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Shahjahanpur News: जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत नौ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज

Thu, 21 Sep 2023 11:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:25 AM IST
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Report filed against nine people including District Social Welfare Officer
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में पांच महीने बाद तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीएम के निर्देश पर वर्तमान जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह की तहरीर पर सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन आदि की धाराओं में एफआईआर हुई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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जिला समाज कल्याण कार्यालय में इस वर्ष मार्च में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन में घोटाला सामने आया था। मामला तब खुला था जब बुजुर्गों के खाते में रकम नहीं पहुंची थी और वे कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। मामला डीएम उमेश प्रताप सिंह के संज्ञान में आया तो प्रारंभिक जांच में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार दोषी मिले। इसके बाद निदेशालय ने राजेश कुमार को निलंबित कर दिया था। फिर इस मामले में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी।
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संयुक्त निदेशक अरुण कुमार पांडेय, उप निदेशक अजयवीर सिंह यादव बरेली मंडल, सीनियर ऑडिटर मुख्यालय नीरज मधेशिया ने अभिलेखों की जांच की तो पाया कि वर्ष 2022-23 में 2496 पेंशनरों के बैंक/ इंडिया पोस्ट पेमेंट खातों में बदलाव किया गया है। इसमें 2390 खाताधारकों की खाता संख्या बदलकर जिला समाज कल्याण अधिकारी के डोंगल का इस्तेमाल करके अन्य खातों में धनराशि भेजी गई। कुल 2,52,39000 रुपये की रकम दूसरे खातों में भेजी गई।
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अधिकारी के आवास पर बुना गया घोटाले का तानाबाना
जांच टीम ने कार्यालय में कर्मचारियों से इस मामले में बात की तो पता चला कि आरोपी जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने सीतापुर निवासी प्राइवेट कर्मचारी विशाल सक्सेना और सूरज से घोटाले का काम कराया। ये लोग जिला समाज कल्याण अधिकारी के आवास में रहकर डोंगल का इस्तेमाल करते थे। साथ ही उनके डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल करते थे। इसमें कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर प्रियांशु भी शामिल था। दो माह पहले नाम उजागर होने पर प्रियांशु को विभाग ने मुख्यालय से अटैच कर दिया था। इस मामले अल्हागंज निवासी साकिब, सीतापुर निवासी खुशाल, थाना सदर बाजार क्षेत्र निवासी रामऔतार, निकरा निवासी सतीश कश्यप और कांट के पल्हौर निवासी पप्पू बिचौलियों की भूमिका में रहते थे। इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।



घोटाले में चार कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका अहम

जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह की ओर से दर्ज कराए मुकदमे में जांच रिपोर्ट के आधार पर बताया गया कि वृद्धावस्था पेंशन का कार्य कराने के लिए तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने अलग से डिजिटल हस्ताक्षर बनवाए थे। यह हस्ताक्षर उन्हीं के पास सुरक्षित थे। उन्होंने चार प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर विशाल सक्सेना, सूरज, साकिब और खुशाल से वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित कार्य आवास और कार्यालय पर कराए थे। कंप्यूटर का काम ऑपरेटर प्रियांशु शर्मा को दिया गया था। 11 अप्रैल 2023 के बाद तीन प्रकरण प्रकाश में आए जिनमें लाभार्थियों से भिन्न व्यक्तियों का खाता रि-वेरीफाई किया गया है।


कुछ रुपये देकर बाकी खुद रख लेते थे

गैंग पूरी तरह से लोगों को मैनेज करके काम कर रहा था। कंप्यूटर ऑपरेटर चिह्नित लोगों के खाते में रकम डालते थे। इसकी जानकारी बिचौलियों के रूप में लगे अन्य लोग करते थे। ये लोग खाताधारकों के पास जाते थे और बताते थे कि उनके खाते में प्रधानमंत्री योजना की तरफ से रकम आई है। उस व्यक्ति को वे लोग जनसेवा केंद्र तक ले जाते थे। अंगूठा लगाकर रकम उनके खाते से निकलवा लेते थे। कुछ लोगों की जनसेवा संचालकों से मिलीभगत रहती थी। रकम निकालने के बाद खाताधारक को एक हजार से दो हजार रुपये दे दिए जाते थे। उनसे मुंह बंद रखने के लिए भी कहते थे। जांच के बाद 2390 खाताधारकों के खाते सीज किए गए और उनसे रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रक्रिया शुरू हुए दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन महज 20 लाख के आसपास ही रिकवरी हो पाई है। विभाग में हुए घोटाले की वजह से प्रशासन की फजीहत हो रही थी। सीएम डैशबोर्ड में जिले की 63 वीं रैंक आने के बाद डीएम उमेश प्रताप सिंह ने इस मामले में जिला समाज कल्याण विभाग को एफआईआर कराने के निर्देश दिए थे। मंगलवार देरशाम मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

डीएम के निर्देश के बाद वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। मामले में पुलिस जांच करके आगे की कार्रवाई करेगी। - वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी





जिला समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। - बीएस वीर कुमार, सीओ सिटी


पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार



वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में प्रथमदृष्टया जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार पर अब गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। वह निलंबित तो चल ही रहे हैं। सीओ सिटी बीएस वीरकुमार ने बताया कि अभी पुलिस की विवेचना शुरू हुई है। आवश्यकता पड़ती है तो घोटाले में संलिप्त अन्य आठ लोगों की भी गिरफ्तारी की जा सकती है।
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