{"_id":"6217d7d32e3ed2445c44204d","slug":"semal-trees-standing-on-government-land-sold-secretly-shahjahanpur-news-bly476496545","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी से बेच दिए सरकारी भूमि पर खड़े सेमल के दो पेड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरी से बेच दिए सरकारी भूमि पर खड़े सेमल के दो पेड़
विज्ञापन
गांव छापाबोझी के पास काटे गए पेड़
- फोटो : POWAYAN
खुटार। ग्राम पंचायत छापाबोझी में चारागाह की जमीन पर खड़े करीब 50 साल पुराने सेमल के पेड़ चोरी छिपे बेच दिए, जो बृहस्पतिवार को कटवा दिए। पूर्व प्रधान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत की तो ठेकेदार और श्रमिक भाग निकले।
गांव छापाबोझी की पूर्व प्रधान के पति हरिओम ने बताया कि करीब चार साल पहले ग्राम पंचायत के गांव जसवंतनगर में जमीन की पैमाइश कराई थी। पैमाइश में चारागाह और चकरोड की जमीन निकली थी। जमीन के चारों ओर पेड़ लगवा दिए थे। चारागाह की भूमि पर करीब 50 साल पुराने सेमल के दो पेड़ भी खड़े थे। दोनों पेड़ चोरी से बेच दिए गए। बृहस्पतिवार को पेड़ कटवा डाले गए। जानकारी पाकर वह मौके पर पहुंचे और एसडीएम सहित तमाम अधिकारियों से शिकायत की। इस पर ठेकेदार और श्रमिक भाग गए।
चर्चा है कि सेमल के दो पेड़ 80 हजार रुपये में बेचे हैं। देर शाम तक वन विभाग और पुलिस, प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। वर्तमान प्रधान रविंद्र सिंह ने बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। पता किया जाएगा। सरकारी भूमि से पेड़ काटे गए हैं तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव छापाबोझी की पूर्व प्रधान के पति हरिओम ने बताया कि करीब चार साल पहले ग्राम पंचायत के गांव जसवंतनगर में जमीन की पैमाइश कराई थी। पैमाइश में चारागाह और चकरोड की जमीन निकली थी। जमीन के चारों ओर पेड़ लगवा दिए थे। चारागाह की भूमि पर करीब 50 साल पुराने सेमल के दो पेड़ भी खड़े थे। दोनों पेड़ चोरी से बेच दिए गए। बृहस्पतिवार को पेड़ कटवा डाले गए। जानकारी पाकर वह मौके पर पहुंचे और एसडीएम सहित तमाम अधिकारियों से शिकायत की। इस पर ठेकेदार और श्रमिक भाग गए।
विज्ञापन
चर्चा है कि सेमल के दो पेड़ 80 हजार रुपये में बेचे हैं। देर शाम तक वन विभाग और पुलिस, प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। वर्तमान प्रधान रविंद्र सिंह ने बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। पता किया जाएगा। सरकारी भूमि से पेड़ काटे गए हैं तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन