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Shahjahanpur News: मलिका में सुनाई गई सीता स्वयंवर की कथा
Thu, 17 Apr 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:44 AM IST
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खुटार के गांव मलिका में कथा सुनाते इंदुशेखर पांडे। संवाद
खुटार। गांव मलिका के रामदरबार मंदिर परिसर में चल रही रामकथा में कथाव्यास इंदुशेखर पांडे ने सीता स्वयंवर का प्रसंग सुनाया।
कथाव्यास ने सुनाया कि पुष्पवाटिका में भगवान श्रीराम ने सीता जी को देखा। उधर, सीता ने भी राम को देख माता गौरी से उनको वर के रूप में मांगा। स्वयंवर में तमाम देशों के राजा आए थे, लेकिन कोई भी शिव धनुष को तोड़ना तो दूर हिला तक नहीं सका। विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। इसके बाद उनका सीता के साथ विवाह हुआ। लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का विवाह भी श्रीराम के साथ ही संपन्न हुआ।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु भावना प्रधान है। जिसकी जैसी भावना होती है, प्रभु उसे उसी तरह के रूप में दिखते हैं। इसलिए प्राणी मात्र में प्रभु का भाव देखने से व्यक्ति हृदय निर्मल होता है। कथा से पूर्व हवन-पूजन किया गया। तमाम श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां दीं। बृहस्पतिवार को पूर्णाहुति, कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद
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कथाव्यास ने सुनाया कि पुष्पवाटिका में भगवान श्रीराम ने सीता जी को देखा। उधर, सीता ने भी राम को देख माता गौरी से उनको वर के रूप में मांगा। स्वयंवर में तमाम देशों के राजा आए थे, लेकिन कोई भी शिव धनुष को तोड़ना तो दूर हिला तक नहीं सका। विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। इसके बाद उनका सीता के साथ विवाह हुआ। लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का विवाह भी श्रीराम के साथ ही संपन्न हुआ।
कथा व्यास ने कहा कि प्रभु भावना प्रधान है। जिसकी जैसी भावना होती है, प्रभु उसे उसी तरह के रूप में दिखते हैं। इसलिए प्राणी मात्र में प्रभु का भाव देखने से व्यक्ति हृदय निर्मल होता है। कथा से पूर्व हवन-पूजन किया गया। तमाम श्रद्धालुओं ने हवन में आहुतियां दीं। बृहस्पतिवार को पूर्णाहुति, कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। संवाद
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