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Shahjahanpur News: संवेदना चौहान को मिले स्वर्ण पदक सहित दो पुरस्कार
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संवेदना चौहान को सम्मानित करते उत्तराखंड के राज्यपाल
पुवायां। केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून के 35वें दीक्षांत समारोह में पुवायां की संवेदना चौहान को उत्तराखंड के राज्यपाल पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया है।
केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून से 33 वन संरक्षक (एसीएफ) पास आउट हुए हैं। इनमें 18 उत्तर प्रदेश के हैं। देहरादून में एक अगस्त को हुए दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। पुवायां की संवेदना चौहान ने ओवरऑल बेस्ट परफार्मेंस दी। उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का गोल्ड मेडल दिया गया है। इसके अलावा वन सुरक्षा एवं जन जातीय कल्याण के लिए उन्हें पी. श्रीनिवास पुरस्कार भी दिया गया है।
पुवायां के मोहल्ला कसभरा मिशन निवासी संवेदना चौहान की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता सुरेशचंद्र बिजनेसमैन हैं। मां मुन्नी देवी का कोरोना में निधन हो चुका है। संवेदना के पति डॉ. विशाल सिंह नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, आईआईटी रुड़की में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं।
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संवेदना चौहान ने रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से वनस्पति विज्ञान से एमएससी करने के बाद एम फिल और पीएचडी दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वह नेट, जेआरएफ की परीक्षा पास कर चुकी हैं। संवेदना चौहान के भाई केपी सिंह पुवायां के ही स्वामी विवेकानंद पीजी कॉलेज में काॅमर्स के विभागाध्यक्ष हैं।
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केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून से 33 वन संरक्षक (एसीएफ) पास आउट हुए हैं। इनमें 18 उत्तर प्रदेश के हैं। देहरादून में एक अगस्त को हुए दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया। पुवायां की संवेदना चौहान ने ओवरऑल बेस्ट परफार्मेंस दी। उन्हें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का गोल्ड मेडल दिया गया है। इसके अलावा वन सुरक्षा एवं जन जातीय कल्याण के लिए उन्हें पी. श्रीनिवास पुरस्कार भी दिया गया है।
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पुवायां के मोहल्ला कसभरा मिशन निवासी संवेदना चौहान की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता सुरेशचंद्र बिजनेसमैन हैं। मां मुन्नी देवी का कोरोना में निधन हो चुका है। संवेदना के पति डॉ. विशाल सिंह नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, आईआईटी रुड़की में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं।
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संवेदना चौहान ने रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से वनस्पति विज्ञान से एमएससी करने के बाद एम फिल और पीएचडी दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है। वह नेट, जेआरएफ की परीक्षा पास कर चुकी हैं। संवेदना चौहान के भाई केपी सिंह पुवायां के ही स्वामी विवेकानंद पीजी कॉलेज में काॅमर्स के विभागाध्यक्ष हैं।