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शाहजहांपुर के आसमान पर छाई प्रदूषण की धुंध

Sun, 06 Nov 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sun, 06 Nov 2016 12:13 AM IST
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Shahjahanpur haze of pollution dominated the skies
शाहजहांपुर में वायु प्रदूषण का हाल
इसे खेतों में कट रही धान की फसल का पुआल जलाने का नतीजा कहें या फिर देश की राजधानी दिल्ली के आकाश पर छाए स्मॉग का असर। कारण जो भी हो, लेकिन उत्तर भारत में पांव पसार रही प्रदूषित धुंध शाहजहांपुर के आसमान पर छाने लगी है। शनिवार को दोपहर बाद बादल छाने से सड़कों पर दिन ढलने जैसा नजारा बनने लगा। धूप नहीं निकलने से दिन में तापमान भी दो डिग्री लुढ़क गया। देश-विदेश की अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा लिए गए उपग्रह चित्रों से पहले ही स्पष्ट हो चुका है कि शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में धान की कटाई के बाद खेतों में पुआल जलाने से स्मॉग की समस्या को बढ़ावा मिल रहा है। सच यह भी है कि जिले में पुआल जलाने की समस्या कोई नई नहीं है। प्रशासन की कड़ी बंदिश के बावजूद गेहूं-धान की फसलों के अपशिष्ट जलाए जाते रहे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र में दिन ढलते ही निचले वायुमंडल में धुआं भी तैरने लगता है, लेकिन आसमान में ऊंचाई पर धुंध छाने की समस्या जिले में पहली बार महसूस की जा रही है। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार इस समय किसी भी दिशा में कोई विक्षोभ वाला स्थान नहीं बनने से हवा तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से नहीं चल रही है। उन्होंने हवा में ठहराव बना रहने की दशा में रविवार को भी आसमान पर बादल छाए रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। 
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प्रदूषित कणों पर नमी बैठने से बढ़ी समस्या
वायुमंडल में तैरते प्रदूषित कणों पर तापमान गिरने से पैदा हुई ओस गिरने से स्मॉग की समस्या बढ़ी है। नवंबर के प्रथम सप्ताह मेें हवा की रफ्तार थमने से धूल कण नमी से भारी होकर एक स्थान पर स्थिर होकर गाढ़े होने लगते हैं, लेकिन अभी तक पर्यावरण विज्ञानी ऐसा कोई यंत्र विकसित नहीं कर पाए हैं, जिससे कि हवा की गति को लेकर कोई पूर्वानुमान व्यक्त किया जा सके। एसएस कालेज की साइंस टीम ने स्थानीय वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर जांचने के लिए एक मशीन से जो आंकड़े जुटाए हैं, उनका विश्लेषण कराया जा रहा है। -डॉ. विकास खुराना, निदेशक, पर्यावरण संस्था पृथ्वी
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