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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The influence of governance in Shahjahanpur

शासन के शिकंजे का शाहजहांपुर में दिखा असर 

Tue, 23 May 2017 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर Updated Tue, 23 May 2017 12:33 AM IST
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तहसील और समाधान दिवस पर पीड़ितों की लंबित शिकायतों को लेकर शासन ने शिकंजा का जिले में असर दिखने लगा है। नतीजतन जन सामान्य की समस्याओं और शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के फरमान पर अफसरों ने शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाई है। गत माह से अब तक जन सुनवाई में तेजी आने से लंबित शिकायतों का ग्राफ गिर गया है। गत दो माह में आई शिकायतों में से करीब 70 फीसदी का निस्तारण किया जा चुका है।
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बता दें कि बीते दिन बरेली में हुई मुख्यमंत्री की मंडलीय समीक्षा बैठक से पहले 11 मई को जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने यहां आकर उन सभी 31 बिंदुओं पर प्रगति समीक्षा की थी, जो कैबिनेट बैठक में नियत किए गए थे। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अधिकारियों को मानवता के आधार पर जन समस्याओं के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। 
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प्रभारी मंत्री का कहना था कि लखनऊ पहुंचने वाले अधिकांश फरियादियों की समस्याएं तहसील और थाना स्तर पर हल किए जाने योग्य होती हैं। उन्होंने ऐसे मामले जिला स्तर पर निस्तारित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा होने से लोगों की लखनऊ तक भागदौड़ कम होगी। नई सरकार की मंशा के अनुरूप तत्कालीन डीएम कर्ण सिंह चौहान ने जन सुनवाई पोर्टल को प्रभावी बनाने के साथ अधिकारियों को तहसील दिवस, थाना दिवस और शासन से संदर्भित प्रकरण तेजी से हल कराने के निर्देश दिए और इसके आशातीत परिणाम भी मिले। 
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इनसेट
471 मामलों में से 138 शेष बचे
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि गत वर्ष तहसील दिवस और समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से जुड़े 9236 प्रकरण प्राप्त हुए और उनमें से 9089 मामले निस्तारित हो चुके हैं। शेष 147 प्रकरण निस्तारण की प्रक्रिया में हैं। गत अप्रैल माह तक तहसील दिवस में 162 प्रकरण लंबित थे। चालू मई माह के पहले पखवाड़े तक 309 शिकायतें प्राप्त हुईं। इस तरह कुल 471 में से 333 मामले हल कराए जा चुके हैं और 138 प्रकरण शेष बचे हैं। सूत्रों के अनुसार समाधान दिवसों में बीते माह पुलिस के हस्तक्षेप योग्य कुल 18 शिकायतें मिलीं और उन सभी का निस्तारण कराया जा चुका है। इसी तरह मुख्यमंत्री और शासन के अन्य विभागों से पिछले साल जांच व कार्रवाई के लिए 10600 संदर्भ प्रकरण प्राप्त हुए और उनमें से 97.82 फीसदी मामले निस्तारित हो चुके हैं। अवशेष 231 संदर्भ प्रकरण संबंधित विभागों के पास विचाराधीन हैं। 

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जन सुनवाई में कॉल सेंटर की अहम भूमिका : डीएम
डीएम नरेंद्र कुमार सिंह ने यहां कार्यभार लेने के तुरंत बाद जन समस्याओं को प्राथमिकता देने और विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली परखने के लिए कलक्ट्रेट में कॉल सेंटर की स्थापना कराई। वहां के स्टाफ ने फोन पर लोगों की समस्याएं नोट करनी शुरू कीं तो तमाम लोगों की जिला मुख्यालय तक दौड़ बचने लगी। यही नहीं, डीएम के निर्देश पर कॉल सेंटर का स्टाफ सरकारी कार्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को फोन करके उनकी उपस्थिति चेक कर रहा है। अधिकारी भी मानते हैं कि कॉल सेंटर जन सुनवाई का अहम केंद्र बन रहा है। 

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तहसील दिवस और समाधान दिवस में जमीनों पर अवैध कब्जे, नहरों में पानी नहीं आने, बिजली लाइनों की खराबी आदि शिकायतें होती हैं। राजस्व विभाग से जुडे़ अधिकांश मामलों में पुलिस से समन्वय बनाकर उनका निस्तारण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।  
- जितेंद्र कुमार शर्मा, एडीएम (प्रशासन)
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