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Hathras Tragedy: भोले बाबा के सत्संग में सेवादारी करते रहे पति, भगदड़ में पत्नी की मौत, लाश लेकर घर लौटे

Wed, 03 Jul 2024 04:16 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 03 Jul 2024 04:16 PM IST
सार

शाहजहांपुर के गांव उदरा टिकरी निवासी विनोद कुमार की पत्नी दीपमाला काफी बीमार रहती थीं। भोले बाबा की संगत से जुड़ने के बाद वह ठीक हो गईं तो विनोद भी संगत से जुड़ गए। मंगलवार को हाथरस जिले में सत्संग के बाद मची भगदड़ में दीपमाला की मौत हो गई। 

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Sevadaar wife dies in Hathras stampede
विनोद कुमार, उनकी पत्नी दीपमाला का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर के बंडा के उदरा टिकरी गांव से भोले बाबा के सत्संग में हाथरस गईं दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। इनमें से एक महिला की मौत हो गई जबकि दूसरी महिला का इलाज चल रहा है। बुधवार को मृतक महिला के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।  

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रविवार को गांव उदरा टिकरी निवासी विनोद कुमार अपनी 35 वर्षीय पत्नी दीपमाला के साथ और गांव के रामकुमार यादव व उनकी पत्नी सविता बस से हाथरस गए थे। उनके साथ बस में बंडा, देवकली, कमालपुर गांव के 49 लोग और भी थे। सभी लोग रविवार को सत्संग में पहुंच गए थे। 
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पहरेदार बनकर सेवा कर रहे थे विनोद 
मंगलवार को रामकुमार व विनोद पहरेदार बनकर सेवा कर रहे थे। उनकी ड्यूटी मैदान से बाहर लगी हुई थी। वहीं दीपमाला व सविता देवी पंडाल में बैठकर मैदान में सत्संग सुन रही थीं। सत्संग खत्म होने के बाद भोलेबाबा के पैर छूने को लेकर भगदड़ मच गई। इसमें दीपमाला व सविता घायल हो गईं थीं। 
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दोनों घायल महिलाओं को हाथरस के अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दीपमाला की इलाज के दौरान मौत हो गई। दरअसल बंडा क्षेत्र में आठ साल पहले भोले बाबा का सत्संग हुआ था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सत्संग से जुड़ गए थे। बंडा के एक मोहल्ले में हर सप्ताह भोले बाबा का सत्संग होता है। इसमें काफी भीड़ उमड़ती है। 

15 वर्ष पहले संगत से जुड़े थे 
मंगलवार को हादसे के बाद परिजन दीपमाला का शव लेकर गांव आ गए और अंतिम संस्कार किया। दीपमाला के पति विनोद कुमार ने बताया कि वह 15 वर्षों से संगत से जुड़े थे। उनकी पत्नी पहले काफी बीमार रहती थी। 

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सत्संग में जाने के बाद जब वह ठीक हो गई तो वे लोग इसे संगत का चमत्कार मानने लगे। इसके बाद हर संगत में शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि वे लोग तो मंगल कामना के साथ संगत में गए थे, क्या पता था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। अब इतना बड़ा नुकसान हो गया है।

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