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चीनी मिलों पर किसानों का 123 करोड़ बकाया
शाहजहांपुर
Updated Mon, 05 Jan 2015 12:32 AM IST
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जिले में चल रहीं पांच चीनी मिलें अभी तक करीब 160 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना खरीद चुकी हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर चीनी मिलों का रवैया एकदम उदासीन है। इसके चलते अब तक केवल 37 करोड़ रुपये का ही भुगतान किसानों को मिल सका है, जिसमें सर्वाधिक भुगतान निगोही चीनी मिल के द्वारा किया गया है। बकाया 123 करोड़ रुपयों के भुगतान के लिए गन्ना किसानों को भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब 40 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य गन्ना किसानों को देने की छूट मिल चुकी है।
प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य का भुगतान करते वक्त चीनी मिलों को यह निर्देश दिए थे कि किसानों से गन्ना खरीदने के 14 दिनों के अंदर भुगतान हरहाल में करना होगा। चीनी मिलों के संचालकों ने शासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए देरी से भुगतान करने का सिलसिला इस साल भी जारी रखा।
जिला गन्ना विभाग की सूचना के अनुसार जिले में अब तक रोजा चीनी मिल करीब 35 करोड़, मकसूदापुर चीनी मिल करीब 44 करोड़, निगोही चीनी मिल करीब 55 करोड़, पुवायां करीब साढ़े 12 करोड़, तिलहर चीनी मिल करीब 16 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद चुकी हैं। इसमें से निगोही चीनी मिल ने किसानों को अधिकांश भुगतान कर दिया है, जबकि अन्य मिलों ने भुगतान करने में खास रुचि नहीं ली है।
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चीनी मिलों को गन्ना मूल्यों का भुगतान कराने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि चीनी मिलों ने जल्द ही भुगतान कार्य में तेजी नहीं लाईं तो उन पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- बीके पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
निगोही चीनी मिल का हुआ निरीक्षण
शाहजहांपुर/निगोही। गन्ना किसानों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए अपर गन्ना आयुक्त (प्रशासन) डॉ. सुल्तान अहमद ने डालमियां ग्रुप की निगोही चीनी मिल का रविवार को करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिल गेट पर लगे कांटे और सट्टा पर्चियों के वितरण की भी जांच की।
अवकाश के दिन अपर गन्ना आयुक्त के जिले में पहुंचने की वजह से विभागीय में खलबली मच गई। इस पर अहमद ने निगोही चीनी मिल का निरीक्षण करने की बात कहते हुए वहां पर करीब साढ़े 11 बजे पहुंच गए और करीब दो घंटे तक मिल का निरीक्षण किया। सबसे पहले ने गन्ना किसानों से उन लोगों को हो रही समस्याओं के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने मिल गेट पर लगे कांटे पर घटतोली को देखा। अहमद ने किसानों को दी जाने वाली सट्टा पर्चियों को भी देखा, साथ ही इनके वितरण से संबंधी पूछताछ की।
अहमद ने किसानों को होने वाले गन्ना मूल्यों के भुगतान के बारे में भी मिल के प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली। मिल द्वारा समय से भुगतान किए जाने की बात पर वह काफी संतुष्ट हो गए। अपर गन्ना आयुक्त जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल के काम से संतुष्ट हुए।
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प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य का भुगतान करते वक्त चीनी मिलों को यह निर्देश दिए थे कि किसानों से गन्ना खरीदने के 14 दिनों के अंदर भुगतान हरहाल में करना होगा। चीनी मिलों के संचालकों ने शासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए देरी से भुगतान करने का सिलसिला इस साल भी जारी रखा।
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जिला गन्ना विभाग की सूचना के अनुसार जिले में अब तक रोजा चीनी मिल करीब 35 करोड़, मकसूदापुर चीनी मिल करीब 44 करोड़, निगोही चीनी मिल करीब 55 करोड़, पुवायां करीब साढ़े 12 करोड़, तिलहर चीनी मिल करीब 16 करोड़ रुपये का गन्ना खरीद चुकी हैं। इसमें से निगोही चीनी मिल ने किसानों को अधिकांश भुगतान कर दिया है, जबकि अन्य मिलों ने भुगतान करने में खास रुचि नहीं ली है।
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चीनी मिलों को गन्ना मूल्यों का भुगतान कराने के कड़े निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि चीनी मिलों ने जल्द ही भुगतान कार्य में तेजी नहीं लाईं तो उन पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- बीके पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
निगोही चीनी मिल का हुआ निरीक्षण
शाहजहांपुर/निगोही। गन्ना किसानों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए अपर गन्ना आयुक्त (प्रशासन) डॉ. सुल्तान अहमद ने डालमियां ग्रुप की निगोही चीनी मिल का रविवार को करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिल गेट पर लगे कांटे और सट्टा पर्चियों के वितरण की भी जांच की।
अवकाश के दिन अपर गन्ना आयुक्त के जिले में पहुंचने की वजह से विभागीय में खलबली मच गई। इस पर अहमद ने निगोही चीनी मिल का निरीक्षण करने की बात कहते हुए वहां पर करीब साढ़े 11 बजे पहुंच गए और करीब दो घंटे तक मिल का निरीक्षण किया। सबसे पहले ने गन्ना किसानों से उन लोगों को हो रही समस्याओं के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने मिल गेट पर लगे कांटे पर घटतोली को देखा। अहमद ने किसानों को दी जाने वाली सट्टा पर्चियों को भी देखा, साथ ही इनके वितरण से संबंधी पूछताछ की।
अहमद ने किसानों को होने वाले गन्ना मूल्यों के भुगतान के बारे में भी मिल के प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली। मिल द्वारा समय से भुगतान किए जाने की बात पर वह काफी संतुष्ट हो गए। अपर गन्ना आयुक्त जिला गन्ना अधिकारी बीके पटेल के काम से संतुष्ट हुए।