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इलाज के अभाव में पूर्व मिल कर्मी की हालत बिगड़ी
पुवायां (शाहजहांपुर)
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:28 AM IST
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बकाया वेतन और अन्य देयकों का भुगतान नहीं होने के चलते पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल के पूर्वकर्मी खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी मथुरा प्रसाद त्रिपाठी का इलाज नहीं हो पा रहा है। उनका परिवार भी भुखमरी के कगार पर जा पहुंचा है।
श्री त्रिपाठी भी चीनी मिल के उन तमाम पूर्वकर्मियों में शामिल हैं जिनको चीनी मिल से वीआरएस तो दे दिया गया है, लेकिन उनके 16 माह के बकाया वेतन, बैठकीय भत्ता, पीएफ आदि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मिल के कई पूर्वकर्मी तो बकाया राशि नहीं मिलने के कारण इलाज के अभाव में काल कवलित तक हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकार और चीनी मिल संघ चुप्पी साधे बैठा है। मथुरा प्रसाद लगभग दो माह पूर्व बंदरों के हमले में गंभीर घायल हो गए थे। तबसे वह चारपाई पर पड़े हुए हैं। रुपये नहीं होने के कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा है।
परिवार के मुखिया के चारपाई पकड़ लेने से पूरा परिवार परेशान है। घर में राशन आदि तक नहीं है। श्री त्रिपाठी तमाम बार बकाया वेतन आदि दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक सुरेश खन्ना ने कर्मचारियों के बकाए के मामले में विधानसभा में प्रश्न उठाया था तो सरकार ने पूर्वकर्मियों का 17 करोड़ रुपया बकाया माना, लेकिन यह राशि कब दी जाएगी इसका उल्लेख नहीं किया।
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बारिश और सर्दी के बाद भी अनशन पर डटे हैं पूर्वकर्मी
पुवायां। किसान सहकारी चीनी मिल पर बकाया देयकों का भुगतान दिलाने की मांग को लेकर चीनी मिल के पूर्व कर्मचारी भीषण सर्दी और बारिश के बावजूद 149वें दिन से अनशन पर डटे हैं।
गौरतलब है कि पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल के पूर्वकर्मी बैठकीय भत्ता, 16 माह के वेतन, पीएफ सहित कई देयकों का भुगतान करने को लेकर मिल गेट पर चार सितंबर से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। पूर्वकर्मियों का कहना है कि बकाया राशि नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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श्री त्रिपाठी भी चीनी मिल के उन तमाम पूर्वकर्मियों में शामिल हैं जिनको चीनी मिल से वीआरएस तो दे दिया गया है, लेकिन उनके 16 माह के बकाया वेतन, बैठकीय भत्ता, पीएफ आदि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मिल के कई पूर्वकर्मी तो बकाया राशि नहीं मिलने के कारण इलाज के अभाव में काल कवलित तक हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकार और चीनी मिल संघ चुप्पी साधे बैठा है। मथुरा प्रसाद लगभग दो माह पूर्व बंदरों के हमले में गंभीर घायल हो गए थे। तबसे वह चारपाई पर पड़े हुए हैं। रुपये नहीं होने के कारण उनका इलाज नहीं हो पा रहा है।
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परिवार के मुखिया के चारपाई पकड़ लेने से पूरा परिवार परेशान है। घर में राशन आदि तक नहीं है। श्री त्रिपाठी तमाम बार बकाया वेतन आदि दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक सुरेश खन्ना ने कर्मचारियों के बकाए के मामले में विधानसभा में प्रश्न उठाया था तो सरकार ने पूर्वकर्मियों का 17 करोड़ रुपया बकाया माना, लेकिन यह राशि कब दी जाएगी इसका उल्लेख नहीं किया।
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बारिश और सर्दी के बाद भी अनशन पर डटे हैं पूर्वकर्मी
पुवायां। किसान सहकारी चीनी मिल पर बकाया देयकों का भुगतान दिलाने की मांग को लेकर चीनी मिल के पूर्व कर्मचारी भीषण सर्दी और बारिश के बावजूद 149वें दिन से अनशन पर डटे हैं।
गौरतलब है कि पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल के पूर्वकर्मी बैठकीय भत्ता, 16 माह के वेतन, पीएफ सहित कई देयकों का भुगतान करने को लेकर मिल गेट पर चार सितंबर से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। पूर्वकर्मियों का कहना है कि बकाया राशि नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।