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गंगा का जलस्तर स्थिर, रामगंगा से शुरू हुआ कटान
सार
शहर के समीप गर्रा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है लेकिन उसका बहाव भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। मिर्जापुर क्षेत्र में भी गंगा के तटवर्ती गांव आजाद नगर, इस्लाम नगर, समेचीपुर, चितार आदि गांव अभी गंगा की बाढ़ से सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि रात में जलस्तर बढ़ा तो पिछले माह की तरह एक बार फिर उन्हें अपने जीवन की सुरक्षा को सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़ जाएंगे। तेज हवा चलने से परौर क्षेत्र में धान और बाजरा की फसल खेतों में गिर जाने से किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है।सुबह तक बादल छाए रहने से उमस के साथ गर्मी बढ़ी तो न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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विस्तार
शाहजहांपुर। पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बांधों बैराजों से पानी की निकासी कम होने के कारण भैसार बांध पर गंगा का जलस्तर बुधवार को दूसरे दिन भी 142.45 मीटर पर स्थिर रहा। परौर क्षेत्र में रामगंगा भी उतार पर है, लेकिन उसमें बहाव सामान्य से अधिक होने के साथ ही नारायण नगर पश्चिमी के पास भूमि कटान होने लगा है।
शहर के समीप गर्रा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है लेकिन उसका बहाव भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। मिर्जापुर क्षेत्र में भी गंगा के तटवर्ती गांव आजाद नगर, इस्लाम नगर, समेचीपुर, चितार आदि गांव अभी गंगा की बाढ़ से सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि रात में जलस्तर बढ़ा तो पिछले माह की तरह एक बार फिर उन्हें अपने जीवन की सुरक्षा को सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़ जाएंगे। हालांकि गंगा अभी अपने फाट में बह रही है लेकिन कोलाघाट के पास रामगंगा में उफान होने के कारण वहां चल रही छोटी नाव से नदी पार करना खतरनाक हो गया।
जलस्तर घटने से परौर में तेज हुआ कटान
परौर। क्षेत्र में रामगंगा काफी समय से कटान कर रही है। बीते दो दशक में नारायण नगर पूर्वी और मंझा गांव का दो तिहाई हिस्सा कट चुका है लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों को अभी तक स्थायी निवास नहीं मिल सका है। अब रामगंगा में दो दिन पहले आया उफान थोड़ा कम हुआ, लेकिन इसी के साथ मोहनपुर और बिचपुरी गांव होते हुए रामगंगा की धारा नारायण नगर पश्चिमी के पीछे भूमि कटान कर रही है। गांव के लोगों ने सिंचाई विभाग से कटान रोकने के प्रयास करने की मांग की है।
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दिनभर रिमझिम बरसता रहा पानी
दो दिन के अंतराल के बाद मंगलवार शाम से मौसम ने फिर करवट बदली और रात से बादल छाने लगे। सुबह तेज हवा चलने के साथ ही बारिश होने से मौसम ठंडा होने के साथ तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। तेज हवा चलने से परौर क्षेत्र में धान और बाजरा की फसल खेतों में गिर जाने से किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है।
सुबह तक बादल छाए रहने से उमस के साथ गर्मी बढ़ी तो न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस हो गया। सूर्योदय से पहले पूर्व से उठी काली घटाओं ने कुछ ही देर में आसमान को घेर लिया और तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। करीब आधा घंटा तक चार मिमी बारिश हुई और इसके बाद भी बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने का दौर जारी रहा। वातावरण में आद्रता बढ़ जाने से ठंडी हवा गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत देती रही, लेकिन खेतों में पकने को तैयार हो रही धान और बाजरा की फसल को काफी क्षति पहुंची है। परौर क्षेत्र में नारायण नगर निवासी धनपाल सिंह कश्यप के चार बीघा खेत में धान की फसल तेज हवा से गिर गई। अन्य कई किसानों को भी फसली नुकसान हुआ है।
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शहर के समीप गर्रा के जलस्तर में पांच सेमी की कमी आई है लेकिन उसका बहाव भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। मिर्जापुर क्षेत्र में भी गंगा के तटवर्ती गांव आजाद नगर, इस्लाम नगर, समेचीपुर, चितार आदि गांव अभी गंगा की बाढ़ से सुरक्षित हैं, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि रात में जलस्तर बढ़ा तो पिछले माह की तरह एक बार फिर उन्हें अपने जीवन की सुरक्षा को सुरक्षित ठिकाने तलाशने पड़ जाएंगे। हालांकि गंगा अभी अपने फाट में बह रही है लेकिन कोलाघाट के पास रामगंगा में उफान होने के कारण वहां चल रही छोटी नाव से नदी पार करना खतरनाक हो गया।
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जलस्तर घटने से परौर में तेज हुआ कटान
परौर। क्षेत्र में रामगंगा काफी समय से कटान कर रही है। बीते दो दशक में नारायण नगर पूर्वी और मंझा गांव का दो तिहाई हिस्सा कट चुका है लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों को अभी तक स्थायी निवास नहीं मिल सका है। अब रामगंगा में दो दिन पहले आया उफान थोड़ा कम हुआ, लेकिन इसी के साथ मोहनपुर और बिचपुरी गांव होते हुए रामगंगा की धारा नारायण नगर पश्चिमी के पीछे भूमि कटान कर रही है। गांव के लोगों ने सिंचाई विभाग से कटान रोकने के प्रयास करने की मांग की है।
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दिनभर रिमझिम बरसता रहा पानी
दो दिन के अंतराल के बाद मंगलवार शाम से मौसम ने फिर करवट बदली और रात से बादल छाने लगे। सुबह तेज हवा चलने के साथ ही बारिश होने से मौसम ठंडा होने के साथ तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई। तेज हवा चलने से परौर क्षेत्र में धान और बाजरा की फसल खेतों में गिर जाने से किसानों को काफी नुकसान होने की आशंका है।
सुबह तक बादल छाए रहने से उमस के साथ गर्मी बढ़ी तो न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री बढ़कर 25 डिग्री सेल्सियस हो गया। सूर्योदय से पहले पूर्व से उठी काली घटाओं ने कुछ ही देर में आसमान को घेर लिया और तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। करीब आधा घंटा तक चार मिमी बारिश हुई और इसके बाद भी बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलने का दौर जारी रहा। वातावरण में आद्रता बढ़ जाने से ठंडी हवा गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत देती रही, लेकिन खेतों में पकने को तैयार हो रही धान और बाजरा की फसल को काफी क्षति पहुंची है। परौर क्षेत्र में नारायण नगर निवासी धनपाल सिंह कश्यप के चार बीघा खेत में धान की फसल तेज हवा से गिर गई। अन्य कई किसानों को भी फसली नुकसान हुआ है।