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खतरे का सायरन बजते ही फोन कराएं स्विच ऑफ, बंकर में दशहत के बीच कटी रात

Mon, 28 Feb 2022 02:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:14 AM IST
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Shut off the phone as soon as the danger siren sounds, the night broke in the bunker amid panic
दीपांशु वर्मा व अभिषेक वर्मा । - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। यूक्रेन में फंसे शाहजहांपुर के छात्र-छात्राओं अब भी दहशत में जी रहे हैं। उन्होंने परिजन को बजाया कि जिन सड़कों पर चहल-पहल रहती थी। वहां सन्नाटा पसरा है। बम और मिसाइलों की आवाज इस सन्नाटे को चीर रही हैं। सड़कों पर लड़ाकू टैंक की आवाजाही लगी हुई। शुक्रवार रात तनाव बढ़ने पर खतरे के तीन सायरन बजते ही एनाउंस कर छात्रों के मोबाइल फोन बंद कर बंकरों में जाने के निर्देश दिए। कड़ाके की सर्दी में पूरी रात बंकर में गुजरी। इधर, फोन बंद होने से छात्र-छात्राओं के परिजन की रात भी जागकर कटी। 12 से 15 घंटे के बाद बच्चों का मैसेज आने के बाद राहत की सांस ली।
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मोहल्ला महमंद जंगला निवासी मोहम्मद आसिफ के बेटे मोहम्मद सानी ने यूक्रेन के शहर खारकीव से शुक्रवार रात 10.56 मिनट पर कॉल कर पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी थी। उसने इतना बताया कि आज खतरा काफी ज्यादा है। इसलिए फोन बंद करने के आदेश हुए हैं। सुरक्षा के लिए बंकर में जा रहे हैं, आप घबराना नहीं। इतनी बात होने के बाद कॉल कट हो गई। बेटे के मुश्किल में होने के चलते पूरी रात आसिफ ओर उनकी बेगम सबिहा को नींद नहीं आई। बेटे की चिंता में जागकर पूरी रात कटी। सुबह फजिर की नमाज पढ़कर अल्लाह से बेटे की सलामती की दुआ मांगी।
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शनिवार को तीन बजे सानी की कॉल आई तो पूरे परिवार ने राहत की सांस ली। उसने बताया कि पूरी रात बम और मिसाइलों के धमाकों की आवाज आती रही। कानों को फोड़ देने वाली आवाज सुनकर हर व्यक्ति के चेहरे पर तनाव है। कर्फ्यू लगा होने के कारण मेस तक नहीं जा पाए। बंकर में बिस्किट और नमकीन खाकर समय गुजारा। रात भी बंकर में सर्दी में कटी। शनिवार सुबह बंकर से निकलकर मेस में खाना खाया। उसने अपनी मां सबिहा को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि परेशान मत होना। हम खुद ही सही समय पर कॉल करेंगे।
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16 घंटे के बाद हुई बेटों से बातचीत
आनंदपुरम कॉलोनी निवासी संजय वर्मा के बेेटे दीपांशु वर्मा और अभिषेक वर्मा से 16 घंटे के बाद बातचीत होने पर परिजन के चेहरे पर खुशी लौट सकी। शुक्रवार रात 11 बजे संजय वर्मा के बेटों ने फोन कर बताया था कि हालात काफी ज्यादा गंभीर है। हवाई हमले लगातार हो रहे हैं। बम फूटने की आवाज कानों को सुन्न कर दे रही है। कीव पर ज्यादा फोकस है। बताया कि लगातार बमबारी होने के चलते बंकर में जा रहे हैं।
संजय वर्मा ने बताया कि इतनी बात होने के बाद फोन कट गया। बमबारी होने की आवाज सुनकर संजय वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों के चेहरे पर मायूसी छा गई। सुबह में बेटों से संपर्क साधने का प्रयास किया, पर फोन स्विच ऑफ बताता रहा। दोपहर तीन बजे फोन पर बेटे दीपांशु से बात हुई। उसने बताया कि बंकर में रहकर पूरी रात गुजारी है। सुरक्षा की दृष्टि से सरकार ने फोन को बंद करा दिया था।
पोलैंड और रोमानिया के रास्ते वापसी की संभावना
मोहल्ला हद्दफ के सकलैन जिया अंसारी की रात भी बंकर में गुजरी। उनका फोन भी बंद था। सकलैन के पिता जियाउद्दीन अंसारी ने बताया कि सुबह दस बजे बेटे को मैसेज किया था। तब उसका दो बजे कॉल आईं। उसने बताया कि पूरी रात भीषण बमबारी होने के चलते आवाजें आती रही। जिस कारण बंकर में सुरक्षा की दृष्टि से चले गए थे। सुबह में हालात में सुधार होने के अपने फ्लैट में वापस आ गए थे। जियाउद्दीन ने बताया कि हवाई अड्डे पर रूस ने कब्जा कर लिया। ऐसे में पोलैंड और रोमानिया के रास्ते वापसी होने की संभावना बन रही है। बताया कि दूतावास को छात्रों के लिए गाड़ियां नहीं मिल पा रही हैं। जिसके चलते एयरलिफ्ट होने में देरी हो रही है।
बेटे से बात होने पर ली राहत की सांस
आनंदपुरम कॉलोनी निवासी गिरीश अवस्थी ने पूरी रात जागकर काटी। सोने का प्रयास करने के बाद भी आंखों से नींद गायब थी। बेटे हर्ष अवस्थी को लेकर चिंता बनीं हुई थी। सुबह हर्ष का फोन आने पर परिजनों के चेहरे की रौनक लौट आईं। हर्ष ने बताया कि यहां पर ठीक हैं। हमले के खतरे को देखते हुए बंकर में चले गए थे। बेटे से बात होने के बाद शनिवार को गिरीश अवस्थी ने राहत की सांस ली।
प्रशासन भी अलर्ट, कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया
यूक्रेन में फंसे छात्रों के लिए प्रशासन भी अलर्ट हो गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व गिरिजेश चौधरी ने बताया कि जनपद के जो छात्र यूक्रेन में हैं। उनके लिए कलक्ट्रेट परिसर स्थित कार्यालय जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में आपदा कंट्रोल रूम बना दिया। यूक्रेन में फंसे छात्रों का डाटा कंट्रोल रूम नंबर 05842-220017, 220018 और 220019 और आपदा सहायक संजीव सक्सेना के मोबाइल नंबर 9452003741 व नोडल अधिकारी एडीएम 9454417598 पर नोट करा सकते हैं। प्रदेश सरकार ने भी राज्य स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 0522-1070 व मोबाइल नंबर 9454441081 जारी है। शुक्रवार को तहसील से आई टीम ने यूक्रेन के छात्रों के परिजनों से संपर्क साधकर जानकारी जुटाई है।
छात्रों की सकुशल वापसी के लिए भेजा ज्ञापन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की सकुशल वापसी के लिए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें बताया कि यूक्रेन में रूसी हमले से वहां के हालात ज्यादा खराब हो गए हैं। ऐसे में भारतीय छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। डर के माहौल में जीने के साथ ही खाने-पीने की समस्या भी हो रही हैं। भारतीय बच्चों ने कभी युद्ध की स्थिति नहीं देखी।

उन्हें सायरन, बम की आवाज, चीख-पुकार की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भारत सरकार से सभी भारतीय छात्र-छात्राओं को सकुशल वापसी की मांग की। इसी तरह यूक्रेन के युद्ध के नाम पर जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष जियाउद्दीन अंसारी, उपाध्यक्ष नरेंद्र देव, महामंत्री पंकज सिंह आदि शामिल रहे। संवाद

दीपांशु वर्मा व अभिषेक वर्मा के परेशान बैठे परिजन । संवाद

दीपांशु वर्मा व अभिषेक वर्मा के परेशान बैठे परिजन । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

हर्ष अवस्थी के परेशान बैठे परिजन । संवाद

हर्ष अवस्थी के परेशान बैठे परिजन । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

मोहम्मद सानी के पिता दुआ करते हुए।

मोहम्मद सानी के पिता दुआ करते हुए।- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

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