{"_id":"6aa2ebe891e83e5eb60a307a","slug":"students-sensitized-to-mental-health-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-184222-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति छात्र-छात्राओं को किया सजग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति छात्र-छात्राओं को किया सजग
विज्ञापन
शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में गोष्ठी में बोलतीं स्वाति सिंह। स्रोत: विवि
शाहजहांपुर। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, भोर फाउंडेशन और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पीबी सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों पर पढ़ाई, कॅरिअर और भविष्य को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जा सकती। भोर फाउंडेशन की संस्थापक स्वाति सिंह ने कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि गहरी मानसिक पीड़ा का परिणाम होती है।
फाउंडेशन की ओर से नाटक प्रस्तुत कर जीवन के महत्व का संदेश दिया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव रस्तोगी ने तनाव के लक्षणों को पहचानकर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। डॉ. रोहतास और नंदिनी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरुण कुमार यादव, प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम में कुलपति प्रो. पीबी सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों पर पढ़ाई, कॅरिअर और भविष्य को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जा सकती। भोर फाउंडेशन की संस्थापक स्वाति सिंह ने कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि गहरी मानसिक पीड़ा का परिणाम होती है।
विज्ञापन
फाउंडेशन की ओर से नाटक प्रस्तुत कर जीवन के महत्व का संदेश दिया गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव रस्तोगी ने तनाव के लक्षणों को पहचानकर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। डॉ. रोहतास और नंदिनी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरुण कुमार यादव, प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन