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तीन साल में काम करने लगेगी सीवर लाइन
शाहजहांपुर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Mar 2017 12:11 AM IST
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सीवर लाइन
- फोटो : शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
वर्षों से बंद सीवर लाइन प्रोजेक्ट के दिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही बहुरने लगे हैं। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के प्रयास सीवर लाइन का काम तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा। इस आशय की जानकारी कैबिनेट मंत्री के साथ लखनऊ से आए जल निगम के एमडी जीपी शुक्ल ने दी।
खन्ना के कार्यालय राजभवन में पत्रकारों से बात करते हुए एमडी ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शाहजहांपुर की आबादी 3.29 लाख है, वर्तमान में पानी की खपत भी कम है। मानक के अनुसार 135 एलपीसीडी (लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन) होना चाहिए जो मात्र 70 ही है, इस गैप को भी दूर किया जाएगा, ताकि सीवर लाइन बिछने के बाद पानी की बर्बादी न हो। साथ ही घरों में शत-प्रतिशत कनेक्शन भी होने हैं। उन्होंने बताया कि 2020 तक सीवर लाइन का काम पूरा किया जाना है। इस पर लगभग 64 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पानी की पूर्ति के लिए ट्यूबबेल भी लगने हैं। काम अतिशीघ्र शुरू हो, इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि यह प्रोजेक्ट 17.31 करोड़ का है। एमडी ने बताया कि वॉटर सप्लाई के लिए शहर को नौ जोन में बांटा गया है। जोन तीन और नौ में सीवर लाइन बिछ चुकी है लेकन घरों में कनेक्शन होने शेष हैं। तीन साल में यह काम पूरा होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सीवरेज योजना का प्रस्ताव भी है। इससे जो नाले नदियों में गिरते हैं, उसके पानी का शोधन किया जाएगा। सीवरेज का काम तीन जोन में नदियों के हिसाब से बांटा गया है। इस पर 156.9 करोड़ की लागत आएगी।
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एमडी शुक्ल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आठ योजनाएं चलाने का निर्णय लिया है। नौ करोड़ की लागत से इन योजनाओं के लिए एक सप्ताह में छह करोड़ रुपये स्वीकृत हो जाएंगे। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 51 अन्य योजनाएं भी पेयजल से संबंधित हैं, 60 करोड़ की लागत वाली इन योजनाओं का बजट तीन-चार माह में स्वीकृत हो जाएगा। प्रदेश के सभी गांवों और मजरों में इंडिया मार्का हैंडपंप, ट्यूबबेल तथा टैंक आदि के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। तात्कालिक प्रभाव से जो हैंडपंप खराब पड़े हैं, उन्हें रिबोर करके और आवश्यकतानुसार नए हैंडपंप लगाकर पानी की समस्या दूर की जा रही है।
शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में 97.942 हजार आबाद गांव हैं, जिनमें 2,60,110 बस्तियां और मजरे हैं, जिनको पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में 2,35,341 बस्तियां इंडिया मार्का हैंडपंप से लाभान्वित हैं।
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खन्ना के कार्यालय राजभवन में पत्रकारों से बात करते हुए एमडी ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शाहजहांपुर की आबादी 3.29 लाख है, वर्तमान में पानी की खपत भी कम है। मानक के अनुसार 135 एलपीसीडी (लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन) होना चाहिए जो मात्र 70 ही है, इस गैप को भी दूर किया जाएगा, ताकि सीवर लाइन बिछने के बाद पानी की बर्बादी न हो। साथ ही घरों में शत-प्रतिशत कनेक्शन भी होने हैं। उन्होंने बताया कि 2020 तक सीवर लाइन का काम पूरा किया जाना है। इस पर लगभग 64 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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पानी की पूर्ति के लिए ट्यूबबेल भी लगने हैं। काम अतिशीघ्र शुरू हो, इसके लिए 1.76 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि यह प्रोजेक्ट 17.31 करोड़ का है। एमडी ने बताया कि वॉटर सप्लाई के लिए शहर को नौ जोन में बांटा गया है। जोन तीन और नौ में सीवर लाइन बिछ चुकी है लेकन घरों में कनेक्शन होने शेष हैं। तीन साल में यह काम पूरा होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सीवरेज योजना का प्रस्ताव भी है। इससे जो नाले नदियों में गिरते हैं, उसके पानी का शोधन किया जाएगा। सीवरेज का काम तीन जोन में नदियों के हिसाब से बांटा गया है। इस पर 156.9 करोड़ की लागत आएगी।
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एमडी शुक्ल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी आठ योजनाएं चलाने का निर्णय लिया है। नौ करोड़ की लागत से इन योजनाओं के लिए एक सप्ताह में छह करोड़ रुपये स्वीकृत हो जाएंगे। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 51 अन्य योजनाएं भी पेयजल से संबंधित हैं, 60 करोड़ की लागत वाली इन योजनाओं का बजट तीन-चार माह में स्वीकृत हो जाएगा। प्रदेश के सभी गांवों और मजरों में इंडिया मार्का हैंडपंप, ट्यूबबेल तथा टैंक आदि के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। तात्कालिक प्रभाव से जो हैंडपंप खराब पड़े हैं, उन्हें रिबोर करके और आवश्यकतानुसार नए हैंडपंप लगाकर पानी की समस्या दूर की जा रही है।
शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में 97.942 हजार आबाद गांव हैं, जिनमें 2,60,110 बस्तियां और मजरे हैं, जिनको पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में 2,35,341 बस्तियां इंडिया मार्का हैंडपंप से लाभान्वित हैं।