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Shahjahanpur News: मोबाइल को लेकर किशोरी का भाई से हुआ विवाद...फंदे से लटककर दी जान
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पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद मृतका रेखा के पिता। संवाद
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर। बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के मधपुरी गांव निवासी सुरजीत की 16 वर्षीय बेटी रेखा की उपचार के दौरान मौत हो गई। दो दिन पूर्व भाई से मोबाइल को लेकर हुए विवाद के बाद रेखा ने कमरे में फंदा लगा लिया था। उसकी मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिजनों के अनुसार, एक जून की दोपहर करीब तीन बजे गर्मी होने के कारण रेखा के पिता सुरजीत घर के बाहर लोगों के साथ बैठे हुए थे। रेखा की मां रामकुमारी अपने छोटे बेटे यश के साथ दवाई लेने के लिए गईं हुईं थी। घर पर रेखा और उसका भाई सनी था। इसी दौरान रेखा का भाई से मोबाइल फोन देखने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद रेखा नाराज होकर कमरे में चली गई और कुंडी बंद कर दुपट्टे का फंदा बनाकर लटक गई।
सनी ने खिड़की से अंदर झांका तो उसे फंदे से लटका देखा। उसके चिल्लाने पर आए लोगों ने दरवाजा तोड़कर रेखा को फंदे से नीचे उतारा। उसे तिलहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन रेखा को बरेली ले गए। बुधवार की रात रेखा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह सेंगर ने बताया कि सुरजीत की बेटी रेखा ने छोटे भाई से मोबाइल फोन चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद फंदा लगा लिया था।
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संवाद की कमी से हो सकती है समस्या
किशोरावस्था में भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता विकसित हो रही होती है। उस समय निराशा, गुस्सा, अपमान या अस्वीकृति की भावना बहुत तीव्र महसूस हो सकती है। आत्महत्या जैसी घटना आमतौर पर कई जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम होती है। केवल एक घटना को कारण मान लेना उचित नहीं होगा। मोबाइल फोन समस्या नहीं, संवाद की कमी समस्या हो सकती है। मुद्दा केवल मोबाइल फोन नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि परिवार में संवाद, भावनात्मक समर्थन और मतभेदों को संभालने का स्वस्थ तरीका कितना मौजूद है। परिवारों को चेतावनी संकेत पहचानने की जरूरत है।
-डॉ. अभिनव रस्तोगी, मनोचिकित्सक
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परिजनों के अनुसार, एक जून की दोपहर करीब तीन बजे गर्मी होने के कारण रेखा के पिता सुरजीत घर के बाहर लोगों के साथ बैठे हुए थे। रेखा की मां रामकुमारी अपने छोटे बेटे यश के साथ दवाई लेने के लिए गईं हुईं थी। घर पर रेखा और उसका भाई सनी था। इसी दौरान रेखा का भाई से मोबाइल फोन देखने को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद रेखा नाराज होकर कमरे में चली गई और कुंडी बंद कर दुपट्टे का फंदा बनाकर लटक गई।
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सनी ने खिड़की से अंदर झांका तो उसे फंदे से लटका देखा। उसके चिल्लाने पर आए लोगों ने दरवाजा तोड़कर रेखा को फंदे से नीचे उतारा। उसे तिलहर के एक निजी मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन रेखा को बरेली ले गए। बुधवार की रात रेखा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह सेंगर ने बताया कि सुरजीत की बेटी रेखा ने छोटे भाई से मोबाइल फोन चलाने को लेकर हुए विवाद के बाद फंदा लगा लिया था।
संवाद की कमी से हो सकती है समस्या
किशोरावस्था में भावनाओं को नियंत्रित करने की क्षमता विकसित हो रही होती है। उस समय निराशा, गुस्सा, अपमान या अस्वीकृति की भावना बहुत तीव्र महसूस हो सकती है। आत्महत्या जैसी घटना आमतौर पर कई जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम होती है। केवल एक घटना को कारण मान लेना उचित नहीं होगा। मोबाइल फोन समस्या नहीं, संवाद की कमी समस्या हो सकती है। मुद्दा केवल मोबाइल फोन नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि परिवार में संवाद, भावनात्मक समर्थन और मतभेदों को संभालने का स्वस्थ तरीका कितना मौजूद है। परिवारों को चेतावनी संकेत पहचानने की जरूरत है।
-डॉ. अभिनव रस्तोगी, मनोचिकित्सक