{"_id":"8ca06eed7b14cae7e6f953240335ab13","slug":"the-red-light-will-decide-today-whom-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाल बत्ती किसे मिलेगी इसका फैसला आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाल बत्ती किसे मिलेगी इसका फैसला आज
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पंचायत की लाल बत्ती किसे मिलेगी, इसका फैसला आज होगा। सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहीं निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नीतू सिंह को या फिर जिले में भाजपा की कमान संभाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव के भाजपा समर्थित बेटे अजय को? इसका जवाब बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए होने वाले मतदान के बाद शाम तक मिलेगा। इस बीच, प्रशासन ने मतदान और मतगणना निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए सारी तैयारियां बुधवार को पूरी कर लीं। चुनाव प्रेक्षक जगदीश प्रसाद ने मतदान की तैयारियों का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा खेमे से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नीतू सिंह समेत रामूमर्ति सिंह वर्मा की पुत्रवधू अर्चना वर्मा और निवर्तमान सांसद मिथिलेश कुमार के भाई सुरजन लाल आदि ने भी दावा किया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने नीतू को उम्मीदवार बनाया। इसी तरह भाजपा से अध्यक्ष पद के टिकट की मांग पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह ने भी की, लेकिन नेतृत्व ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना से नजदीकी रखने वाले वीरेंद्र पाल सिंह यादव के बेटे अजय पर भरोसा किया।
सियासी जंग के इस परिदृश्य से कांग्रेस खेमा पूरी तरह ओझल रहा। बसपा खेमे में दस दिन तक यही ऊहापोह कायम रही कि जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुके पार्टी के एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश टिकट मांगते हैं अथवा नहीं। निर्दलीय के तौर पर वार्ड मेंबरी जीत चुके जीवेश ने चुनावी बिसात पर अपने समीकरण परखने के बाद इस लड़ाई से दूर रहने की रणनीति अपनाई तो बसपा खेमा भी अपने खोल में सिमट गया और अधिकृत प्रत्याशी नहीं उतारा।
विज्ञापन
000
दोहरी भूमिका निभाने वाले साबित होंगे निर्णायक
जिला पंचायत में दोनों प्रत्याशियों को मिलाकर कुल 48 वार्ड मेंबर हैं। दोनों प्रत्याशी शेष 46 वार्ड मेंबरों के जरिये संख्या बल अपने पक्ष में करने के लिए दिनभर उनकी परेड अपने सामने कराने में जुटे रहे। इनमें आठ-दस ऐसे चतुर खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो दोनों हाथों में लड्डू थामने की फिराक में है। इनका मेल-मिलाप दोनों प्रत्याशियों से जारी रहा, इसलिए उन्हें इस घमासान का निर्णायक माना जा रहा है। यह अलग बात है कि ऐसे वार्ड मेंबरों का सयानापन प्रत्याशियों पर भी जाहिर हो चुका है, लेकिन ऊंट किस करवट बैठेगा, यह दोहरी पॉलिसी अपनाने वाले वार्ड मेंबरों के मतदान पर निर्भर करेगा।
00
राज्यमंत्री नितिन ने वार्ड मेंबरों से की मुलाकात
सपा नेतृत्व द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को जिला प्रभारी नामित किए गए राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने बुधवार को दोपहर बाद यहां आकर एक होटल में पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां समेत अन्य पदाधिकारियों से भेंटवार्ता करके चुनावी समीकरणों का आकलन किया और प्रत्याशी नीतू सिंह के पक्ष में अधिकतम वोट डलवाने के निर्देश दिए। जीत के प्रति आश्वस्त होने के लिए पार्टी पदाधिकारियों ने जिला पंचायत के तमाम सपा समर्थक वार्ड मेंबरों की राज्यमंत्री अग्रवाल से मुलाकात भी कराई।
000
मतपत्र पर वरीयता को मान्य होंगे अंग्रेजी अंक
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को मतदान में अधिमान अर्थात वरीयता देने के लिए केवल अंग्रेजी के अंतर्राष्ट्रीय अंक ही मान्य होंगे। डीएम शुभ्रा सक्सेना के अनुसार हिंदी अथवा अन्य किसी प्रकार से अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा। इधर, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिन में 11 बजे से लेकर तीन बजे तक डीएम के न्यायालय कक्ष में वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए टेबिल लगाकर सारी व्यवस्था कर ली गई है। एडीएम के अनुसार मतदान के तुरंत बाद मतगणना शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा खेमे से निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नीतू सिंह समेत रामूमर्ति सिंह वर्मा की पुत्रवधू अर्चना वर्मा और निवर्तमान सांसद मिथिलेश कुमार के भाई सुरजन लाल आदि ने भी दावा किया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने नीतू को उम्मीदवार बनाया। इसी तरह भाजपा से अध्यक्ष पद के टिकट की मांग पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह ने भी की, लेकिन नेतृत्व ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना से नजदीकी रखने वाले वीरेंद्र पाल सिंह यादव के बेटे अजय पर भरोसा किया।
विज्ञापन
सियासी जंग के इस परिदृश्य से कांग्रेस खेमा पूरी तरह ओझल रहा। बसपा खेमे में दस दिन तक यही ऊहापोह कायम रही कि जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत चुके पार्टी के एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश टिकट मांगते हैं अथवा नहीं। निर्दलीय के तौर पर वार्ड मेंबरी जीत चुके जीवेश ने चुनावी बिसात पर अपने समीकरण परखने के बाद इस लड़ाई से दूर रहने की रणनीति अपनाई तो बसपा खेमा भी अपने खोल में सिमट गया और अधिकृत प्रत्याशी नहीं उतारा।
विज्ञापन
000
दोहरी भूमिका निभाने वाले साबित होंगे निर्णायक
जिला पंचायत में दोनों प्रत्याशियों को मिलाकर कुल 48 वार्ड मेंबर हैं। दोनों प्रत्याशी शेष 46 वार्ड मेंबरों के जरिये संख्या बल अपने पक्ष में करने के लिए दिनभर उनकी परेड अपने सामने कराने में जुटे रहे। इनमें आठ-दस ऐसे चतुर खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो दोनों हाथों में लड्डू थामने की फिराक में है। इनका मेल-मिलाप दोनों प्रत्याशियों से जारी रहा, इसलिए उन्हें इस घमासान का निर्णायक माना जा रहा है। यह अलग बात है कि ऐसे वार्ड मेंबरों का सयानापन प्रत्याशियों पर भी जाहिर हो चुका है, लेकिन ऊंट किस करवट बैठेगा, यह दोहरी पॉलिसी अपनाने वाले वार्ड मेंबरों के मतदान पर निर्भर करेगा।
00
राज्यमंत्री नितिन ने वार्ड मेंबरों से की मुलाकात
सपा नेतृत्व द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को जिला प्रभारी नामित किए गए राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल ने बुधवार को दोपहर बाद यहां आकर एक होटल में पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां समेत अन्य पदाधिकारियों से भेंटवार्ता करके चुनावी समीकरणों का आकलन किया और प्रत्याशी नीतू सिंह के पक्ष में अधिकतम वोट डलवाने के निर्देश दिए। जीत के प्रति आश्वस्त होने के लिए पार्टी पदाधिकारियों ने जिला पंचायत के तमाम सपा समर्थक वार्ड मेंबरों की राज्यमंत्री अग्रवाल से मुलाकात भी कराई।
000
मतपत्र पर वरीयता को मान्य होंगे अंग्रेजी अंक
जिला पंचायत अध्यक्ष पद को मतदान में अधिमान अर्थात वरीयता देने के लिए केवल अंग्रेजी के अंतर्राष्ट्रीय अंक ही मान्य होंगे। डीएम शुभ्रा सक्सेना के अनुसार हिंदी अथवा अन्य किसी प्रकार से अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जाएगा। इधर, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिन में 11 बजे से लेकर तीन बजे तक डीएम के न्यायालय कक्ष में वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए टेबिल लगाकर सारी व्यवस्था कर ली गई है। एडीएम के अनुसार मतदान के तुरंत बाद मतगणना शुरू करा दी जाएगी।