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Sawan 2023: शाहजहांपुर में बाबा वनखंडी नाथ मंदिर है आस्था का प्रमुख केंद्र, सावन में उमड़ती भक्तों की भीड़
Sat, 08 Jul 2023 06:08 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 08 Jul 2023 06:08 PM IST
सार
सावन में वनखंडी नाथ मंदिर मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटती है, जिसको देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर को फूलों और बिजली की झालरों को सजाया गया है।
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बाबा वनखंडी नाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शाहजहांपुर में घंटाघर से कच्चा कटरा मार्ग पर पोस्टी पार्कड़ में बाबा वनखंडी नाथ मंदिर स्थित है। इसके मौजूदा स्वरूप की स्थापना 16 मार्च, 1950 को हुई थी। यह मंदिर शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। सावन में यहां शिवभक्तों की भीड़ उमड़ती है।
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मंदिर के पुजारी अमित व्यास बताते हैं कि एक महात्मा को उस इन स्थान पर शिवमंदिर के निर्माण के लिए स्वप्न आया। जब वन की साफ-सफाई हो रही थी, तभी कुदाल भूमि में शिवलिंग से जा टकराई। इससे शिवलिंग खंडित हो गया और निशान पड़ गया। तभी से यह बाबा वनखंडी नाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। जोकि लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है।
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उन्होंने बताया कि यहां पहले जंगल हुआ करता था। एक बार कुछ साधु-संत विश्राम करने के लिए यहां ठहरे थे। उनमें से ही एक महात्मा को उस स्थान पर शिवमंदिर के निर्माण के लिए स्वप्न आया था। मंदिर के निर्माण में शहर के सेठ लाला विशनचंद के परिवार का विशेष योगदान रहा। उनके साथ ही सेठ शिवप्रसाद ने एक मकान खरीदकर मंदिर को दान किया। 1971 में मंदिर में शिव-पार्वती परिवार की प्रतिमाएं स्थापित कराईं गईं।
महाशिवरात्रि पर फूलों से सजाया जाता है मंदिर
महाशिवरात्रि पर मंदिर को फूलों से सजाया जाता है। इसके साथ ही रोशनी से मंदिर परिसर जगमग रहता है। चार जुलाई से शुरू होने जा रहे श्रावण मास पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या उमड़ने को ध्यान में रखकर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जहां पूजा अर्चना के लिए शिवभक्त आएंगे। भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा का दर्शन करने के साथ ही शिवलिंग का अभिषेक करेंगे।ये भी पढ़ें- Sawan 2023: यूपी के इस जिले में कक्षा आठ तक के सभी स्कूल सोमवार तक बंद, कांवड़ यात्रा के चलते लिया फैसला