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पहाड़ पर बारिश से उफनाने लगी नदियां
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 30 Jun 2015 11:26 PM IST
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कुमायूं और गढ़वाल की पहाड़ियों पर एक सप्ताह से हो रही बारिश का असर जिले की नदियों पर दिखने लगा है। हालांकि, सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को अभी उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के किसी भी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गर्रा नदी और खन्नौत में भी पानी चढ़ने लगा है। कटरी क्षेत्र में गंगा, रामगंगा और बहगुल भी फाट से बाहर आ गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान पीलीभीत के ड्यूनी डाम से पानी की अतिरिक्त निकासी होने की अभी कोई सूचना नहीं है। इसके बावजूद दो दिन पहले तक शहर के पश्चिमी छोर पर नाले की शक्ल लिए हुए गर्रा नदी में पानी एकाएक बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश का पानी गर्रा और खन्नौत नदियों में सिमट रहा है।
गर्रा नदी में मंगलवार को जल स्तर 145.40 मीटर मापा गया जो कि खतरे के निशान 148.80 मीटर से अभी काफी नीचे है। खन्नौत में भी पिछले 24 घंटे में जल स्तर 10 सेमी बढ़कर 142.20 पर पहुंच गया है। गनीमत यह है कि खन्नौत में किसी बैराज से पानी नहीं छोड़ा जाता। यह नदी केवल आसपास के नालों का पानी समेटकर मिश्रीपुर के आगे गर्रा में मिल जाती है। खन्नौत में हुई पानी की बढ़ोत्तरी को भी क्षेत्र में हो रही बारिश का असर माना जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा बैराज से दो दिन पहले गंगा में रिलीज हुआ 33971 क्यूसेक पानी बदायूं के रास्ते मिर्जापुर और कलान में पहुंचने से गंगा का जल स्तर पहले से बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ढाई घाट पर गंगा 141.10 मीटर पर बह रही है, जबकि वहां पानी का हाई लेवल 145.71 मीटर नियत है। बाढ़ कंट्रोल रूम को मंगलवार सुबह नरौरा बैराज से केवल 357 क्यूसेक पानी रिलीज होने की सूचना मिली।
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पिछले 24 घंटे के दौरान पीलीभीत के ड्यूनी डाम से पानी की अतिरिक्त निकासी होने की अभी कोई सूचना नहीं है। इसके बावजूद दो दिन पहले तक शहर के पश्चिमी छोर पर नाले की शक्ल लिए हुए गर्रा नदी में पानी एकाएक बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया गया कि पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश का पानी गर्रा और खन्नौत नदियों में सिमट रहा है।
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गर्रा नदी में मंगलवार को जल स्तर 145.40 मीटर मापा गया जो कि खतरे के निशान 148.80 मीटर से अभी काफी नीचे है। खन्नौत में भी पिछले 24 घंटे में जल स्तर 10 सेमी बढ़कर 142.20 पर पहुंच गया है। गनीमत यह है कि खन्नौत में किसी बैराज से पानी नहीं छोड़ा जाता। यह नदी केवल आसपास के नालों का पानी समेटकर मिश्रीपुर के आगे गर्रा में मिल जाती है। खन्नौत में हुई पानी की बढ़ोत्तरी को भी क्षेत्र में हो रही बारिश का असर माना जा रहा है।
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सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार नरौरा बैराज से दो दिन पहले गंगा में रिलीज हुआ 33971 क्यूसेक पानी बदायूं के रास्ते मिर्जापुर और कलान में पहुंचने से गंगा का जल स्तर पहले से बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि ढाई घाट पर गंगा 141.10 मीटर पर बह रही है, जबकि वहां पानी का हाई लेवल 145.71 मीटर नियत है। बाढ़ कंट्रोल रूम को मंगलवार सुबह नरौरा बैराज से केवल 357 क्यूसेक पानी रिलीज होने की सूचना मिली।