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बाल ब्रह्मचारी बाबा आनंद चैतन्य हुए ब्रह्मलीन
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sun, 25 Sep 2016 10:33 PM IST
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बाल ब्रह्मचारी बाबा आनंद चैतन्य हुए ब्रह्मलीन
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
करीब 46 वर्षीय बाल ब्रह्मचारी बाबा आनंद चैतन्य रविवार सुबह ब्रह्मलीन हो गए। यह खबर लगते ही बाबा के अनुयायियों समेत नगर के तमाम लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए जा पहुंचे। परिजनों व साधु संतों के अनुसार सोमवार को रामलीला मैदान के पास स्थित बाग में उन्हें समाधि दी जाएगी।
कस्बे के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी रामकिशोर अग्निहोत्री की पांच संतानों में तीसरे नंबर के रवि अग्निहोत्री करीब 10 वर्ष की आयु से ही सांसारिक चीजों से दूर रहकर पूजा पाठ तथा साधु संतो के सानिध्य में अपना समय लगाते थे। किशोरावस्था में ही उन्होंने सुप्रसिद्ध संत तथा ध्यान योग आश्रम के संस्थापक हरिशरण देव हंस से दीक्षा ली और वह आनंद चैतन्य के नाम से विख्यात हो गए। रविवार सुबह करीब नौ बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हे इलाज के लिए लेकर बरेली जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी सांसों की डोर टूट गई। कुछ ही देर में यह बात पूरे नगर में फैल गई और तमाम लोगो की भीड़ उनके अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ी।
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कस्बे के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी रामकिशोर अग्निहोत्री की पांच संतानों में तीसरे नंबर के रवि अग्निहोत्री करीब 10 वर्ष की आयु से ही सांसारिक चीजों से दूर रहकर पूजा पाठ तथा साधु संतो के सानिध्य में अपना समय लगाते थे। किशोरावस्था में ही उन्होंने सुप्रसिद्ध संत तथा ध्यान योग आश्रम के संस्थापक हरिशरण देव हंस से दीक्षा ली और वह आनंद चैतन्य के नाम से विख्यात हो गए। रविवार सुबह करीब नौ बजे उनकी तबियत अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हे इलाज के लिए लेकर बरेली जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी सांसों की डोर टूट गई। कुछ ही देर में यह बात पूरे नगर में फैल गई और तमाम लोगो की भीड़ उनके अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ी।
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