख करने तक खेत पर नहीं जा रहे हैं। बाघ के ठिकाने के सामने से गुजरी सड़क पर शाम पांच बजे से ही सन्नाटा पसर जाता है। अंधेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों में दुबक जाते हैं। गांव नगला मधा और मकरंदापुर के जंगल में बाघ की चहलकदमी देख वन विभाग के अधिकारियों ने दोनों गांवों के पास खेत में बाघ को पकड़ने के लिए पिंजड़े लगवा दिए थे। कई दिन तक बाघ के इस ओर न आने पर वन विभाग के अधिकारी पिंजड़ों की लोकेशन बदलने पर विचार कर रहे थे। रविवार रात बाघ गांव मकरंदापुर के निकट गन्ने के खेत में लगाए गए पिंजड़े के करीब कैमरे के सामने से होकर गुजर गया। वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी फुटेज देखने पर हुई।
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इस संबंध में वन दरोगा अजय कुमार सिंह ने बताया कि रविवार रात बाघ पिंजड़े के करीब दस मीटर की दूरी से गुजरा है। अब इस जगह से पिंजड़े नहीं हटाए जाएंगे। बाघ का और इंतजार किया जाएगा।
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कुतिया को निवाला बना चुका है बाघ
गांव नगला ब्राहिम के रहने वाले आनंद प्रकाश की पालतू कुतिया अपने पांच पिल्लों को छोड़कर आठ जनवरी से गायब थी। सोमवार को गन्ना छीलने गए ग्रामीणों को गांव से गायब हुई कुतिया का सिर और पूंछ गन्ने के खेत में पड़े मिले। इससे अनुमान लगाया जा रहा कि कुतिया को बाघ ने अपना निवाला बनाया होगा।