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एक नेता ने की सिफारिश...सरेंडर हुई पुलिस और टूट गया मंदिर
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टूटे मंदिर के स्थान पर भट्ठा स्वामी ने डलवाया दरबाजा
- फोटो : POWAYAN
पुवायां। गांव बितौनी के पास पुवायां-खुटार हाईवे किनारे ब्रह्म देव बाबा का स्थान है। कुछ साल पूर्व गांव के लोगों ने चंदा कर स्थान किनारे शिव मंदिर का निर्माण कराया था। गांव के पुलिस चौकीदार मिश्रीलाल यहां पुजारी हैं। स्थान के पीछे भट्ठा स्वामी का खेत है। इसी कारण उन्होंने खेत के सामने से मंदिर हटाने का प्लान तैयार किया। इसके बाद पुवायां के एक नेता ने पुलिस को फोन कर इसकी सिफारिश की।
पुलिस से सिफारिश होने के बाद भट्ठा स्वामी ने 21 अप्रैल को मंदिर गिरवा दिया और शिवलिंग के साथ ही मलबे को ट्रॉलियों से भरकर ले गए। 22 अप्रैल को मिश्रीलाल ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन नेता की पैरवी के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 23 अप्रैल को मामला अधिकारियों के पास पहुंचा तो भी पुलिस ने भट्ठा स्वामी को बचाते हुए मात्र एनसीआर दर्ज कर ली और 23 अप्रैल को ही 107/116 की कार्रवाई भी कर मामला निपटा दिया।
पुजारी बोले- पुलिस ने अपनी मर्जी से लिखवाई तहरीर
पुजारी मिश्रीलाल ने बताया कि थाने के गेट पर तहरीर लिखने वाले एक व्यक्ति से पुलिस ने खुद बोलकर तहरीर लिखवाई और उनसे अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें भगवा कपड़े दिलवाकर संतुष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस ने जो तहरीर लिखवाई है उसमें मंदिर की जगह बरमबाबा स्थान के पास दीवार तोड़े जाने का जिक्र किया है। घटना की कोई तारीख और समय नहीं लिखा गया। इसके बाद तहरीर में दूसरी हैंडराइटिंग में घटना का दिनांक दो अप्रैल दिखाया गया, जबकि मंदिर को 21 अप्रैल को तोड़ा गया है।
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भट्ठा स्वामी ने भिजवाईं ईंट और दरवाजा
मामला तूल पकड़ता देख भट्ठा स्वामी ने पुजारी को शांत करने के लिए 500 ईंट और एक लोहे का दरवाजा भिजवाया है। पुजारी के अनुसार ईंट और दरवाजे को लेकर आए भट्ठा स्वामी के साथ पुलिस भी आई थी। उनसे कहा, बरमबाबा के स्थान पर निर्माण करा लेना। मिश्रीलाल ने कहा कि मंदिर तोड़े जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई न होने तक वह चुप नहीं बैठेगा।
इंस्पेक्टर सरकारी कार्य से बाहर गए हैं। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां
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पुलिस से सिफारिश होने के बाद भट्ठा स्वामी ने 21 अप्रैल को मंदिर गिरवा दिया और शिवलिंग के साथ ही मलबे को ट्रॉलियों से भरकर ले गए। 22 अप्रैल को मिश्रीलाल ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन नेता की पैरवी के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 23 अप्रैल को मामला अधिकारियों के पास पहुंचा तो भी पुलिस ने भट्ठा स्वामी को बचाते हुए मात्र एनसीआर दर्ज कर ली और 23 अप्रैल को ही 107/116 की कार्रवाई भी कर मामला निपटा दिया।
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पुजारी बोले- पुलिस ने अपनी मर्जी से लिखवाई तहरीर
पुजारी मिश्रीलाल ने बताया कि थाने के गेट पर तहरीर लिखने वाले एक व्यक्ति से पुलिस ने खुद बोलकर तहरीर लिखवाई और उनसे अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें भगवा कपड़े दिलवाकर संतुष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस ने जो तहरीर लिखवाई है उसमें मंदिर की जगह बरमबाबा स्थान के पास दीवार तोड़े जाने का जिक्र किया है। घटना की कोई तारीख और समय नहीं लिखा गया। इसके बाद तहरीर में दूसरी हैंडराइटिंग में घटना का दिनांक दो अप्रैल दिखाया गया, जबकि मंदिर को 21 अप्रैल को तोड़ा गया है।
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भट्ठा स्वामी ने भिजवाईं ईंट और दरवाजा
मामला तूल पकड़ता देख भट्ठा स्वामी ने पुजारी को शांत करने के लिए 500 ईंट और एक लोहे का दरवाजा भिजवाया है। पुजारी के अनुसार ईंट और दरवाजे को लेकर आए भट्ठा स्वामी के साथ पुलिस भी आई थी। उनसे कहा, बरमबाबा के स्थान पर निर्माण करा लेना। मिश्रीलाल ने कहा कि मंदिर तोड़े जाने के मामले में कड़ी कार्रवाई न होने तक वह चुप नहीं बैठेगा।
इंस्पेक्टर सरकारी कार्य से बाहर गए हैं। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -बीएस वीरकुमार, सीओ पुवायां

बरमबाबा स्थान पर लगी भट्ठा स्वामी की ओर से भेजी गई ईंट- फोटो : POWAYAN