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Shahjahanpur News: नौ विभागों पर था जिम्मा, संचारी रोगों पर नहीं लग सकी लगाम

Mon, 30 Oct 2023 11:37 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Oct 2023 11:37 PM IST
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Responsibility was on nine departments, communicable diseases could not be controlled
शाहजहांपुर में एक मकान में लार्वा को तलाश करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत-स्वास्थ्य विभाग
0 संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत तय किए थे दायित्व, हर विभाग को बांटा था काम
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0 गांवों में सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हो सका, पटरी से उतर गई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जुलाई माह में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे संचारी रोगों से निपटने के लिए कार्ययोजना को तैयार किया गया था। इसमें नौ विभागों को जिम्मेदारी देते हुए काम बांटे गए थे। समय से काम नहीं होने व एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं होने के चलते व्यवस्था पटरी से उतर गई। स्थिति यह आई कि बड़े पैमाने पर लोगों की जान चली गई। मरीजों को अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल सके।
एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान शुरू हुआ था। डीएम ने बीमारियों से लोगों को बचाव के लिए नौ विभागों को दायित्व दिए थे। सभी को निर्देशित किया था कि वे अपने स्तर से बेहतर काम कर मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए काम करे, बावजूद इसके मच्छरों के प्रकोप को नहीं रोका जा सका।
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अभियान के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए गए। जमीनी स्तर पर सफाई और लार्वा का छिड़काव नहीं होने से मच्छरों के पनपने से लोग बुखार की जद में आते चले गए। इसके चलते व्यवस्था पटरी से उतर गई।
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अक्तूबर में हालात बेकाबू हो गए। स्थिति इतनी खराब हुई कि पूरे जिले में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार के चलते लोग बेहाल हो उठे। इससे राजकीय मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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इन विभागों को ये मिली थी जिम्मेदारी
नगर विकास विभाग को साफ-सफाई, फाॅगिंग, शुद्ध पेयजल का प्रयोग, खुले में शौच न करना, मच्छरों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाना था। पंचायती राज विभाग को शौचालय की साफ-सफाई, घर से जल निकासी का प्रबंध, तालाबों की साफ-सफाई छिड़काव कराना था। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उद्यान विभाग, दिव्यांगजन एवं सशक्तीकरण विभाग को भी रोकथाम के सिलसिले में जिम्मेदारी दी गई थी।
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सीएमओ ने डीएम से की शिकायत, तब शुरू हुआ काम

सितंबर और अक्तूबर माह में हालात खराब होने के बाद सीएमओ ने फाॅगिग और सफाई नहीं होने की शिकायत डीएम से की। डीएम ने इस पर संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में कैंप लगाएं। साथ ही जिला पंचायत राज विभाग, नगर पालिका व नगर पंचायत व नगर निगम ने सफाई का काम शुरू कराया।

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सोमवार की पीएचसी-सीएचसी की स्थिति
8688 मरीजों का परीक्षण किया गया।
1788 मरीजों की लैब में जांच की गई।
139 मरीज भर्ती किए गए।
14 रोगियों को रेफर किया गया।
मलेरिया और डेंगू का कोई संदिग्ध रोगी नहीं मिला।
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यह भी जाने
-10 टीमों को लार्वा तलाश करने के लिए लगाया गया।
-14152 घरों की अक्तूबर माह में जांच की गई।
-88836 मकानों तक स्वास्थ्य विभाग ने जांच की
-1726 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया।
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सीएमओ का दावा
संचारी रोग नियंत्रण से लेकर अब तक स्वास्थ्य विभाग ने अपना काम किया है। सीमित संसाधनों में बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया है। अब बुखार का प्रकोप कम होने लगा है।
- डॉ.आरके गौतम, सीएमओ
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