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बजट से शेयर मार्केट धड़ाम, निवेशकों को करोड़ों का तात्कालिक नुकसान
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शाहजहांपुर। केंद्र सरकार के आम बजट में वित्तीय प्रावधानों के असर, खासकर इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव से शेयर मार्केट में आई गिरावट का स्थानीय निवेशकों को भी झटका लगा है। शेयर ब्रोकर्स की मानें तो इस गिरावट के चलते जिले के सैकड़ों निवेशकों को 15 से 20 करोड़ रुपये का तात्कालिक नुकसान होने की आशंका है। उनका कहना है कि सोना, चांदी, क्रूड ऑयल आदि जिन चीजों से शेयर मार्केट चलता है, उनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आता रहता है। मगर इससे लंबी अवधि को निवेश करने वालों को नुकसान न होने की संभावना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट अभिभाषण मेें जैसे ही पांच लाख तक की आय पर इनकम टैक्स छूट की घोषणा की, शेयर मार्केट पर भी इसका असर पड़ा और काफी गिरावट हुई। इससे शाहजहांपुर समेत आसपास के करीब आठ हजार निवेशकों को भी झटका लगा है। यह निवेशक सात-आठ शेयर ब्रोक्रर के जरिये विभिन्न कंपनियों में निवेश करते हैं। शेयर ब्रोकर्स का कहना है कि वे निवेशक सबसे ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने आईटीसी, टाटा मोटर्स, एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी, लार्सन एंड ट्रुबो आदि कंपनियों में सीमित अवधि वाले शेयर ले रखे थे और अवमूल्यन होते देख उन्हें बेच दिया। शेयर ब्रोकर्स का कहना है कि इस गिरावट के चलते शेयर बेचना निवेशकों का बुद्धिमानी वाला निर्णय नहीं है क्योंकि यह गिरावट स्थाई नहीं होती।
सदर बाजार के शेयर ब्रोकर राजीव भारती का कहना है कि अब तक इनकम टैक्स बचाने को लोग बीमा कंपनियों में निवेश करते थे, लेकिन सरकार ने आयकर छूट सीमा बढ़ाई तो इन कंपनियों में निवेशकों का रुझान घटना स्वाभाविक है। बाजार की इसी स्थिति को भांपते हुए इन कंपनियों ने अपनी शेयर वैल्यू घटा दी। इससे शेयर मार्केट में गिरावट आना स्वभाविक है। मगर इसे लंबी अवधि के नुकसान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि जिस कंपनी के शेयर लगातार ऊपर उठते हैं, उनके मूल्य में कभी न कभी गिरावट भी आती है।
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मोहन गंज के शेयर ब्रोकर पंकज मिश्रा का कहना है कि किसी भी कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव होता रहता है लेकिन वह कभी शून्य तक नहीं पहुंचता। इसलिए शेयर मार्केट मेें गिरावट से निवेशकों को नुकसान नहीं होता क्योंकि जिस शेयर का भाव आज कम हुआ है, वह आने वाले दिनों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। लंबी अवधि के निवेशक शेयर मार्केट के इस उतार-चढ़ाव से भली भांति अवगत होते हैं। मगर गिरावट देखकर शेयर बेच देने वाले कम समय के निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है, जो बाजार चढ़ने पर हाथ मलते रह जाते हैं।
ब्रोकर्स और निवेशकों की बात
प्रकृति का नियम है कि जो ऊपर जाएगा, उसे देर-सवेर नीचे भी आना पड़ेगा। शेयर बाजार पर भी यही नियम लागू होता है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि शेयर में गिरावट कुछ समय रहती है। यह हालातों पर निर्भर करता है कि शेयर वैल्यू कब घटेगी और कब बढ़ेगी। बजट में सरकार ने रियल एस्टेट और प्राथमिक संसाधनों को उठाने की कोशिश की है। इसलिए निवेशक यह मानकर चलें कि शेयर मार्केट कुछ समय बाद फिर उछाल लेगा।
- राजीव भारती, शेयर ब्रोकर
शेयर के भाव में गिरावट तात्कालिक तौर पर आई है, यह स्थायी नहीं है। बजट में सरकार ने कई दीर्घकालिक आधारभूत निर्णय लिए हैं। इसलिए शेयर मार्केट दोबारा उठेगा। मध्य आय वर्ग को आयकर में छूट दिए जाने से बाजार में तरलता बढ़ेगी। आज अवकाश है, सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार पर सरकार के बजटीय फैसलों का सकारात्मक असर दिखने लगेगा। इसलिए मैं अपने जैसे सभी निवेशकों को यही सलाह दूंगा कि वह धैर्य बनाए रखें और घबराहट में शेयर बेचने की गलती न करें।
-विनोद सराफ, शेयर होल्डर, सदर बाजार
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में बजट अभिभाषण मेें जैसे ही पांच लाख तक की आय पर इनकम टैक्स छूट की घोषणा की, शेयर मार्केट पर भी इसका असर पड़ा और काफी गिरावट हुई। इससे शाहजहांपुर समेत आसपास के करीब आठ हजार निवेशकों को भी झटका लगा है। यह निवेशक सात-आठ शेयर ब्रोक्रर के जरिये विभिन्न कंपनियों में निवेश करते हैं। शेयर ब्रोकर्स का कहना है कि वे निवेशक सबसे ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने आईटीसी, टाटा मोटर्स, एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी, लार्सन एंड ट्रुबो आदि कंपनियों में सीमित अवधि वाले शेयर ले रखे थे और अवमूल्यन होते देख उन्हें बेच दिया। शेयर ब्रोकर्स का कहना है कि इस गिरावट के चलते शेयर बेचना निवेशकों का बुद्धिमानी वाला निर्णय नहीं है क्योंकि यह गिरावट स्थाई नहीं होती।
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सदर बाजार के शेयर ब्रोकर राजीव भारती का कहना है कि अब तक इनकम टैक्स बचाने को लोग बीमा कंपनियों में निवेश करते थे, लेकिन सरकार ने आयकर छूट सीमा बढ़ाई तो इन कंपनियों में निवेशकों का रुझान घटना स्वाभाविक है। बाजार की इसी स्थिति को भांपते हुए इन कंपनियों ने अपनी शेयर वैल्यू घटा दी। इससे शेयर मार्केट में गिरावट आना स्वभाविक है। मगर इसे लंबी अवधि के नुकसान से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि जिस कंपनी के शेयर लगातार ऊपर उठते हैं, उनके मूल्य में कभी न कभी गिरावट भी आती है।
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मोहन गंज के शेयर ब्रोकर पंकज मिश्रा का कहना है कि किसी भी कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव होता रहता है लेकिन वह कभी शून्य तक नहीं पहुंचता। इसलिए शेयर मार्केट मेें गिरावट से निवेशकों को नुकसान नहीं होता क्योंकि जिस शेयर का भाव आज कम हुआ है, वह आने वाले दिनों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। लंबी अवधि के निवेशक शेयर मार्केट के इस उतार-चढ़ाव से भली भांति अवगत होते हैं। मगर गिरावट देखकर शेयर बेच देने वाले कम समय के निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ता है, जो बाजार चढ़ने पर हाथ मलते रह जाते हैं।
ब्रोकर्स और निवेशकों की बात
प्रकृति का नियम है कि जो ऊपर जाएगा, उसे देर-सवेर नीचे भी आना पड़ेगा। शेयर बाजार पर भी यही नियम लागू होता है, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि शेयर में गिरावट कुछ समय रहती है। यह हालातों पर निर्भर करता है कि शेयर वैल्यू कब घटेगी और कब बढ़ेगी। बजट में सरकार ने रियल एस्टेट और प्राथमिक संसाधनों को उठाने की कोशिश की है। इसलिए निवेशक यह मानकर चलें कि शेयर मार्केट कुछ समय बाद फिर उछाल लेगा।
- राजीव भारती, शेयर ब्रोकर
शेयर के भाव में गिरावट तात्कालिक तौर पर आई है, यह स्थायी नहीं है। बजट में सरकार ने कई दीर्घकालिक आधारभूत निर्णय लिए हैं। इसलिए शेयर मार्केट दोबारा उठेगा। मध्य आय वर्ग को आयकर में छूट दिए जाने से बाजार में तरलता बढ़ेगी। आज अवकाश है, सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार पर सरकार के बजटीय फैसलों का सकारात्मक असर दिखने लगेगा। इसलिए मैं अपने जैसे सभी निवेशकों को यही सलाह दूंगा कि वह धैर्य बनाए रखें और घबराहट में शेयर बेचने की गलती न करें।
-विनोद सराफ, शेयर होल्डर, सदर बाजार