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Shahjahanpur News: गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा शहर
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तिलहर में गणेश जी की मूर्ति की शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद
शाहजहांपुर। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ शुक्रवार को गणेश चतुर्थी का आगाज हुआ। घरों से लेकर पंडालों तक भगवान गणपति की मूर्तियों की स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजन और आरती की।
चौक में गणेश उत्सव मंडल की ओर से गणेश मूर्ति की शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों के साथ मूर्ति को वाहन पर विराजमान कर क्षत्रिय धर्मशाला ले जाया गया। जयकारों के बीच यहां विधि-विधान से गणेश मूर्ति की स्थापना की गई। शोभायात्रा में शामिल विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
आयोजकों के अनुसार 15 सितंबर को सुंदरकांड, 21 सितंबर को शिव अर्चन, 22 सितंबर को बालाजी का जागरण, 24 सितंबर को भंडारा और 25 सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में नासिक का ढोल मुख्य आकर्षण रहेगा। इस मौके पर शिवाजी राव खांडे, विश्राम चौहान, प्रकाश मोरे, हनुमान बागल, अशोक शुक्ला, रुपेश पवार, विकास वर्मा आदि का सहयोग रहा।
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मुंबई से मंगाई गणेशजी की मूर्ति, विधि-विधान से की स्थापना
शाहजहांपुर। महाराष्ट्र मराठा मंडल की ओर से खिरनीबाग स्थित श्री रामचरन लाल धर्मशाला में मुंबई से मंगाई गई भगवान गणेश की भव्य मूर्ति की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश उत्सव को लेकर धर्मशाला को रंग-बिरंगी बिजली की झालरों से सजाया गया।
शाम को ढोल की थाप और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच गणेशजी की मूर्ति को धर्मशाला परिसर में लाया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर मूर्ति का स्वागत किया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संवाद
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पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच निकली गणेश शोभायात्रा
तिलहर। गणेश उत्सव के शुभारंभ पर सोमवार शाम बांके बिहारी मंदिर से धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। पालकी में विराजमान भगवान गणेश की मूर्ति के दर्शन के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं को जलपान कराया।
बाल किशन मराठा, गोपाल मराठा और प्रवीण मराठा के नेतृत्व में शाम करीब पांच बजे शोभायात्रा शुरू हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा वापस मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से गणेश मूर्ति की स्थापना की गई। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रवीण मराठा ने बताया कि गणेश उत्सव के तहत मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम भजन-कीर्तन होंगे। 22 सितंबर की शाम गणेश मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा में विशाल रस्तोगी, राघवेंद्र गुप्ता, नितिन गुप्ता, मधुरेश गुप्ता, ज्ञानी गुप्ता समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
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मिर्जापुर में भी विराजे गणपति बप्पा
मिर्जापुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पुरानी गोदाम के पास सजाए गए पंडाल में सोमवार को विधि-विधान से भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई।
आत्मानंद गुरुकुल नैमिषारण्य से आए आचार्य आशीष कृष्ण बाजपेयी ने मंत्रोच्चारण के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन कराया। आयोजकों के अनुसार, 20 सितंबर को भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली जाएगी। संवाद
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कांट में भी गणेश चतुर्थी पर निकाली गई शोभायात्रा
कांट। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मां दुर्गा जन कल्याण के तत्वावधान में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई। इससे पहले माता शीतला देवी मंदिर से गणेशजी की मूर्ति की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। स्थापना स्थल पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजन कर मूर्ति स्थापित की गई। कार्यक्रम में विधायक अरविंद कुमार सिंह, पंडित योगेश शर्मा, राजीव शर्मा, विशाल भारद्वाज, सौरभ भारद्वाज, रूबल आदि मौजूद रहे। संवाद
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हरतालिका तीज पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
शाहजहांपुर। सुहाग की दीर्घायु और सुखद दांपत्य जीवन की कामना का महापर्व हरतालिका तीज मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सुहाग की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा। घरों में पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में भी महिलाओं की भीड़ रही। कुंवारी कन्याओं ने भी सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखा।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर महिलाओं ने दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत रखा। इस बीच शुभ मुहूर्त में माता पार्वती और भगवान शिव की बालू या मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की स्थापना कर विधि-विधान से पूजन किया। महिलाओं ने षोडशोपचार पूजा के साथ शिव-पार्वती को फल, फूल, मिष्ठान और पूजन सामग्री अर्पित की।
पूजा के दौरान महिलाओं ने हरतालिका तीज की कथा सुनी और माता पार्वती से पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में भजन-कीर्तन भी किए। रात में जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की गई।
मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी मान्यता के चलते सुहागिन महिलाएं सुखी दांपत्य और पति की लंबी आयु के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना करती हैं। संवाद
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चौक में गणेश उत्सव मंडल की ओर से गणेश मूर्ति की शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों के साथ मूर्ति को वाहन पर विराजमान कर क्षत्रिय धर्मशाला ले जाया गया। जयकारों के बीच यहां विधि-विधान से गणेश मूर्ति की स्थापना की गई। शोभायात्रा में शामिल विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
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आयोजकों के अनुसार 15 सितंबर को सुंदरकांड, 21 सितंबर को शिव अर्चन, 22 सितंबर को बालाजी का जागरण, 24 सितंबर को भंडारा और 25 सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में नासिक का ढोल मुख्य आकर्षण रहेगा। इस मौके पर शिवाजी राव खांडे, विश्राम चौहान, प्रकाश मोरे, हनुमान बागल, अशोक शुक्ला, रुपेश पवार, विकास वर्मा आदि का सहयोग रहा।
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मुंबई से मंगाई गणेशजी की मूर्ति, विधि-विधान से की स्थापना
शाहजहांपुर। महाराष्ट्र मराठा मंडल की ओर से खिरनीबाग स्थित श्री रामचरन लाल धर्मशाला में मुंबई से मंगाई गई भगवान गणेश की भव्य मूर्ति की विधि-विधान से स्थापना की गई। गणेश उत्सव को लेकर धर्मशाला को रंग-बिरंगी बिजली की झालरों से सजाया गया।
शाम को ढोल की थाप और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच गणेशजी की मूर्ति को धर्मशाला परिसर में लाया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर मूर्ति का स्वागत किया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संवाद
पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच निकली गणेश शोभायात्रा
तिलहर। गणेश उत्सव के शुभारंभ पर सोमवार शाम बांके बिहारी मंदिर से धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। पालकी में विराजमान भगवान गणेश की मूर्ति के दर्शन के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। लोगों ने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं को जलपान कराया।
बाल किशन मराठा, गोपाल मराठा और प्रवीण मराठा के नेतृत्व में शाम करीब पांच बजे शोभायात्रा शुरू हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शोभायात्रा वापस मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से गणेश मूर्ति की स्थापना की गई। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
प्रवीण मराठा ने बताया कि गणेश उत्सव के तहत मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम भजन-कीर्तन होंगे। 22 सितंबर की शाम गणेश मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। शोभायात्रा में विशाल रस्तोगी, राघवेंद्र गुप्ता, नितिन गुप्ता, मधुरेश गुप्ता, ज्ञानी गुप्ता समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
मिर्जापुर में भी विराजे गणपति बप्पा
मिर्जापुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर गणेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पुरानी गोदाम के पास सजाए गए पंडाल में सोमवार को विधि-विधान से भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई।
आत्मानंद गुरुकुल नैमिषारण्य से आए आचार्य आशीष कृष्ण बाजपेयी ने मंत्रोच्चारण के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन कराया। आयोजकों के अनुसार, 20 सितंबर को भगवान गणेश की शोभायात्रा निकाली जाएगी। संवाद
कांट में भी गणेश चतुर्थी पर निकाली गई शोभायात्रा
कांट। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मां दुर्गा जन कल्याण के तत्वावधान में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की गई। इससे पहले माता शीतला देवी मंदिर से गणेशजी की मूर्ति की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। स्थापना स्थल पर पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजन कर मूर्ति स्थापित की गई। कार्यक्रम में विधायक अरविंद कुमार सिंह, पंडित योगेश शर्मा, राजीव शर्मा, विशाल भारद्वाज, सौरभ भारद्वाज, रूबल आदि मौजूद रहे। संवाद
हरतालिका तीज पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
शाहजहांपुर। सुहाग की दीर्घायु और सुखद दांपत्य जीवन की कामना का महापर्व हरतालिका तीज मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अखंड सुहाग की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा। घरों में पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में भी महिलाओं की भीड़ रही। कुंवारी कन्याओं ने भी सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखा।
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर महिलाओं ने दिनभर बिना अन्न-जल ग्रहण किए व्रत रखा। इस बीच शुभ मुहूर्त में माता पार्वती और भगवान शिव की बालू या मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की स्थापना कर विधि-विधान से पूजन किया। महिलाओं ने षोडशोपचार पूजा के साथ शिव-पार्वती को फल, फूल, मिष्ठान और पूजन सामग्री अर्पित की।
पूजा के दौरान महिलाओं ने हरतालिका तीज की कथा सुनी और माता पार्वती से पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में भजन-कीर्तन भी किए। रात में जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की गई।
मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी मान्यता के चलते सुहागिन महिलाएं सुखी दांपत्य और पति की लंबी आयु के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना करती हैं। संवाद

तिलहर में गणेश जी की मूर्ति की शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद

तिलहर में गणेश जी की मूर्ति की शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद