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गन्ने की तौल न होने से किसान आक्रोशित, जमकर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो खुटार।
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:25 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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सेंटर पर पांच-पांच दिन खड़ी रहती हैं ट्रालियां
जिला गन्ना अधिकारी पर बात नहीं सुनने का आरोप
किसानों ने बृहस्पतिवार को बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के खुटार व गन्ना क्रय केंद्र पर जमकर हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि सेंटर पर किसानों को गन्ना लेकर पांच दिन तक खड़े रहना पड़ता है।
खुटार व सेंटर पर किसान कई दिन से गन्ना लेकर पड़े हुए थे। कभी ट्रक नहीं होने और कभी श्रमिक नहीं होने की बात कहकर तौल नहीं की जा रही थी। बृहस्पतिवार को किसानों का सब्र जवाब दे गया। किसानों ने सेंटर पर हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। गांव सिल्हुआ के किसान रामशंकर का आरोप है कि जब उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल को मामले से अवगत कराया चाहा तो उन्होंने किसानों पर ही श्रमिकों को पीटने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इस पर किसान भड़क उठे और तौल कांटे पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने डीसीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
सूचना पर पहुंचे अपर गन्ना प्रबंधक आरपी सिंह और गन्ना विकास समिति पुवायां के सचिव आरके कुशवाहा मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि सेंटर पर प्रतिदिन छह से आठ ट्रक गन्ना उठाने पहुंचेंगे, साथ ही नियमित श्रमिक भी रखे जाएंगे। आरपी सिंह से भी किसानों की जमकर बहस हुई। बंडा से अतिरिक्त श्रमिकों के पहुंचने पर ट्रालियों की अनलोडिंग शुरू होने पर किसान शांत हुए। इसके बाद दोपहर बाद तोल कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सका। प्रदर्शन के समय ज्ञानेश दीक्षित, राम शंकर मिश्र, प्रमोद दीक्षित, राम प्रकाश मिश्र, निरंकार पाठक, सुधीर मिश्र, श्रद्वानंद दीक्षित, रवि दीक्षितसहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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जिला गन्ना अधिकारी पर बात नहीं सुनने का आरोप
किसानों ने बृहस्पतिवार को बजाज चीनी मिल मकसूदापुर के खुटार व गन्ना क्रय केंद्र पर जमकर हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि सेंटर पर किसानों को गन्ना लेकर पांच दिन तक खड़े रहना पड़ता है।
खुटार व सेंटर पर किसान कई दिन से गन्ना लेकर पड़े हुए थे। कभी ट्रक नहीं होने और कभी श्रमिक नहीं होने की बात कहकर तौल नहीं की जा रही थी। बृहस्पतिवार को किसानों का सब्र जवाब दे गया। किसानों ने सेंटर पर हंगामा करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। गांव सिल्हुआ के किसान रामशंकर का आरोप है कि जब उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल को मामले से अवगत कराया चाहा तो उन्होंने किसानों पर ही श्रमिकों को पीटने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इस पर किसान भड़क उठे और तौल कांटे पर बैठ गए। इस दौरान किसानों ने डीसीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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सूचना पर पहुंचे अपर गन्ना प्रबंधक आरपी सिंह और गन्ना विकास समिति पुवायां के सचिव आरके कुशवाहा मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि सेंटर पर प्रतिदिन छह से आठ ट्रक गन्ना उठाने पहुंचेंगे, साथ ही नियमित श्रमिक भी रखे जाएंगे। आरपी सिंह से भी किसानों की जमकर बहस हुई। बंडा से अतिरिक्त श्रमिकों के पहुंचने पर ट्रालियों की अनलोडिंग शुरू होने पर किसान शांत हुए। इसके बाद दोपहर बाद तोल कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सका। प्रदर्शन के समय ज्ञानेश दीक्षित, राम शंकर मिश्र, प्रमोद दीक्षित, राम प्रकाश मिश्र, निरंकार पाठक, सुधीर मिश्र, श्रद्वानंद दीक्षित, रवि दीक्षितसहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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