फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   river flod

भैंसार बांध पर लगातार छठे दिन गंगा उफनाई, रामगंगा कर रही भूमि कटान

Fri, 03 Sep 2021 12:50 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 12:50 AM IST
विज्ञापन
river flod
शाहजहांपुर के मिर्जापुर में बाढ़ से जलमग्न चौंरा-इस्लाम नगर मार्ग पर बह रहा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। पिछले दो दिन से नरौरा बैराज से 1.27 लाख क्यूसेक पानी बहाए जाने से कलान के भैंसार बांध पर बृहस्पतिवार को छठे दिन भी गंगा में उफान बना रहा। बीते दिन की तुलना में गंगा का जलस्तर सात सेमी बढ़कर 143.39 मीटर हो गया। उधर, रामगंगा 13 सेमी सिमट कर 159.85 मीटर पर आ गई है, लेकिन इसी के साथ ही जैतीपुर के केसीनगला गांव से लेकर परौर क्षेत्र के तटवर्ती गांवों तक कई जगह भूमि कटान फिर से होने लगा। गंगा में पानी बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र के तटीय गांवों के अधिकांश रास्तों पर तीन से चार फीट पानी बहने से आवागम प्रभावित हो रहहा है। कई गांवों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
विज्ञापन

मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से घिरे आजादनगर, इस्लामनगर, चितार, कमथरी, मस्जिद नगला, चौंरा आदि गांवों के कई घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। गांवों को जाने वाले कच्चे और पक्के मार्गों पर पानी तेजी के साथ बहने से आमजन के लिए आवागमन बंद हो गया है। गंगा की बाढ़ का पानी चौंरा के निकट जलालाबाद-ढाईघाट रोड, चौंरा-इस्लाम नगर कमथरी मार्ग और इस पक्के रास्ते से आजादनगर और मस्जिद नगला को जाने वाले कच्चे रास्ते पर चार-चार फिट तक पानी तेजी से बह रहा है। बाढ़ से घिरे और जलमग्न आजाद नगर के बाशिंदे भीगे ईंधन से जैसे तैसे भोजन बनाकर पेट भर रहे हैं। गांव के सत्तार, नाजिम, बुधुआ,जरीना आदि का कहना है कि जब तक गांव के दो-चार लोग भूख-प्यास से मर नहीं जाएंगे, तब तक सरकार गंभीरता से नहीं लेगी।
विज्ञापन

बाढ़ नियंत्रण कक्ष से सिंचाई विभाग के कनिष्ठ लिपिक शिवकुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह नरौरा बैराज से 87492 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की सूचना मिली है। यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब 39 हजार क्यूसेक कम है, लेकिन बीते दिन निकला 1.27 लाख क्यूसेक पानी देर रात और सुबह तक यहां पहुंचने के कारण जिले में गंगा के जलस्तर में शुक्रवार तक कमी होने के आसार नहीं हैं। बीते 24 घंटे की तुलना में गर्रा का जलस्तर 10 सेमी कम हुआ, लेकिन जनपद समेत आस- पास हुई बारिश के असर से खन्नौत 30 सेमी बढ़कर 143.30 मीटर पर बह रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भूमि कटान रोकने में अक्षम हुआ सिंचाई विभाग
परौर। रामगंगा क्षेत्र में लंबे समय से कटान कर रही है, लेकिन उसे रोकने में सिंचाई विभाग का अमला अक्षम साबित हो रहा है। नदी आगे-आगे कटान कर रही हैं और उसे सिंचाई विभाग पीछे से रोकने का काम कर रहा है। पिछले दो दशक से बाढ़ को काबू करने की यही प्रक्रिया दोहराई जा रही है। नदी का जलस्तर बढ़ा होने केे कारण तटवर्ती गांव नारायणनगर पश्चिमी, मोहनपुर, बिचपुरी आदि में कटान धीमा पड़ गया है, लेकिन नदी उतार पर आने के दौरान कटान तेज होने की दशा मेें उसे रोकने की अभी तक कोई कारगर व्यवस्था नहीं की गई है। हरिओम, कृष्णपाल, जगदीश चंद्र, राजीव सिंह, मदन पाल सिंह, अर्पित कुशवाहा, चुन्नीलाल, रामवीर, मुलायम कुशवाहा आदि ने रामगंगा के कहर से बचाने की मांग की है।

कटान से केसीनगला के ग्रामीण भयभीत
जैतीपुर। गांव केसीनगला में रामगंगा में बढ़े जलस्तर से पिछले एक माह से लगातार हो रहा भूमि कटान जारी अब गांव के समीप पहुंचने से ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। ग्रामीण पिछले एक माह से प्रशासन से गांव में कटान रोकने की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। तिलहर की तहसीलदार तृप्ति गुप्ता को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कटान की ओर से अधिकारी उदासीन हैं। अहलकार यादव के अनुसार पड़ोस के गांव धुबला करीमनगर में कटान रोकने की व्यवस्था की गई है, लेकिन केसीनगला छोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed