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Shahjahanpur News: श्रीराम-सीता व लक्ष्मण के वन गमन का मंचन देख दर्शकों की आंखें हुई नम
Sun, 06 Oct 2024 03:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 06 Oct 2024 03:33 AM IST
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शाहजहांपुर। ओसीएफ इस्टेट की रामलीला में शनिवार को श्रीराम-सीता व लक्ष्मण के वन गमन और चित्रकूट में निवास की लीला का भावपूर्ण मंचन देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं। रामलीला को हाईटेक बनाने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाकर प्रस्तुतीकरण भी किया जा रहा है।
शनिवार को रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही हैं। तभी मंथरा द्वारा माता कैकई को भड़काकर राजा दशरथ से भरत को राज्य सौंपने और राम को वनगमन के लिए आज्ञा देने का वचन लेने के लिए कहती है। कैकई के वचन को पूरा करने के लिए दशरथ राम को वन गमन की आज्ञा देते हैं। भगवान राम अपनी पत्नी सीता व भाई लक्ष्मण के साथ वनवास चले जाते हैं। वन में पहुंचने पर उनको निषाद राज मिलते हैं, फिर सभी सरयू तट पर पहुंचते हैं। जहां से केवट द्वारा सरयू नदी पार कराई जाती है और प्रभु श्रीराम चित्रकूट आश्रम पहुंचते हैं।
मंचन में राम की भूमिका रोहित और सीता की रानी मिश्रा ने निभाई। लक्ष्मण के रूप में देवेंद्र पाल और दशरथ का किरदार में पैट्रिक दास रहे। इनके अलावा सुमंत-कौशलेंद्र पांडे, गुरु वशिष्ठ-संदीप आर्य, कौशल्या-रजनी, सुमित्रा-अनामिका, कैकई-साधना, मंथरा-प्रियंका रंजन, उर्मिला-चांदनी, केवट-अरुण डीआर, निषाद राज-ईश्वरदिन बने।
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इस मौके पर मंचन सचिव देवेश दीक्षित, संयुक्त सचिव एवं निर्देशक अंकित सक्सेना, सहायक निदेशक सुहेल मोहम्मद, प्रभारी महेंद्र दीक्षित, पर्यवेक्षक सुरक्षा राम मोहन अग्निहोत्री, मंचन मीडिया प्रभारी रोहित सक्सेना, मंच संचालक सतीश सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही हैं। तभी मंथरा द्वारा माता कैकई को भड़काकर राजा दशरथ से भरत को राज्य सौंपने और राम को वनगमन के लिए आज्ञा देने का वचन लेने के लिए कहती है। कैकई के वचन को पूरा करने के लिए दशरथ राम को वन गमन की आज्ञा देते हैं। भगवान राम अपनी पत्नी सीता व भाई लक्ष्मण के साथ वनवास चले जाते हैं। वन में पहुंचने पर उनको निषाद राज मिलते हैं, फिर सभी सरयू तट पर पहुंचते हैं। जहां से केवट द्वारा सरयू नदी पार कराई जाती है और प्रभु श्रीराम चित्रकूट आश्रम पहुंचते हैं।
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मंचन में राम की भूमिका रोहित और सीता की रानी मिश्रा ने निभाई। लक्ष्मण के रूप में देवेंद्र पाल और दशरथ का किरदार में पैट्रिक दास रहे। इनके अलावा सुमंत-कौशलेंद्र पांडे, गुरु वशिष्ठ-संदीप आर्य, कौशल्या-रजनी, सुमित्रा-अनामिका, कैकई-साधना, मंथरा-प्रियंका रंजन, उर्मिला-चांदनी, केवट-अरुण डीआर, निषाद राज-ईश्वरदिन बने।
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इस मौके पर मंचन सचिव देवेश दीक्षित, संयुक्त सचिव एवं निर्देशक अंकित सक्सेना, सहायक निदेशक सुहेल मोहम्मद, प्रभारी महेंद्र दीक्षित, पर्यवेक्षक सुरक्षा राम मोहन अग्निहोत्री, मंचन मीडिया प्रभारी रोहित सक्सेना, मंच संचालक सतीश सक्सेना आदि मौजूद रहे।