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टला नहीं टिड्डियों के हमले का खतरा, प्रशासन अलर्ट
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शाहजहांपुर। बरेली मंडल के कई पड़ोसी जनपदों मेें टिड्डियों का दल पहुंचने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों को अलर्ट कर सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों का मानना है कि पीलीभीत और बरेली से बहेड़ी के रास्ते रामपुर पहुंचा टिड्डी दल लौटने पर जिले के कटरा, तिलहर, खुदागंज, खुटार आदि क्षेत्रों के खेतों में डेरा डाल सकता है। इसे देखते डीएम इंद्र विक्रम सिंह और सीडीओ महेंद्र सिंह तंवर ने कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन सभी क्षेत्रों में विभागीय पर्यवेक्षकों समेत ग्राम स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से नियमित सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि गत सप्ताह राजस्थान होते हुए दिल्ली, एनसीआर और आगरा के रास्ते टिड्डियों के झुंड पड़ोस के जनपद हरदोई, सीतापुर और फर्रुखाबाद तक पहुंचने से जिले में फसलों पर उनके हमले की आशंका बढ़ गई थी। इसको देखते हुए किसानों की मदद से टिड्डियों का सफाया करने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कृषि, कृषि रक्षा, गन्ना आदि विभागों के अधिकारियों की निगरानी कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है। गत 11 जुलाई को पड़ोसी जनपदों में टिड्डियों के झुंड देखे जाने पर गन्ना निदेशालय ने भी किसानों के लिए निर्देशिका जारी कर उन्हें फसलों पर टिड्डियां बैठने से रोकने के लिए खेतों की लगातार निगरानी करने और वहां ढोल, थाली, कनस्तर, डीजे आदि बजाकर शोर करने का सुझाव दिया था।
चूंकि, बरेली और पीलीभीत जनपदों से जिले के कटरा-खुदागंज, जैतीपुर, खुटार आदि विकास खंडों की सीमाएं जुड़ी हैं। इसलिए इन ब्लॉकों से संबंधित गांवों में विभिन्न विभागों के एडीओ कृषि, एडीओ कृषि रक्षा, एडीओ पंचायत, कृषि व गन्ना पर्यवेक्षक, तकनीकी सहायक आदि कर्मचारी किसानों से सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार पूरनपुर (पीलीभीत) से मारकर भगाया टिड्डियों का शेष दल बहेड़ी से शनिवार शाम हवा की अनुकूल दिशा मेें बढ़ते हुए रामपुर चला गया। इसके बावजूद टिड्डियों के संभावित हमले के लिहाज से पड़ोसी जनपदों के सीमावर्ती विकास खंड मुख्यालय पर पर्याप्त संख्या में माउंटेड स्प्रेयर मशीनों से लैस ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और कीटनाशक पहुंचाए जा चुके हैं। साथ ही स्प्रे कराने में मदद के लिए दमकल विभाग की गाडिय़ां भी तैयार हैं।
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विभाग के तकनीकी सहायक सीमावर्ती गांवों के ग्राम प्रधानों और किसानों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। टिड्डी दल रामपुर पहुंचने की सूचना मिली है, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। हवा की दिशा बदलने पर टिड्डियां पलटकर फिर इधर की ओर आ सकती हैं। इसे देखते किसानों से कहा गया है कि वह दिन में खेतों पर बने रहे और टिड्डी दल को फसलों पर बैठने से रोकने के लिए विभिन्न साधनों से शोर पैदा करें। किसानों से यह भी कहा गया है कि अंधेरा होने के बाद टिड्डी दल दिखने पर उन्हें भगाने का प्रयास करने के बजाय तत्काल सर्वे कर रहे क्षेत्रीय अधिकारियों, कर्मचारियों को सूचित करें ताकि कीटनाशकों का छिड़काव कर उसका सफाया किया जा सके।
-शिवशंकर गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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बता दें कि गत सप्ताह राजस्थान होते हुए दिल्ली, एनसीआर और आगरा के रास्ते टिड्डियों के झुंड पड़ोस के जनपद हरदोई, सीतापुर और फर्रुखाबाद तक पहुंचने से जिले में फसलों पर उनके हमले की आशंका बढ़ गई थी। इसको देखते हुए किसानों की मदद से टिड्डियों का सफाया करने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में कृषि, कृषि रक्षा, गन्ना आदि विभागों के अधिकारियों की निगरानी कमेटी पहले ही गठित की जा चुकी है। गत 11 जुलाई को पड़ोसी जनपदों में टिड्डियों के झुंड देखे जाने पर गन्ना निदेशालय ने भी किसानों के लिए निर्देशिका जारी कर उन्हें फसलों पर टिड्डियां बैठने से रोकने के लिए खेतों की लगातार निगरानी करने और वहां ढोल, थाली, कनस्तर, डीजे आदि बजाकर शोर करने का सुझाव दिया था।
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चूंकि, बरेली और पीलीभीत जनपदों से जिले के कटरा-खुदागंज, जैतीपुर, खुटार आदि विकास खंडों की सीमाएं जुड़ी हैं। इसलिए इन ब्लॉकों से संबंधित गांवों में विभिन्न विभागों के एडीओ कृषि, एडीओ कृषि रक्षा, एडीओ पंचायत, कृषि व गन्ना पर्यवेक्षक, तकनीकी सहायक आदि कर्मचारी किसानों से सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार पूरनपुर (पीलीभीत) से मारकर भगाया टिड्डियों का शेष दल बहेड़ी से शनिवार शाम हवा की अनुकूल दिशा मेें बढ़ते हुए रामपुर चला गया। इसके बावजूद टिड्डियों के संभावित हमले के लिहाज से पड़ोसी जनपदों के सीमावर्ती विकास खंड मुख्यालय पर पर्याप्त संख्या में माउंटेड स्प्रेयर मशीनों से लैस ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और कीटनाशक पहुंचाए जा चुके हैं। साथ ही स्प्रे कराने में मदद के लिए दमकल विभाग की गाडिय़ां भी तैयार हैं।
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विभाग के तकनीकी सहायक सीमावर्ती गांवों के ग्राम प्रधानों और किसानों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। टिड्डी दल रामपुर पहुंचने की सूचना मिली है, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। हवा की दिशा बदलने पर टिड्डियां पलटकर फिर इधर की ओर आ सकती हैं। इसे देखते किसानों से कहा गया है कि वह दिन में खेतों पर बने रहे और टिड्डी दल को फसलों पर बैठने से रोकने के लिए विभिन्न साधनों से शोर पैदा करें। किसानों से यह भी कहा गया है कि अंधेरा होने के बाद टिड्डी दल दिखने पर उन्हें भगाने का प्रयास करने के बजाय तत्काल सर्वे कर रहे क्षेत्रीय अधिकारियों, कर्मचारियों को सूचित करें ताकि कीटनाशकों का छिड़काव कर उसका सफाया किया जा सके।
-शिवशंकर गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी