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Shahjahanpur News: दफ्तर के कामकाज में ज्यादा रुचि नहीं थी सहायक नगर आयुक्त की
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शाहजहांपुर। नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता की एक अरब से ज्यादा के संभल में हुए जमीन घोटाले के मामले में गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में शुक्रवार को भी अधिकारी चर्चा करते रहे। हालांकि खुलकर बोलने को कोई तैयार नहीं था। उनका यहां लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल काफी शिथिलता भरा रहा। उनके कामकाज को लेकर भी काफी शिकायतें आती रहीं। हालांकि भ्रष्टाचार को लेकर कोई आरोप नहीं लगा।
गोरखपुर के रहने वाले राजकुमार गुप्ता ने जनवरी 2025 में सहायक नगर आयुक्त का पदभार ग्रहण किया था। वह डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सदर बाजार क्षेत्र के एक होटल में ही रहते रहे। उन्होंने न सरकारी आवास लिया और न ही किराये पर रहे। बुधवार को नगर निगम कार्यालय से ही संभल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था लेकिन इसकी भनक तक अधिकारियों व कर्मचारियों को नहीं लगी थी।
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम उन्हें सामान्य पूछताछ किए जाने का हवाला देकर अपने साथ ले गई थी। राजकुमार गुप्ता के पास दाखिल-खारिज, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र का प्रभार था। समय से प्रमाणपत्र जारी नहीं होने की कई शिकायतें सामने आती रहीं। बाद में जनगणना का चार्ज अधिकारी बनाए जाने पर पटल का कार्य हटा दिया गया था।
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बाद में वह केवल जोन एक का कार्यभार देखते रहे। कर्मचारियों के मुताबिक, सहायक नगर आयुक्त किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि राजकुमार गुप्ता पर विभागीय कार्रवाई निदेशालय स्तर से होगी।
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गोरखपुर के रहने वाले राजकुमार गुप्ता ने जनवरी 2025 में सहायक नगर आयुक्त का पदभार ग्रहण किया था। वह डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में सदर बाजार क्षेत्र के एक होटल में ही रहते रहे। उन्होंने न सरकारी आवास लिया और न ही किराये पर रहे। बुधवार को नगर निगम कार्यालय से ही संभल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था लेकिन इसकी भनक तक अधिकारियों व कर्मचारियों को नहीं लगी थी।
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बताया जा रहा है कि पुलिस टीम उन्हें सामान्य पूछताछ किए जाने का हवाला देकर अपने साथ ले गई थी। राजकुमार गुप्ता के पास दाखिल-खारिज, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र का प्रभार था। समय से प्रमाणपत्र जारी नहीं होने की कई शिकायतें सामने आती रहीं। बाद में जनगणना का चार्ज अधिकारी बनाए जाने पर पटल का कार्य हटा दिया गया था।
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बाद में वह केवल जोन एक का कार्यभार देखते रहे। कर्मचारियों के मुताबिक, सहायक नगर आयुक्त किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने बताया कि राजकुमार गुप्ता पर विभागीय कार्रवाई निदेशालय स्तर से होगी।