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जीवन के उत्कर्ष में सत्संग का विशेष महत्व : सत्यानंद महाराज
Fri, 03 Jan 2025 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:47 AM IST
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जलालाबाद में अखिल भारतीय सोअहम महामंडल द्वारा आयोजित संत सम्मेलन में बोलते पीठाधीश्वर स्वामी सत
जलालाबाद। अखिल भारतीय सोअहम महामंडल के तत्वावधान में शुरू हुए संत सम्मेलन में सोअहम पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जीवन के उत्कर्ष में सत्संग का विशेष महत्व है। जीवन जीने की कला और तमाम समस्याओं को सहन करने की शक्ति सत्संग से ही आती है।
स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि सत्संग से जीवन में नैतिक मूल्य और उद्देश्य की समझ आती है। इससे जीवन की गलतियों में सुधार किया जा सकता है। यही वह माध्यम है जिससे मनुष्य को संस्कृति, धर्म, कर्म तथा अच्छे-बुरे का अंतर समझ में आता है। मानव जीवन में संत सेवा, देव सेवा अतिथि सेवा, माता-पिता की सेवा, अनाथ-असहाय की सेवा, गोसेवा जैसे गुणों का समावेश सत्संग से ही होता है।
इस दौरान स्वामी प्रीतमदास ने रामायण के माध्यम से सत्संग की महिमा बताई। स्वामी प्रणवानंद, स्वामी भगवतानंद, स्वामी सच्चिदानंद ने भी सत्संग के गुणों का बखान किया। स्वामी नारायणानंद ने मंच का संचालन किया। इस मौके पर आयोजक रमेश गुप्ता, वेदप्रकाश गुप्ता, किरनेश चौहान, राधेश्याम गुप्ता, विशाल गुप्ता, निखिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि सत्संग से जीवन में नैतिक मूल्य और उद्देश्य की समझ आती है। इससे जीवन की गलतियों में सुधार किया जा सकता है। यही वह माध्यम है जिससे मनुष्य को संस्कृति, धर्म, कर्म तथा अच्छे-बुरे का अंतर समझ में आता है। मानव जीवन में संत सेवा, देव सेवा अतिथि सेवा, माता-पिता की सेवा, अनाथ-असहाय की सेवा, गोसेवा जैसे गुणों का समावेश सत्संग से ही होता है।
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इस दौरान स्वामी प्रीतमदास ने रामायण के माध्यम से सत्संग की महिमा बताई। स्वामी प्रणवानंद, स्वामी भगवतानंद, स्वामी सच्चिदानंद ने भी सत्संग के गुणों का बखान किया। स्वामी नारायणानंद ने मंच का संचालन किया। इस मौके पर आयोजक रमेश गुप्ता, वेदप्रकाश गुप्ता, किरनेश चौहान, राधेश्याम गुप्ता, विशाल गुप्ता, निखिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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