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बाडूजई प्रथम में चरमराई सफाई व्यवस्था से परेशान वाशिंदे
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शाहजहांपुर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम स्थित पक्का तालाब को डलाव घर बनाने से पसरी गंदगी। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बाडूजई प्रथम में आबादी करीब छह हजार है। शहर का विकसित मोहल्ला होने के बावजूद यहां के वाशिंदों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। फिर चाहे वह सफाई व्यवस्था की बात हो या फिर जलापूर्ति की सुविधा। मोहल्ले में कभी बहुउद्देशीय रहा तालाब अब कूड़ा डालने का स्थान बनकर रह गया है। सोमवार को मोहल्ले में मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने पर नगर निगम के दावों की हकीकत भी सामने आ गई।
शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई मिली। गलियों में सोमवार को झाडू ही नहीं लगी थी और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए थे। मोहल्ले में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन भी नहीं पड़ी, लेकिन वाटर टैक्स देना पड़ता है।
मोहल्ले में कूड़ा उठान रोजाना नहीं होता। सबसे ज्यादा गंदगी पक्का तालाब पर है। जहां पड़ने वाले कूड़े को उठाने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली आती जरूर है, लेकिन कभी पूरी तरह से कूड़ा उठान नहीं किया जाता और गंदगी पसरी ही रहती है। - मोहम्मद आरिफ
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सुभाषनगर, तेल टंकी, आवास विकास कॉलोनी और आसपास की कॉलोनियों से ठेलागाड़ी पर कूड़ा लाकर पक्का तालाब में डाल दिया जाता है। इससे तालाब पूरी तरह से पट चुका है। कूड़े से उठने वाली बदबू के कारण आसपास खड़े भी नहीं हो सकते। - अजीज नबी
मोहल्ले में सफाई कर्मचारी रोजाना नहीं आते हैं, इसलिए गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। जलापूर्ति की व्यवस्था भी नहीं है। हैंडपंप की संख्या भी काफी कम है। सार्वजनिक शौचालय व पेशाबघर भी नहीं बने हैं। मूलभूत सुविधाएं नहीं है। - ऊषा मौर्या
नगर निगम बनने के बाद से सफाई व्यवस्था चरमराई है। इसका कारण सफाई कर्मचारियों की कमी होना भी है। पक्का तालाब की दुर्दशा का कारण भी प्रशासन की उदासीनता ही है। प्रस्ताव होने के बावजूद सौंदर्यीकरण नहीं करवाया जा रहा है।
- जगदीश कुशवाहा, पूर्व सभासद
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शहर के मोहल्ला बाडूजई प्रथम में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई मिली। गलियों में सोमवार को झाडू ही नहीं लगी थी और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए थे। मोहल्ले में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन भी नहीं पड़ी, लेकिन वाटर टैक्स देना पड़ता है।
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मोहल्ले में कूड़ा उठान रोजाना नहीं होता। सबसे ज्यादा गंदगी पक्का तालाब पर है। जहां पड़ने वाले कूड़े को उठाने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली आती जरूर है, लेकिन कभी पूरी तरह से कूड़ा उठान नहीं किया जाता और गंदगी पसरी ही रहती है। - मोहम्मद आरिफ
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सुभाषनगर, तेल टंकी, आवास विकास कॉलोनी और आसपास की कॉलोनियों से ठेलागाड़ी पर कूड़ा लाकर पक्का तालाब में डाल दिया जाता है। इससे तालाब पूरी तरह से पट चुका है। कूड़े से उठने वाली बदबू के कारण आसपास खड़े भी नहीं हो सकते। - अजीज नबी
मोहल्ले में सफाई कर्मचारी रोजाना नहीं आते हैं, इसलिए गलियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। जलापूर्ति की व्यवस्था भी नहीं है। हैंडपंप की संख्या भी काफी कम है। सार्वजनिक शौचालय व पेशाबघर भी नहीं बने हैं। मूलभूत सुविधाएं नहीं है। - ऊषा मौर्या
नगर निगम बनने के बाद से सफाई व्यवस्था चरमराई है। इसका कारण सफाई कर्मचारियों की कमी होना भी है। पक्का तालाब की दुर्दशा का कारण भी प्रशासन की उदासीनता ही है। प्रस्ताव होने के बावजूद सौंदर्यीकरण नहीं करवाया जा रहा है।
- जगदीश कुशवाहा, पूर्व सभासद