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जिले की दूसरी महिला विधायक बनीं सलोना, रोशनलाल को अहंकार ले डूबा

Fri, 11 Mar 2022 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2022 01:56 AM IST
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Salona Kushwaha became the second woman MLA of the district
तिलहर के विजेता भाजपा प्रत्याशी सालोन कुशवाहा - फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर। अंतिम समय में प्रत्याशियों की अदला-बदली में जीत की बाजी भाजपा प्रत्याशी सलोना कुशवाहा के हाथ लगी। तीन बार लगातार विधायक रहे रोशनलाल वर्मा का अति आत्मविश्वास उन्हें ले डूबा। सलोना कुशवाहा जिले की दूसरी महिला विधायक बनी हैं। इससे पहले पुवायां सीट से शकुंतला देवी सपा विधायक बनीं थीं।
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2007 में निगोही से और 2012 में तिलहर सीट से बसपा के टिकट से चुनाव जीतने वाले रोशनलाल वर्मा ने 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा से लड़ा था। कांग्रेस के तत्कालीन दिग्गज नेता जितिन प्रसाद को हराने के बाद रोशनलाल वर्मा अंतिम समय में भाजपा छोड़कर सपा में चले गए थे। उन्हें टिकट भी मिल गया। क्षेत्र में सक्रिय सलोना कुशवाहा पहले सपा से टिकट मांग रही थीं, लेकिन न मिलने पर वह भाजपा में शामिल हो गईं।
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यहां से टिकट मिलने के बाद वह पूरी ताकत से चुनावी समर में कूद पड़ीं। रोशनलाल वर्मा पर दबंगई का आरोप लगाते हुए प्रचार कर रहीं सलोना ने घर-घर तक अपनी बात पहुंचाई। सलोना को क्षेत्र में काफी सहानुभूति भी मिली। क्षेत्र में नया चेहरा होने के कारण सलोना कुशवाहा का किसी से विवाद भी नहीं था। पति डॉ. राम कुशवाहा ने सलोना के चुनाव का संचालन बखूबी किया।
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रोशनलाल के पार्टी में आने से असहज हो गए थे सपाई
तीन बार विधायक रहे रोशनलाल वर्मा ने भाजपा छोड़ते ही जिले के बड़े नेताओं पर शब्दबाण चलाने शुरू कर दिए थे। उन्होंने कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, जतिन प्रसाद पर भी व्यक्तिगत हमले बोले। सुरेश खन्ना को तो तिलहर से चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। सुरेश कुमार और जितिन प्रसाद ने तिलहर सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। भाजपा के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने क्षेत्र में अपनी ताकत झोंकी थीं।
इसी वजह से परिणाम सलोना कुशवाहा के पक्ष में गया। लंबे समय तक सपा के खिलाफ लड़ते रहे रोशनलाल वर्मा के अचानक पार्टी में आने से पुराने सपाई असहज हो गए थे। कुछ नेता तो सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और पूरी ताकत से रोशनलाल वर्मा की मुखालफत करने लगे। बार-बार दल बदलने से भी रोशनलाल वर्मा को नुकसान हुआ।

कई बार आमने-सामने आए समर्थक
रोशनलाल वर्मा और सलोना कुशवाहा के बीच प्रतिद्वंद्विता चुनाव से इतर व्यक्तिगत भी हो गई थी। सलोना कुशवाहा ने सबसे पहले रोशनलाल वर्मा पर अपने निगोही स्थित कार्यालय पर हमले का आरोप लगाया था। मतदान के दिन दोनों पक्षों में जमकर बवाल हुआ था। दोनों लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ हमले का आरोप लगाते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
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