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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   She went to jail even though she was innocent...her work was ruined, her marriage also broke down

Shahjahanpur News: बेगुनाह होकर भी जाना पड़ा जेल... कामकाज चौपट, शादी भी टूट गई

Sun, 19 Jan 2025 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Sun, 19 Jan 2025 01:05 AM IST
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She went to jail even though she was innocent...her work was ruined, her marriage also broke down
अनीस। संवाद
शाहजहांपुर। बेगुनाह होने के बावजूद हत्या के मुकदमे में 17 साल तक फंसे रहे अनीस आज भी उस दौर को याद कर सिहर जाते हैं। अनीस बताते हैं कि केस में फंसने से उनकी शादी टूट गई। काम-धंधा चौपट हो गया। शुक्रवार को अदालत में बेगुनाह साबित होने के बाद अनीस ने इसे न्याय की जीत बताते हुए संतुष्टि जाहिर की है।
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2007 में हुए रीता गुप्ता हत्याकांड में अनीस और प्रमोद को दोषी मानते हुए विवेचक प्रभारी निरीक्षक बीएस वर्मा ने आरोपपत्र अदालत भेजा था। अदालत में बेगुनाह साबित होने के बाद अनीस ने बताया कि वह बाइक मिस्त्री का काम करके परिवार की गुजर बसर करते थे। पहले राजघाट चौकी के सामने उनकी किराये की दुकान थी। अब वे डैम रोड पर कामकाज करते हैं।
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रीता गुप्ता के घर में उनका आना-जाना था। हत्याकांड के बाद पुलिस ने उन्हें चौकी बुलाया। पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया। बाद में फिर से बुलाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस दौरान उन्हें मारा-पीटा भी गया। बेगुनाह होने के बावजूद उन्हें एक महीने दस दिन तक जेल काटनी पड़ी। किसी तरह से जमानत कराकर बाहर आए तो कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने शुरू किए। इस चक्कर में काम-धंधा भी चौपट हो गया।
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अनीस ने बताया कि जब उन्हें जेल भेजा गया था तो उनकी शादी की बात चल रही थी। हत्या का आरोप लगने के कारण शादी टूट गई। बाद में 2008 में उनकी शादी हुई। जेल जाने के दौरान मां मुन्नी बेगम की सदमे के कारण तबीयत खराब रहने लगी। कुछ समय बाद उनकी मौत भी हो गई।
इधर, कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगी। इसके बावजूद उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा था। इस वजह से हर तारीख पर वह अदालत जाते रहे। अदालत में सभी गवाहों ने हत्याकांड में उनकी संलिप्तता से इन्कार कर दिया। इस वजह से पूरी उम्मीद थी कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा।
शुक्रवार को आए अदालत के फैसले पर अनीस ने खुशी जताते हुए कहा कि गलत विवेचना के कारण प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से वह संतुष्ट हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रीता गुप्ता का परिवार अब यहां नहीं रहता है।

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यह था मामला
2007 में अजीजगंज निवासी रीता गुप्ता को गर्रा पुल के पास बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या में कन्नौज के हरीनगर के रहने वाले भाई संजीव कुमार गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ बेटी नीलू ने चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में हत्याकांड में शशिभूषण उर्फ रम्मू उर्फ टम्मू निवासी हरीनगर, कन्नौज का नाम सामने आया था। विवेचक प्रभारी निरीक्षक ने संजीव और शशिभूषण का नाम सामने आने के बावजूद अजीजगंज निवासी अनीस और नवादा इंदेपुर निवासी प्रमोद के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेज दिया था। 17 जनवरी को आए फैसले में अदालत ने दोनों लोगों को निर्दोष करार देते हुए विवेचक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई के लिए डीजीपी को आदेशित किया था।
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