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विकृति से संस्कृति की ओर जाने का मार्ग ही संस्कृत : आचार्य चंदन
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शाहजहांपुर में आर्य महिला डिग्री कॉलेज में कार्यक्रम में बोलते आचार्य चंदन। संवाद
शाहजहांपुर। आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत दिवस महोत्सव के उपलक्ष्य में विभागीय गतिविधियों व विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकृति से संस्कृति की ओर जाने का मार्ग ही संस्कृत है।
संस्कृत विभाग की ओर से हुए आयोजन में मुख्य अतिथि आचार्य चंदन कुमार आर्य ने कहा कि संस्कृत केवल देवभाषा ही नहीं, बल्कि आधुनिक कंप्यूटर युग में भी महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने शिक्षकों एवं छात्राओं को दैनिक जीवन में संस्कृत के प्रयोग का संकल्प दिलाया।
इस बीच छात्राओं ने सूक्तिलेखन एवं संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाई। संस्कृत भाषण में तान्या त्रिवेदी, अंशिका त्रिवेदी, स्नेहलता, सौम्या पटेल, तान्या तिवारी, ऋचा कुशवाहा, सोनी पाल व कोमल को सराहा गया।
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निबंध प्रतियोगिता में ऋचा कुशवाहा ने प्रथम, तान्या तिवारी ने द्वितीय व सोनी पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं ने मधुराष्टकम् की मनमोहक प्रस्तुति भी दी। प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी ने छात्राओं को संबोधित किया। संचालन डॉ. संध्या पाठक ने किया।
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संस्कृत विभाग की ओर से हुए आयोजन में मुख्य अतिथि आचार्य चंदन कुमार आर्य ने कहा कि संस्कृत केवल देवभाषा ही नहीं, बल्कि आधुनिक कंप्यूटर युग में भी महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने शिक्षकों एवं छात्राओं को दैनिक जीवन में संस्कृत के प्रयोग का संकल्प दिलाया।
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इस बीच छात्राओं ने सूक्तिलेखन एवं संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाई। संस्कृत भाषण में तान्या त्रिवेदी, अंशिका त्रिवेदी, स्नेहलता, सौम्या पटेल, तान्या तिवारी, ऋचा कुशवाहा, सोनी पाल व कोमल को सराहा गया।
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निबंध प्रतियोगिता में ऋचा कुशवाहा ने प्रथम, तान्या तिवारी ने द्वितीय व सोनी पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं ने मधुराष्टकम् की मनमोहक प्रस्तुति भी दी। प्राचार्य प्रो. सुरचना त्रिवेदी ने छात्राओं को संबोधित किया। संचालन डॉ. संध्या पाठक ने किया।