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रेलवे लाइन से शव हटाने में पुलिस ने दिखाई तत्परता

Thu, 22 Jan 2015 12:05 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Thu, 22 Jan 2015 12:05 AM IST
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six person killed in train actident
खन्नौत नदी पुल पर ट्रेन की चपेट में आकर मारे गए छह लोगों के शवों को रेलवे ट्रैक से हटाने में पुलिस ने तेजी से काम किया। इसी वजह से पुलिस को सूचना मिलने के आधा घंटे के अंदर डाउन लाइन का यातायात सुचारू कर दिया गया।
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घटना दुर्घटना के बाद लेट पहुंचने के लिए बदनाम पुलिस कर्मियों ने रेल दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने में काफी तत्परता से काम किया। सिपाही शवों को कंबलों और चादरों में रखकर एंबुलेंस तक ले गए। इस दौरान घटना की सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही डीएम-एसपी समेत कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के अलावा स्टेशन अधीक्षक एके गौतम, आरपीएफ इंस्पेक्टर एसपी सिंह, जीआरपी इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय आदि दुर्घटना स्थल पहुंच गए। इन अफसरों ने तुरंत ही शवों को हटवाकर रेल यातायात सुचारू कराया।
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भीड़ को रेलवे लाइन से हटाना पड़ा
खन्नौत नदी पर हुई घटना की खबर शहर में जिसको लगी वह खन्नौत नदी के पुल की ओर दौड़ पड़ा। इससे वहां काफी भीड़ हो गई, फिर उन्हें हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद भी तमाशबीन वहां पहुंचते रहे, तब तक जब तक शव वहां से चले नहीं गए।
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वकीलों ने जताया शोक, न्यायिक कार्य से रहे विरत
ट्रेन दुर्घटना का पता चलने के बाद सेंट्रल बार एसोसिएशन ने एक बैठक कर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर शोक जताया। इसके साथ ही बुधवार को कोई भी न्यायिक कार्य नहीं किया। शोक सभा में अध्यक्ष मनेंद्र सिंह, महासचिव संजय मिश्रा, राजीव मिश्र, अजय वर्मा, राजाराम पाल आदि मौजूद रहे।


कंबल में लपेटे थी जिगर के टुकड़े को
खन्नौत नदी के पुल पर हादसे का शिकार हुई एक महिला अपने जिगर के टुकड़े को कंबल में लपेटकर गोद लिए हुए थी, उसे सर्दी से बचाने के लिए ऐसा किया था। ट्रेन से टकराने के बाद उसका कंबल पुल के नीचे गिरा। माना जा रहा है कि यह बच्ची इसी महिला की थी।

कोहरा न होता तो बच जातीं जानें
रेल दुर्घटना में मारे गए छह लोग ट्रेन को देख नहीं सके थे, जिससे उनकी जान चली गई। ट्रेन न देख पाने की वजह उस वक्त कोहरा होना भी हो सकती है।

शव देखकर डर गया था की-मैन रमेशचंद्र
खन्नौत नदी पर हुई छह लोगों की मौत की जानकारी सबसे पहले की-मैन रमेश चंद्र को हुई थी। रमेश ने बताया कि जब वह रेल लाइन देखते हुए जा रहा था तो शवों का एक गट्ठर जैसा दिखाई दिया, जिसे देखकर वह डर गया। इसके बाद उसने करीब पौने दस बजे इसकी सूचना पीडब्ल्यूआई आशुतोष को दी। पीडब्ल्यूआई ने इसकी सूचना तुरंत स्टेशन अधीक्षक एके गौतम को दी। इसके बाद करीब 10 बजे जीआरपी और आरपीएफ इंस्पेक्टर को सूचना मिली और वे फौरन मौके पर पहुंच गए।

दुर्घटना की जानकारी होने से पहले ये ट्रेनें गुजरीं थीं
डाउनलाइन पर खन्नौत नदी के पुल पर रेल की चपेट में आए छह लोगों की मौत होने की जानकारी होने से पहले तक तीन ट्रेनें गुजरीं थीं। इसमें नौचंदी एक्सप्रेस सुबह 08:50 बजे, पंजाब मेल 09:15 बजे और जननायक 09:36 बजे गुजरीं थीं। इन्हीं तीनों ट्रेनों में से किसी ट्रेन से दुर्घटना हुई।


रेलवे नहीं देगा मुआवजा
शाहजहांपुर। हादसे में मारे गए लोगों को रेलवे मुआवजा नहीं देगा। शाहजहांपुर के स्टेशन अधीक्षक एके गौतम ने बताया कि इस तरह के हादसों में मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। सिर्फ रेलवे क्रासिंग पर कोई हादसा होता है तो परिस्थितियों को देखकर मुआवजा दिया जाता है। वहीं अब केवल एक स्थिति यह बन सकती है कि प्रदेश सरकार की ओर से अनुकंपा के तौर पर सहायता राशि दी जा सके।
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