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जमीनें मिलने के बावजूद बिजली उपकेंद्रों को नहीं मिल रही स्वीकृति
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परोर मैं वह स्थान जहां पर विद्युत उप केंद्र निमाज्ण के लिए भूमि चिन्हित की गई है
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बिजली संकट गहराने का एक बड़ा कारण परियोजनाओं का आगे नहीं बढ़ना भी है। पुरानी जर्जर लाइनों और ओवरलोडिंग के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। परौर, जैतीपुर क्षेत्र के गांव सुनौरा रमपुरा समेत जिले में दो अन्य स्थानों पर भी नए उपकेंद्र बनने हैं, लेकिन कहीं जमीन तो कहीं बजट की बाधा आड़े आ रही है। यही वजह है कि बिजली संकट से लोगों को निजात नहीं मिल रही है।
परौर के 50 गांव कीलापुर फीडर पर निर्भर
परौर। क्षेत्र के लोगों को पहले गरेली फीडर से बिजली मिलती थी, लेकिन अब क्षेत्र के करीब 50 गांवों को कलान बिजली उपकेंद्र के कीलापुर फीडर से जोड़ा गया है। दोनों फीडरों का निर्माण आजादी के समय कराया गया था। यह लाइनें पुरानी और लंबी होने के कारण अक्सर खराब रहती हैं। राजा अजय कुमार सिंह के प्रयास से विद्युत उपकेंद्र के लिए गांव के जूनियर हाई स्कूल के पास जमीन भी मिल गई है। उप केंद्र निर्माण को पट्टे की जमीन का आवंटन भी हो चुका है। ग्रामवासी अवधेश कश्यप, अरविंद गुप्ता आदि ग्रामीणों ने उपकेंद्र जल्द निर्मित कराने का अनुरोध किया है। ग्राम प्रधान चांदनी माथुर भी मानती हैं कि नया उपकेंद्र बनने के बाद ही क्षेत्र में बिजली संकट का समाधान हो सकेेगा। जलालाबाद विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार के अनुसार परौर में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को लगभग सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं और पत्रावली विभाग में स्वीकृत हेतु विचाराधीन है।
सुनौरा रमपुरा में उपकेंद्र को बजट का इंतजार
जैतीपुर क्षेत्र के गांव सुनौरा रमपुरा में भी 33 केवी क्षमता का नया उपकेंद्र बनाने को भूमि चयन का काम काफी पहले पूरा किया जा चुका है। दरअसल, कटरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीर विक्रम सिंह भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के परौर और सुनौरा रमपुरा में उपकेंद्र बनवाने को काफी पहले से प्रयासरत हैं। इस संबंध में उन्होंने तत्कालीन ऊर्जा मंत्री से पत्राचार किया था। इसके उत्तर में ऊर्जा मंत्री ने विधायक को अवगत कराया था कि उनका पत्र उचित कार्रवाई के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा जा रहा है। इस पत्राचार के बाद ही विद्युत निगम के अभियंताओं ने मुख्यालय को उपकेंद्र का प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
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बनतारा और यूपीएसआईडीसी में जमीन की समस्या
जनपद में 33 केवी क्षमता के दो नए उपकेंद्र विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधीन सीतापुर मार्ग पर बनतारा में और कांट रोड पर जमौर स्थित उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) परिसर में प्रस्तावित हैं। इनके प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी दोनों स्थानों पर जमीन का प्रबंध नहीं हो सका है। वितरण खंड के एक्सईएन रंजीत कुमार भी मानते हैं कि बनतारा में उपकेंद्र बनने पर अटसलिया उपकेंद्र की लाइनों पर ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। इसी तरह बरेली मोड़ स्थित आवास विकास उपकेंद्र के जमौर फीडर का विद्युत भार कम करने के लिए यूपीएसआईडीसी परिसर में नया उपकेंद्र तैयार करने की योजना बनाई गई है।
वितरण खंड प्रथम के उपकेंद्रों के लिए जमीनें देखी जा रही हैं। जहां जमीनें मिल चुकी हैं, उन स्थानों पर उपकेंद्रों के निर्माण को बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन नए उपकेंद्र बनने में कम से कम एक वर्ष का समय लगने का अनुमान है। -जेबी सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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परौर के 50 गांव कीलापुर फीडर पर निर्भर
परौर। क्षेत्र के लोगों को पहले गरेली फीडर से बिजली मिलती थी, लेकिन अब क्षेत्र के करीब 50 गांवों को कलान बिजली उपकेंद्र के कीलापुर फीडर से जोड़ा गया है। दोनों फीडरों का निर्माण आजादी के समय कराया गया था। यह लाइनें पुरानी और लंबी होने के कारण अक्सर खराब रहती हैं। राजा अजय कुमार सिंह के प्रयास से विद्युत उपकेंद्र के लिए गांव के जूनियर हाई स्कूल के पास जमीन भी मिल गई है। उप केंद्र निर्माण को पट्टे की जमीन का आवंटन भी हो चुका है। ग्रामवासी अवधेश कश्यप, अरविंद गुप्ता आदि ग्रामीणों ने उपकेंद्र जल्द निर्मित कराने का अनुरोध किया है। ग्राम प्रधान चांदनी माथुर भी मानती हैं कि नया उपकेंद्र बनने के बाद ही क्षेत्र में बिजली संकट का समाधान हो सकेेगा। जलालाबाद विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार के अनुसार परौर में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को लगभग सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं और पत्रावली विभाग में स्वीकृत हेतु विचाराधीन है।
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सुनौरा रमपुरा में उपकेंद्र को बजट का इंतजार
जैतीपुर क्षेत्र के गांव सुनौरा रमपुरा में भी 33 केवी क्षमता का नया उपकेंद्र बनाने को भूमि चयन का काम काफी पहले पूरा किया जा चुका है। दरअसल, कटरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीर विक्रम सिंह भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के परौर और सुनौरा रमपुरा में उपकेंद्र बनवाने को काफी पहले से प्रयासरत हैं। इस संबंध में उन्होंने तत्कालीन ऊर्जा मंत्री से पत्राचार किया था। इसके उत्तर में ऊर्जा मंत्री ने विधायक को अवगत कराया था कि उनका पत्र उचित कार्रवाई के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा जा रहा है। इस पत्राचार के बाद ही विद्युत निगम के अभियंताओं ने मुख्यालय को उपकेंद्र का प्रस्ताव बनाकर भेजा था।
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बनतारा और यूपीएसआईडीसी में जमीन की समस्या
जनपद में 33 केवी क्षमता के दो नए उपकेंद्र विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधीन सीतापुर मार्ग पर बनतारा में और कांट रोड पर जमौर स्थित उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) परिसर में प्रस्तावित हैं। इनके प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी दोनों स्थानों पर जमीन का प्रबंध नहीं हो सका है। वितरण खंड के एक्सईएन रंजीत कुमार भी मानते हैं कि बनतारा में उपकेंद्र बनने पर अटसलिया उपकेंद्र की लाइनों पर ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो जाएगी। इसी तरह बरेली मोड़ स्थित आवास विकास उपकेंद्र के जमौर फीडर का विद्युत भार कम करने के लिए यूपीएसआईडीसी परिसर में नया उपकेंद्र तैयार करने की योजना बनाई गई है।
वितरण खंड प्रथम के उपकेंद्रों के लिए जमीनें देखी जा रही हैं। जहां जमीनें मिल चुकी हैं, उन स्थानों पर उपकेंद्रों के निर्माण को बजट स्वीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन नए उपकेंद्र बनने में कम से कम एक वर्ष का समय लगने का अनुमान है। -जेबी सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम