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मोटी कमाई के फेर में थे नकली नोटों के कारोबारी

Fri, 20 Mar 2015 12:10 AM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Fri, 20 Mar 2015 12:10 AM IST
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Search for revenues were Counterfeiting business
थाना
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आरसी मिशन क्षेत्र में हरदोई बाईपास पर एक ढाबे के पास बुधवार उप सचिव की फर्जी प्लेट लगी कार में दो लाख रुपये से साथ पकड़े गए बरेली जिले के दोनों युवक नकली नोटों का कारोबार करके मोटी कमाई करना चाहते थे। पुलिस के मुताबिक नकली नोट की डीलिंग करने वाला चौहान नाम का व्यक्ति शहर का ही रहने वाला है। उसका सुराग लगाने के लिए पुलिस सर्विलांस की मदद ले रही है।

पुलिस हिरासत में बरेली के आंवला निवासी अतुल गुप्ता ने बताया कि वह दिल्ली के कौशांबी क्षेत्र में विज्ञापन एजेंसी चलाता है। उसके माता और पिता के नाम एक पेट्रोल पंप और केरोसिन ऑयल का डिपो है। उसने बंगलुरु के एक कॉलेज से स्नातक किया है। बरेली के रामपुर गार्डन में रहने वाले अभिजीत सिंह से उसकी आठ साल पुरानी दोस्ती है।
दोनों ने बरेली में इंटर की पढ़ाई साथ-साथ एक स्कूल में की थी।

सात साल बाद दोनों की आठ महीने पहले दोबारा मोबाइल पर बात हुई और मुलाकात हुई थी। अभिजीत बरेली में एक ट्रेडिंग एजेंसी चलाता है, जिसमें प्लाईवुड कच्चा माल तैयार किया जाता है।
कारोबारी से दो दिन से संपर्क में थे
इंस्पेक्टर एनडी पाठक के मुताबिक शहर में रहने वाला चौहान नाम का व्यक्ति नकली नोटों की सप्लाई करता है। 17 मार्च से अभिजीत के मोबाइल पर लगातार चौहान की बात हो रही थी। बुधवार को दोनों के बीच करीब 18 बार बात हुई। नोटों की डीलिंग हरदोई बाईपास के पास एक ढाबे पर होना तय हुई थी। अतुल और अभिजीत असली दो लाख रुपये के बदले नकली पांच लाख रुपये के नोट लेने आए थे।
नकली नोटों के सप्लायर को पुलिस की भनक लग गई थी, जिससे वह फरार हो गया। अब चौहान का मोबाइल नंबर बंद जा रहा है। मोबाइल की लोकेशन लेने के लिए उसे सर्विलांस पर लगाया गया है।
कार पर फर्जी उप सचिव की लगाई प्लेट
अतुल ने बताया कि उसने कार गाजियाबाद के एक व्यक्ति से खरीदी थी। पुलिस से बचने के लिए उसने उप सचिव की फर्जी प्लेट लगा रखी थी। लखनऊ में रहने वाले उसके मामा ने उसका सचिवालय का पास बनवा दिया था। अतुल के पास कार के कागजात नहीं मिले हैं। उसका कहना है कि कार के कागज और ड्राइविंग लाइसेंस दिल्ली में उसकी बहन के घर रखा है। अतुल ने अपने परिवार वालों से संपर्क करके कार के कागज मंगवाए हैं।
पहली बार उतरे थे इस धंधे में
पूछताछ में अतुल और अभिजीत ने बताया कि इससे पहले उन्होंने कभी नकली नोटों का काम नहीं किया। किसी चौहान नामक व्यक्ति के झांसे में आकर वह दो लाख रुपये के बदले पांच लाख रुपये नकली लेने आए थे। नकली नोटों का कारोबार करके दोनों मोटी कमाई करना चाहते थे।  
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अतुल और अभिजीत से मिले चौहान नामक व्यक्ति के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया है। कार की प्लेट फर्जी पाई गई है। कार के कागजात मंगवाए गए हैं। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। नकली नोट कारोबार के बारे में दोनों से अहम सुराग मिल रहे है।
 - एनडी पाठक, इंस्पेक्टर आरसी मिशन
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