{"_id":"6816756042268a03b80d548d","slug":"throat-dry-in-summer-hand-pumps-waiting-for-repair-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-143022-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: गर्मी में हलक सूखे, मरम्मत की राह देख रहे हैंडपंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: गर्मी में हलक सूखे, मरम्मत की राह देख रहे हैंडपंप
Sun, 04 May 2025 01:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 04 May 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद
शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में राहगीरों के प्यास से हलक सूख रहे हैं, लेकिन नगर निगम क्षेत्र में लगे हैंडपंप मरम्मत की राह देख रहे हैं। कई जगह पर तो हैंडपंप से पीने योग्य पानी तक नहीं निकल रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 2910 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 27 निष्प्रयोज्य हैं। रोजाना चार से पांच हैंडपंप के खराब होने की शिकायतें आती हैं। दावा किया जाता है कि इनको 24 घंटे के अंदर ठीक करा दिया जाता है। महापौर अर्चना वर्मा को निरीक्षण के दौरान दिलाजाक मोहल्ले में हैंडपंप खराब मिला था। नगर निगम में पहले 80 से 90 फुट की गहराई में हैंडपंप की बोरिंग कराई गई थी। अब इन हैंडपंपों से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है।
पानी पीला होने की वजह से लोग कपड़े और हाथ-पैर धोने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, अब नई बोरिंग 150 से 160 फुट पर कराई जा रही है। इसमें पीने योग्य पानी आता है।
विज्ञापन
-- -- -- --
वाटर लाइन पड़ने से प्रयोग हुआ कम
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अधिकतर क्षेत्र में वाटर लाइन पड़ गई है। धार्मिक स्थलों आदि में सबमर्सिबल की बोरिंग करा दी गई है। इससे हैंडपंप की जरूरत कम हो गई। जब कभी बिजली आपूर्ति ठप होती है तो लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है।
-- -- -- --
गर्मी शुरू होते ही कई हैंडपंप सूखे
शहर के मोहल्ला करबला में लगा हैंडपेप काफी दिनों से खराब पड़ा है। क्षेत्र के लोग इसकी शिकायत कई बार नगर निगम में कर चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बिजलीपुरा में भी एक हैंडपंप काफी दिनों से खराब है। कुछ हैंडपंप से पानी उतर जाता है। काफी देर तक चलाने के बाद इसमें से पानी आता है।
-- -- --
घर से कुछ दूरी पर हैंडपेप लगा है। इसमें पानी तो आता है, लेकिन पीने लायक नहीं है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
प्रमोद प्रजापति, मक्कू बजरिया
-- -- --
गली में सरकारी हैंडपंप लगा है, जो आए दिन खराब हो जाता है। पानी भी पीने लायक नहीं है। कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक सही नहीं हुआ है।
सूरज, महमंद गढ़ी
-- -- --
दुकान के पास सरकारी हैंडपंप लगा है। इसका पानी अक्सर उतर जाता है। पानी निकालने में काफी देर लगती है। इसलिए लोग बगैर पानी पीये ही चले जाते हैं।
संजय सक्सेना, तिलहर जई
-- -- --
दुकान से कुछ दूरी पर इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। इसमें से पानी गंदा आता है। इसलिए इसका पानी कोई पीता नहीं है। शिकायत करने के बाद भी इसे सही नहीं कराया गया।
अवध बिहारी, शुक्ला, हद्दफ चौकी
-- -
वाटर लाइन पड़ने से शहर में हैंडपंप की मांग कम हो गई है। जो भी हैंडपंप लगे हैं, उनका रखरखाव किया जाता है। शिकायत आने पर 24 घंटे में ठीक कराया जाता है। निष्प्रयोज्य हैंडपंपों को हटाया जा रहा है।
सौरभ श्रीवास्तव, जलकल महाप्रबंध, नगर निगम
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 2910 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 27 निष्प्रयोज्य हैं। रोजाना चार से पांच हैंडपंप के खराब होने की शिकायतें आती हैं। दावा किया जाता है कि इनको 24 घंटे के अंदर ठीक करा दिया जाता है। महापौर अर्चना वर्मा को निरीक्षण के दौरान दिलाजाक मोहल्ले में हैंडपंप खराब मिला था। नगर निगम में पहले 80 से 90 फुट की गहराई में हैंडपंप की बोरिंग कराई गई थी। अब इन हैंडपंपों से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है।
विज्ञापन
पानी पीला होने की वजह से लोग कपड़े और हाथ-पैर धोने के लिए इसका प्रयोग करते हैं। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, अब नई बोरिंग 150 से 160 फुट पर कराई जा रही है। इसमें पीने योग्य पानी आता है।
विज्ञापन
वाटर लाइन पड़ने से प्रयोग हुआ कम
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अधिकतर क्षेत्र में वाटर लाइन पड़ गई है। धार्मिक स्थलों आदि में सबमर्सिबल की बोरिंग करा दी गई है। इससे हैंडपंप की जरूरत कम हो गई। जब कभी बिजली आपूर्ति ठप होती है तो लोगों को इसकी जरूरत पड़ती है।
गर्मी शुरू होते ही कई हैंडपंप सूखे
शहर के मोहल्ला करबला में लगा हैंडपेप काफी दिनों से खराब पड़ा है। क्षेत्र के लोग इसकी शिकायत कई बार नगर निगम में कर चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बिजलीपुरा में भी एक हैंडपंप काफी दिनों से खराब है। कुछ हैंडपंप से पानी उतर जाता है। काफी देर तक चलाने के बाद इसमें से पानी आता है।
घर से कुछ दूरी पर हैंडपेप लगा है। इसमें पानी तो आता है, लेकिन पीने लायक नहीं है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
प्रमोद प्रजापति, मक्कू बजरिया
गली में सरकारी हैंडपंप लगा है, जो आए दिन खराब हो जाता है। पानी भी पीने लायक नहीं है। कई बार शिकायत की, लेकिन अभी तक सही नहीं हुआ है।
सूरज, महमंद गढ़ी
दुकान के पास सरकारी हैंडपंप लगा है। इसका पानी अक्सर उतर जाता है। पानी निकालने में काफी देर लगती है। इसलिए लोग बगैर पानी पीये ही चले जाते हैं।
संजय सक्सेना, तिलहर जई
दुकान से कुछ दूरी पर इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। इसमें से पानी गंदा आता है। इसलिए इसका पानी कोई पीता नहीं है। शिकायत करने के बाद भी इसे सही नहीं कराया गया।
अवध बिहारी, शुक्ला, हद्दफ चौकी
वाटर लाइन पड़ने से शहर में हैंडपंप की मांग कम हो गई है। जो भी हैंडपंप लगे हैं, उनका रखरखाव किया जाता है। शिकायत आने पर 24 घंटे में ठीक कराया जाता है। निष्प्रयोज्य हैंडपंपों को हटाया जा रहा है।
सौरभ श्रीवास्तव, जलकल महाप्रबंध, नगर निगम

मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद

मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद

मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद

मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद

मोहल्ला करबला में खराब पड़ा इण्डिया मार्का हैंडपंप। संवाद