फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The wood was taken from the range office to the saw machine

रेंज कार्यालय से आरा मशीन पर ले जाई गई थी लकड़ी

Mon, 22 Aug 2022 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 01:15 AM IST
विज्ञापन
The wood was taken from the range office to the saw machine
खुटार। मैलानी की आरा मशीन पर पकड़ी गई साल की 94 बोटा लकड़ी रेंजर कार्यालय से ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आरा मशीन ले जाई गई थी। रेंज कार्यालय के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में ट्रैक्टर-ट्रॉली से लकड़ी ले जाते फुटेज नजर आया है। व्यापारियों ने फुटेज वन अधिकारियों को दिए हैं। चर्चा है कि मामले में वनकर्मियों के फंसने के बाद लीपापोती की जा रही है।
विज्ञापन

14 अगस्त को वन विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था कि खुटार रेंज की बेशकीमती साल की लकड़ी मैलानी में द्वारिका प्रसाद गोयल की आरा मशीन पर चिरने के लिए भेजी गई है। वन विभाग के एक अधिकारी लकड़ी को चिरवाने के बाद लखनऊ ले जाने की फिराक में हैं। सूचना पर तीन रेंजरों की टीम बनाकर आरा मशीन पर जाकर जांच के निर्देश दिए गए थे। टीम ने आरा मशीन पर लकड़ी बरामद कर आरा मशीन को सीज कर दिया था। आरा मशीन स्वामी ने बताया था कि लकड़ी खुटार रेंज के वन दरोगा अशोक चतुर्वेदी की है। इसके बाद अशोक चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया था।
विज्ञापन

अशोक चतुर्वेदी ने लकड़ी अपनी होने से इन्कार करते हुए कहा था कि उनको फंसाया जा रहा है। एसडीओ दिलीप श्रीवास्तव ने 15 अगस्त को खुटार के रेंजर डीएस यादव के मैलानी स्थित सरकारी आवास पर जांच की थी तो वहां पर फर्नीचर पाया गया था लेकिन रेंजर फर्नीचर संबंधी कोई अभिलेख नहीं दिखा सके थे। नोटिस के बाद भी उन्होंने फर्नीचर के कागजात नहीं दिए हैं। खुटार रेंज का चार्ज रेंजर डीएस यादव से लेकर सिंधौली के रेंजर रमाकांत सक्सेेना को दिया गया है। रमाकांत सक्सेना ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जोगराजपुर से पकड़ी गई लकड़ी होने की चर्चा
सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2017 में जोगराजपुर में साल की लकड़ी बरामद कर रेंज कार्यालय पर लाकर रखी गई थी। लकड़ी बेशकीमती थी और कई साल पुरानी होने की कारण पूरी तरह से सूख गई थी। सूखी लकड़ी का फर्नीचर खराब होने की आशंका नहीं होती है। इस कारण लकड़ी को बेहद कम रेट में नीलाम दिखा दिया गया था और इसी लकड़ी को आरा मशीन पर चिरान के लिए भेजा गया था। कुछ लकड़ी सिहुरा बीट से काटी गई थी और एक व्यक्ति के यहां रख दी गई थी।

आरा मशीन से बरामद लकड़ी कहां से आई थी, अभी इसका पता नहीं चल सका है। जांच चल रही है। आवास पर मिले फर्नीचर के संबंध में रेंजर डीएस यादव कोई जवाब नहीं दे सके हैं। सोमवार को फर्नीचर जब्त कर लिया जाएगा। सोमवार को रेंज मुख्यालय पर अभिलेख चेक कर आरा मशीन पर भेजी गई लकड़ी कहां से आई थी इसका पता लगाया जाएगा। - दिलीप श्रीवास्तव, एसडीओ वन विभाग शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed