फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   river flod

गंगा की बाढ़ से घिरे आधा दर्जन गांव, जीवन यापन हुआ कठिन

Wed, 01 Sep 2021 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:56 AM IST
विज्ञापन
river flod
शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से जलमग्र आजादनगर गांव का मार्ग। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से निकल रहे पानी की मात्रा लगातार बढ़ने से जिले की कलान तहसील में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को कलान के भैंसार बांध पर गंगा आठ सेमी बढ़कर 143.29 मीटर पर पहुंच गई। इससे मिर्जापुर क्षेत्र के तटीय गांव एक बार फिर बाढ़ से चौतरफा घिर गए और उनके रास्तों पर पानी बढ़ने से ग्रामीणों को जीवनयापन करना कठिन हो गया है। जलालाबाद-ढाई घाट मार्ग पर बीते दिन तक जारी रहा आवागमन मंगलवार को पूरी तरह ठप हो गया, क्योंकि इस मार्ग समेत कई गांवों के रास्तों पर पानी दो से तीन फुट तक पहुंच चुका है। उधर, बीते इसके साथ ही करीब आधा दर्जन गांव बाढ़ से चौतरफा घिर जाने के कारण वहां के लोगों का जीवन यापन कठिन हो गया। उधर, रामगंगा दोपहर तक तीन सेमी बढ़कर 159.71 मीटर पर पहुंच गई है।
विज्ञापन

गंगा के जलस्तर में बीते शनिवार से लगातार वृद्धि जारी है। इस कारण तटवर्ती ग्राम पंचायत पैलानी उत्तरी के मजरा आजाद नगर व इस्लामनगर और सीमावर्ती फर्रुखाबाद जनपद के चितार और कमथरी गांव भी एक बार फिर बाढ़ से घिर गए हैं। इससे पहले, जून के तीसरे सप्ताह में नरौरा से 2.25 लाख क्यूसेक पानी रिलीज होने से गंगा में आए उफान से इन गांवों के लोगों को जूझना पड़ा था। तब से बाढ़ विभीषिका का दंश झेल रहे प्रभावित परिवारों को प्रशासन स्तर से कोई सहायता मुहैया नहीं कराई गई है। मिर्जापुर से इस्लामनगर-कमथरी जाने वाले पक्के रोड से लगभग एक किमी का कच्चा मार्ग है। इस कच्चे मार्ग पर भी ढाई से तीन फिट बाढ़ का पानी बह रहा है।
विज्ञापन

गंगा में पानी घटने के कोई आसार नहीं हैं। सिंचाई विभाग के वरिष्ठ लिपिक सत्येंद्र वर्मा ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष को प्राप्त सूचनाओं के हवाले से बताया कि मंगलवार सुबह नरौरा बैराज से गंगा में डिस्चार्ज हो रहे पानी की मात्रा लगभग 19000 क्यूसेक बढ़कर 127260 क्यूसेक हो गई है। पानी की यह खेप यहां तक आने में 36 से 48 घंटे लगेंगे। इसलिए गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के खो, हरेली, किच्छा और रामनगर बैराज से रामगंगा में पानी की निकासी 39000 क्यूसेक कम हुई है
विज्ञापन
विज्ञापन

लेकिन इससे रामगंगा के उफान में ज्यादा कमी आने के आसार नहीं हैं क्योंकि पहाड़ों पर बादल फटने के साथ भारी वर्षा हो रही है। यह भी बताया कि बीते दिन ड्यूनी डॉम से भारी मात्रा में पानी निकलने से शहर के समीप गर्रा का जलस्तर बीते दिन की तुलना में 1.20 मीटर बढ़कर 145.85 मीटर हो गया है और खन्नौत भी पांच सेमी बढ़ी है, लेकिन बुधवार को गर्रा घटेगी। क्योंकि डाम से निकल रहे पानी की मात्रा आज आठ हजार क्यूसेक घटकर 4180 क्यूसेक रह गई है।

केसीनगला गांव में रामगंगा कर रही भूमि कटान
जैतीपुर। विकास खंड के गढ़िया रंगीन क्षेत्र स्थित केसीनगला गांव में रामगंगा से भूमि कटान फिर शुरू हो गया है। कटान अब बढ़ते-बढ़ते गांव के समीप आ पहुंचा है, लेकिन अभी तक प्रशासन द्वारा वहां कटान रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गांव के अमर सिंह, श्याम पाल सिंह, महिपाल, करतार सिंह, हेतराम, चित्रकला आदि कई ग्रामीणों की जमीन रामगंगा में कट चुकी है। गांव के कुछ लोगों ने डीएम को पार्थना पत्र देकर कटान रोकने की मांग की। तिलहर की तहसीलदार तृप्ति गुप्ता के संज्ञान में भूमि कटान लाए जाने पर उनका कहना है कि राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर भूमि कटान का सर्वे कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed