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Shahjahanpur News: अवैध अस्पतालों में जाने की मजबूरी होगी खत्म, आठ नए केंद्रों पर होंगे संस्थागत प्रसव
Thu, 26 Dec 2024 08:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 26 Dec 2024 08:06 AM IST
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कांट के कुर्रिया कलां पीएचसी पर प्रसव कक्ष का टूटा दरवाजा। संवाद
शाहजहांपुर। गर्भवतियों को प्रसव के लिए अवैध अस्पतालों में ले जाने की मजबूरी खत्म होगी। जिलेभर में आठ नए केंद्र खोले जाएंगे। संसाधन जुटाने के बाद स्वास्थ्य विभाग इन्हें अगले माह से ही शुरू करने का दावा कर रहा है।
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शत-प्रतिशत महिलाओं के प्रसव सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रहे हैं, क्योंकि स्वास्थ्य इकाइयों में इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में कई लोग घरों में दाई से व अवैध अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए मजबूर हैं, जबकि जिले में 15 सीएचसी, 22 पीएचसी, एक जिला अस्पताल व छह हेल्थ वेलनेस सेंटर समेत 52 जगहों पर संस्थागत प्रसव कराने की सुविधा दी गई है।
इसके बाद भी अप्रशिक्षित लोगों द्वारा ही प्रसव कराने पर आए दिन जच्चा-बच्चा की मौत की सूचनाएं सुर्खियों में रहती हैं। सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कुछ दिन पहले केंद्रों पर छापा मारकर गड़बड़ी पकड़ी थी। कागजों पर संचालित कई प्रसव केंद्र पर ताला लटका मिला था। वहां कई महीने से प्रसव की व्यवस्था ही नहीं थी। सीडीओ के निरीक्षण में हकीकत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिर से प्रसव केंद्रों को शुरू कराने की तैयारी की है।
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जिले में 14 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्रसव केंद्रों को शुरू कराने के लिए चिह्नित किया है। इसमें छह पर प्रसव शुरू करा दिए। शेष आठ स्थानों पर उपकरण भेजकर स्थापित भी करा दिए हैं। इन केंद्रों पर तैनाती के लिए 12 एएनएम को 21 दिन के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। 30 दिसंबर को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नए साल में प्रसव केंद्रों को शुरू करा दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर प्रसव कराने के लिए प्रशिक्षित एएनएम व सीएचओ की तैनाती की जाएगी।
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-26 हजार बच्चों का जन्म अप्रैल से नवंबर तक सरकारी अस्पतालों में हुआ है।
-03 हजार बच्चे हर महीने पैदा होते हैं।
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एक अप्रैल से 30 नवंबर तक हुए प्रसव
-2853 प्रसव जलालाबाद में हुए हैं, जो जिले में सर्वाधिक है।
-1980 संस्थागत प्रसव कलान में हुए। यह ब्लॉक दूसरे नंबर पर है।
-1883 प्रसव निगोही में कराए गए।
-959 प्रसव ददरौल ब्लॉक में हुए।
-946 प्रसव खुटार में हुए, जो सबसे कम हैं।
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गढि़यारंगीन में घरों में लोग हुए जागरूक
-गढि़यारंगीन पीएचसी क्षेत्र में पूर्व में 70 प्रतिशत प्रसव घरों में होते थे। यहां पर संस्थागत प्रसव शुरू होने के बाद लोगों ने रुचि ली। अधिकारियों के अनुसार, अब मात्र सात प्रतिशत प्रसव घरों में हो रहे है। उन्हें भी प्रेरित किया जा रहा है कि वे सरकारी केंद्र पर आएं।
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ये हैं नए बनने वाले केंद्र
-खुदागंज में सिउरा, निगोही में परसोना, पुवायां में गंगसरा, सिंधौली में कलुआपुर, कांट में हटीपुर कुर्रिया, मिर्जापुर में शेरपुर कुर्रिया व ढाई, जलालाबाद के चौकी साहबगंज में स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव केंद्र शुरू कराए जाएंगे।
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विस्तारित की जाएगी पीएचसी कुर्रियां कलां
-कांट की कुर्रियाकलां पीएचसी के प्रसव कक्ष की स्थिति काफी खराब है। गेट का दरवाजा तक टूटा पड़ा है। कुछ समय पहले सीएमओ ने निरीक्षण कर प्रसव कक्ष को विस्तारित करने के निर्देश दिए थे। यहां पर जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
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नए संस्थागत प्रसव केंद्र बनाने के लिए नया सामान खरीदकर संबंधित स्थान पर पहुंचा दिया है। उनका सिर्फ इंस्टॉल किया जाना है। जनवरी में एएनएम का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रसव केंद्र शुरू करा दिए जाएंगे।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
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करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शत-प्रतिशत महिलाओं के प्रसव सरकारी अस्पतालों में नहीं हो रहे हैं, क्योंकि स्वास्थ्य इकाइयों में इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में कई लोग घरों में दाई से व अवैध अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए मजबूर हैं, जबकि जिले में 15 सीएचसी, 22 पीएचसी, एक जिला अस्पताल व छह हेल्थ वेलनेस सेंटर समेत 52 जगहों पर संस्थागत प्रसव कराने की सुविधा दी गई है।
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इसके बाद भी अप्रशिक्षित लोगों द्वारा ही प्रसव कराने पर आए दिन जच्चा-बच्चा की मौत की सूचनाएं सुर्खियों में रहती हैं। सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने कुछ दिन पहले केंद्रों पर छापा मारकर गड़बड़ी पकड़ी थी। कागजों पर संचालित कई प्रसव केंद्र पर ताला लटका मिला था। वहां कई महीने से प्रसव की व्यवस्था ही नहीं थी। सीडीओ के निरीक्षण में हकीकत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने फिर से प्रसव केंद्रों को शुरू कराने की तैयारी की है।
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जिले में 14 नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर प्रसव केंद्रों को शुरू कराने के लिए चिह्नित किया है। इसमें छह पर प्रसव शुरू करा दिए। शेष आठ स्थानों पर उपकरण भेजकर स्थापित भी करा दिए हैं। इन केंद्रों पर तैनाती के लिए 12 एएनएम को 21 दिन के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। 30 दिसंबर को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नए साल में प्रसव केंद्रों को शुरू करा दिया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर प्रसव कराने के लिए प्रशिक्षित एएनएम व सीएचओ की तैनाती की जाएगी।
-26 हजार बच्चों का जन्म अप्रैल से नवंबर तक सरकारी अस्पतालों में हुआ है।
-03 हजार बच्चे हर महीने पैदा होते हैं।
एक अप्रैल से 30 नवंबर तक हुए प्रसव
-2853 प्रसव जलालाबाद में हुए हैं, जो जिले में सर्वाधिक है।
-1980 संस्थागत प्रसव कलान में हुए। यह ब्लॉक दूसरे नंबर पर है।
-1883 प्रसव निगोही में कराए गए।
-959 प्रसव ददरौल ब्लॉक में हुए।
-946 प्रसव खुटार में हुए, जो सबसे कम हैं।
गढि़यारंगीन में घरों में लोग हुए जागरूक
-गढि़यारंगीन पीएचसी क्षेत्र में पूर्व में 70 प्रतिशत प्रसव घरों में होते थे। यहां पर संस्थागत प्रसव शुरू होने के बाद लोगों ने रुचि ली। अधिकारियों के अनुसार, अब मात्र सात प्रतिशत प्रसव घरों में हो रहे है। उन्हें भी प्रेरित किया जा रहा है कि वे सरकारी केंद्र पर आएं।
ये हैं नए बनने वाले केंद्र
-खुदागंज में सिउरा, निगोही में परसोना, पुवायां में गंगसरा, सिंधौली में कलुआपुर, कांट में हटीपुर कुर्रिया, मिर्जापुर में शेरपुर कुर्रिया व ढाई, जलालाबाद के चौकी साहबगंज में स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव केंद्र शुरू कराए जाएंगे।
विस्तारित की जाएगी पीएचसी कुर्रियां कलां
-कांट की कुर्रियाकलां पीएचसी के प्रसव कक्ष की स्थिति काफी खराब है। गेट का दरवाजा तक टूटा पड़ा है। कुछ समय पहले सीएमओ ने निरीक्षण कर प्रसव कक्ष को विस्तारित करने के निर्देश दिए थे। यहां पर जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
नए संस्थागत प्रसव केंद्र बनाने के लिए नया सामान खरीदकर संबंधित स्थान पर पहुंचा दिया है। उनका सिर्फ इंस्टॉल किया जाना है। जनवरी में एएनएम का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रसव केंद्र शुरू करा दिए जाएंगे।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ

कांट के कुर्रिया कलां पीएचसी पर प्रसव कक्ष का टूटा दरवाजा। संवाद