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Shahjahanpur News: ठंडे पड़े सराफा कारोबार को सहालग की संजीवनी से उम्मीद
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अमित वर्मा, सर्राफा व्यापारी
शाहजहांपुर। सहालग शुरू होने के साथ ही पिछले काफी समय से ठंडे पड़े सराफा कारोबार को फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, अभी ग्रामीण क्षेत्र के खरीदार अधिक पहुंच रहे हैं। जेवर भी हल्का बनवा रहे हैं। नौ कैरेट के सोने के आभूषण भी बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन लोगों का विश्वास अब भी 18 और 22 कैरेट के आभूषणों पर है।
सहालग शुरू हो गया है। जून और जुलाई में कई शुभ मुहूर्त हैं। कुछ महीने पहले सोने के दाम दो लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम चार लाख रुपये प्रति किग्रा तक हो गए थे। सोने-चांदी की कीमत बढ़ने पर कई लोगों ने निवेश के लिहाज से खरीदारी की लेकिन लोगों ने जेवर खरीदने की योजना टाल दी।
कुछ समय पहले प्रधानमंत्री की सोने की अनावश्यक खरीद न करने की अपील का भी असर दिखा। सराफा व्यापारियों के साथ ही कारीगरों के सामने संकट खड़ा हो गया। हालांकि ईरान-अमेरिका युद्ध के शांत होने से एक बार फिर सराफा कारोबार बेहतर होने की उम्मीद जगी है। खासतौर पर सहालग में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
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सराफा कारोबारियों के मुताबिक, इस समय ग्रामीण क्षेत्र के लोग बहुत हल्के जेवर पसंद कर रहे हैं। बाजार में नौ कैरेट के आभूषण भी उपलब्ध हैं। इसमें केवल 37 प्रतिशत सोना होता है।
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अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में लोग पुराना सोना बदलकर हल्के वजन के नए जेवर ले रहे हैं। चांदी के आभूषणों की मांग कम है। भाव में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण लोग अब सोने-चांदी के निवेश में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। सहालग में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
- अमित वर्मा, सराफा व्यापारी
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लोग हल्के जेवर ज्यादा पसंद कर रहे हैं। चांदी की अपेक्षा सोने के आभूषणों की मांग अधिक है। 18 और 22 कैरेट के अलावा बाजार में नौ कैरेट के जेवर भी आ गए हैं, लेकिन अभी इनकी मांग कम है। लोगों का विश्वास अब भी 18 और 22 कैरेट पर है। उम्मीद कर रहे हैं कि सहालग में बाजार गति पकड़ेगा।
- अभिनव गुप्ता, सराफा व्यापारी
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सहालग शुरू हो गया है। जून और जुलाई में कई शुभ मुहूर्त हैं। कुछ महीने पहले सोने के दाम दो लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम चार लाख रुपये प्रति किग्रा तक हो गए थे। सोने-चांदी की कीमत बढ़ने पर कई लोगों ने निवेश के लिहाज से खरीदारी की लेकिन लोगों ने जेवर खरीदने की योजना टाल दी।
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कुछ समय पहले प्रधानमंत्री की सोने की अनावश्यक खरीद न करने की अपील का भी असर दिखा। सराफा व्यापारियों के साथ ही कारीगरों के सामने संकट खड़ा हो गया। हालांकि ईरान-अमेरिका युद्ध के शांत होने से एक बार फिर सराफा कारोबार बेहतर होने की उम्मीद जगी है। खासतौर पर सहालग में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
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सराफा कारोबारियों के मुताबिक, इस समय ग्रामीण क्षेत्र के लोग बहुत हल्के जेवर पसंद कर रहे हैं। बाजार में नौ कैरेट के आभूषण भी उपलब्ध हैं। इसमें केवल 37 प्रतिशत सोना होता है।
अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में लोग पुराना सोना बदलकर हल्के वजन के नए जेवर ले रहे हैं। चांदी के आभूषणों की मांग कम है। भाव में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण लोग अब सोने-चांदी के निवेश में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे। सहालग में बेहतर कारोबार की उम्मीद है।
- अमित वर्मा, सराफा व्यापारी
लोग हल्के जेवर ज्यादा पसंद कर रहे हैं। चांदी की अपेक्षा सोने के आभूषणों की मांग अधिक है। 18 और 22 कैरेट के अलावा बाजार में नौ कैरेट के जेवर भी आ गए हैं, लेकिन अभी इनकी मांग कम है। लोगों का विश्वास अब भी 18 और 22 कैरेट पर है। उम्मीद कर रहे हैं कि सहालग में बाजार गति पकड़ेगा।
- अभिनव गुप्ता, सराफा व्यापारी

अमित वर्मा, सर्राफा व्यापारी

अमित वर्मा, सर्राफा व्यापारी