{"_id":"6a8b40d971b1c6246e0211e4","slug":"floodwaters-reached-villages-from-the-state-highway-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-182562-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: स्टेट हाईवे से गांवों तक पहुंची बाढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: स्टेट हाईवे से गांवों तक पहुंची बाढ़
विज्ञापन
जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर बह रहे पानी से गुजरता बाइक चालक। संवाद
मिर्जापुर/परौर (शाहजहांपुर)। गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से तटवर्ती खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। निचले इलाकों में तीसरी बार पानी पहुंचने लगा है। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब एक फुट पानी चल रहा है, जबकि चौरा-बसोला नगला और पैलानी उत्तर को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर भी दो फुट तक पानी भर गया है। पैलानी गांव के कई घरों में भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
सिंचाई विभाग की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, भैंसार बांध ढाई घाट पर गंगा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। पहाड़ों पर बारिश के कारण नरौरा बैराज से रविवार सुबह 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके करीब 36 घंटे में भैंसार बांध पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
गंगा में पानी बढ़ने से तटवर्ती खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था में भी परेशानी हो रही है। आजाद नगर और इस्लामनगर के ग्रामीणों ने बताया कि पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। उधर, रामगंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। डिबरी घाट पर रविवार को नदी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे रही, जबकि शनिवार को यह 99 सेंटीमीटर नीचे थी।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से परौर क्षेत्र के के मजरा नारायण नगर पश्चिमी, मोहनपुर और बिचपुरी गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इन गांवों की करीब 60 प्रतिशत जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है।
--
गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों पर अलर्ट जारी है और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
- अभिषेक कुमार, एसडीएम कलान
विज्ञापन
सिंचाई विभाग की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, भैंसार बांध ढाई घाट पर गंगा खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। पहाड़ों पर बारिश के कारण नरौरा बैराज से रविवार सुबह 1,28,716 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके करीब 36 घंटे में भैंसार बांध पहुंचने की संभावना है। ऐसे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
विज्ञापन
गंगा में पानी बढ़ने से तटवर्ती खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था में भी परेशानी हो रही है। आजाद नगर और इस्लामनगर के ग्रामीणों ने बताया कि पानी गांवों की ओर बढ़ रहा है। उधर, रामगंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। डिबरी घाट पर रविवार को नदी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर नीचे रही, जबकि शनिवार को यह 99 सेंटीमीटर नीचे थी।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से परौर क्षेत्र के के मजरा नारायण नगर पश्चिमी, मोहनपुर और बिचपुरी गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इन गांवों की करीब 60 प्रतिशत जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है।
गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों पर अलर्ट जारी है और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर रही हैं। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
- अभिषेक कुमार, एसडीएम कलान